शिक्षकों की गैरहाजिरी पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार को दिए बड़े निर्देश
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शिक्षकों की गैरहाजिरी पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार को दिए बड़े निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्ती दिखाई है। न्यायमूर्ति पी.के. गिरी की पीठ ने बांदा की अध्यापिका इंदिरा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव, एसीएस बेसिक व अन्य अधिकारियों को स्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 के तहत शिक्षा पाने के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने डिजिटल अटेंडेंस और जिला-स्तरीय टास्क फोर्स की व्यवस्था लागू करने को कहा है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती: यूपी के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति होगी डिजिटल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति पी.के. गिरी की पीठ ने बांदा जनपद की शिक्षिका इंदिरा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाए। बच्चों के मौलिक अधिकारों के हनन पर चिंता कोर्ट ने कहा कि बच्चों के लिए शिक्षा पाना उनका मौलिक अधिकार है, और अध्यापकों की गैरहाजिरी इस अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने टिप्पणी की— “गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः, गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नमः।”कोर्ट ने यह उद्धरण देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता हैं, उनकी अनुपस्थिति बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है। डिजिटल अटेंडेंस और टास्क फोर्स के आदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, एसीएस बेसिक और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था करें। साथ ही, जिला और ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स गठित की जाए ताकि उपस्थिति की निगरानी की जा सके। बांदा से जुड़ा मामला मामले में याची शिक्षिका इंदिरा देवी कंपोजिट स्कूल तिंदवारी, बांदा में तैनात हैं। आरोप है कि 30 अगस्त 2025 को डीएम के निरीक्षण के दौरान वह स्कूल में अनुपस्थित थीं। बीएसए बांदा ने इस पर कार्रवाई की थी, जिसे शिक्षिका ने कोर्ट में चुनौती दी। सरकार की तैयारी और चुनौतियाँ यूपी सरकार ने पहले भी बेसिक स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन शिक्षक संघों के विरोध के चलते इसे रोक दिया गया था। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकती है। हालांकि, शिक्षकों के सामने पहले से ही टीईटी अनिवार्यता जैसी चुनौतियाँ हैं, जिनके बीच डिजिटल अटेंडेंस एक नई जिम्मेदारी के रूप में जुड़ सकती है। शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रभाव कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की गैरमौजूदगी से बच्चों की उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। गरीब बच्चे निजी ट्यूशन का खर्च नहीं उठा सकते, इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को करेगी।

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अखिलेश यादव के बयान पर भड़के जगदम्बिका पाल, बोले – “सनातन संस्कृति पर हमला बर्दाश्त नहीं”

डुमरियागंज नगर पंचायत कार्यालय में दीपावली की पूर्व संध्या पर रविवार को उपहार वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि सांसद जगदम्बिका पाल ने सफाई कर्मियों को मिठाई और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के समर्पण को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस दौरान सांसद पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के दीपावली संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दीपावली सनातन संस्कृति और अच्छाई की विजय का प्रतीक है, ऐसे में उसका विरोध निंदनीय है। कार्यक्रम में नगर पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डुमरियागंज में दीपावली पर स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया डुमरियागंज नगर पंचायत कार्यालय में रविवार को दीपावली की पूर्व संध्या पर एक विशेष उपहार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदम्बिका पाल शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत के सफाई और स्वच्छता कर्मियों को मिठाई और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। सांसद पाल ने कहा कि सफाई कर्मियों का योगदान समाज के लिए प्रेरणा है और उनकी मेहनत से ही नगर स्वच्छ और सुंदर दिखता है। अखिलेश यादव के बयान पर बोले सांसद पाल कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में सांसद पाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दीपावली पर दिए जलाने को “फिजूलखर्ची” बताना आपत्तिजनक है। पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है, जो न केवल सनातन संस्कृति का प्रतीक है बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहा है। “दीपावली अच्छाई की जीत का प्रतीक है” – जगदंबिका पाल सांसद पाल ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी का त्योहार नहीं बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान सनातन संस्कृति के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण दर्शाता है, जो समाज में गलत संदेश देता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रामकुमार उर्फ चिंकू यादव, सच्चिदानंद पाण्डेय, कमलेश चौरसिया, राजू पाल, राजेश द्विवेदी, कसीम पाल, माधुरी सोनी, मोनी पाण्डेय, और नंदनी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मियों को दीपावली की शुभकामनाएँ दी गईं।

सांसद ने किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, मैराथन में उमड़ा जनसैलाब
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सांसद ने किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, मैराथन में उमड़ा जनसैलाब

बांसी तहसील के जनता इंटर कॉलेज असिधवा में सांसद खेल महोत्सव 2025 का शुभारंभ भव्य मैराथन दौड़ से हुआ। सांसद जगदंबिका पाल ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ किया, जिसमें करीब 1800 बालक-बालिकाओं और खेल प्रेमियों ने भाग लिया। बालिका वर्ग में 1300 प्रतिभागियों ने एक साथ दौड़ लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि 500 बालकों ने उत्साह बढ़ाया। विजेताओं को सांसद ने मेडल व नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कॉलेज परिसर में कॉमन हॉल निर्माण की घोषणा भी की। आयोजन का संयोजन प्रिंस शर्मा और अमरेंद्र प्रताप सिंह ने किया। असिधवा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ मैराथन दौड़ से बांसी तहसील के जनता इंटर कॉलेज असिधवा में शनिवार को सांसद खेल महोत्सव 2025 का शुभारंभ भव्य मैराथन दौड़ के साथ हुआ। मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने हरी झंडी दिखाकर खिलाड़ियों को रवाना किया। इस दौड़ में करीब 1800 बालक-बालिकाओं और खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। 1300 बालिकाओं ने बनाया नया रिकॉर्ड मैराथन के दौरान बालिका वर्ग का जोश देखने लायक था। करीब 1300 बालिकाओं ने एक साथ दौड़ लगाकर क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया। तत्पश्चात लगभग 500 बालकों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दौड़ पूरी की। विजेताओं को मिला सम्मान और पुरस्कार सांसद जगदंबिका पाल ने बालक एवं बालिका वर्ग के 11-11 विजेताओं को मेडल और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “खेल जीवन में अनुशासन, ऊर्जा और एकता की भावना को सशक्त बनाते हैं।” सांसद ने खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज परिसर में एक कॉमन हॉल निर्माण की घोषणा भी की। स्थानीय उत्साह और आयोजन टीम की भूमिका आयोजन का संयोजन प्रिंस शर्मा और अमरेंद्र प्रताप सिंह ने किया, जबकि संचालन डॉ. अरुण कुमार प्रजापति ने संभाला। इस मौके पर प्रधानाचार्य सुनील कुमार, भाजपा नेता राजेंद्र पांडेय, सांसद प्रतिनिधि रिंकू पाल, शैलेंद्र द्विवेदी, राम भुआल निषाद सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और खेल प्रशिक्षक मौजूद रहे।स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन को ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और जागरूकता का प्रतीक बताया।

सिद्धार्थनगर में पत्रकारों में आक्रोश, हल्लौर चोरी मामले में पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में पत्रकारों में आक्रोश, हल्लौर चोरी मामले में पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

डुमरियागंज तहसील के हल्लौर गाँव में पत्रकार असगर ज़मील रिजवी के घर 10-11 अक्टूबर की रात हुई चोरी का खुलासा न होने पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील इकाई डुमरियागंज ने कड़ी नाराजगी जताई है। तहसील अध्यक्ष राजेश पांडेय के नेतृत्व में पत्रकारों ने एसडीएम राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। घटना में तीन लाख रुपये से अधिक की नकदी व जेवर चोरी हुए थे। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि छह दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में खुलासा न हुआ तो पत्रकार आंदोलन करने को बाध्य होंगे। हल्लौर में पत्रकार के घर चोरी का खुलासा न होने पर पत्रकारों में रोष डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर):हल्लौर गाँव में पत्रकार असगर ज़मील रिजवी के घर 10-11 अक्टूबर की रात हुई चोरी की वारदात का अभी तक खुलासा न होने से पत्रकारों में भारी नाराजगी है। तहसील अध्यक्ष के नेतृत्व में एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, डुमरियागंज के तहसील अध्यक्ष राजेश पांडेय के नेतृत्व में स्थानीय पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने कहा कि चोरी की घटना में करीब तीन लाख रुपये की नकदी और जेवरात चोरी हुए हैं। छह दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ संगठन ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन घटना के छह दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। इससे पत्रकारों में पुलिस के प्रति गहरा असंतोष है। आंदोलन की चेतावनी संगठन ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में चोरी का खुलासा नहीं होता, तो सभी पत्रकार एकजुट होकर भव्य आंदोलन करेंगे। पत्रकारों की मांग पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी किए गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना बहाल हो सके। ज्ञापन के दौरान उपस्थित पत्रकार ज्ञापन सौंपने के दौरान संरक्षक ठाकुर प्रसाद मिश्रा, संजय त्रिपाठी, रविंद्र कुमार गुप्ता, महामंत्री अफ़ज़ान फारुकी, काजी रहमतुल्लाह उर्फ शब्बन, राकेश यादव, मनोज कुमार शुक्ला, वसीम अकरम, काजी फरीद, तौकीर असलम, अंकित अग्रहरि, सूरज श्रीवास्तव, महफूज़ आदि पत्रकार मौजूद रहे।

‘कर्ण’ का किरदार निभाने वाले पंकज धीर का कैंसर से हुआ निधन
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‘कर्ण’ का किरदार निभाने वाले पंकज धीर का कैंसर से हुआ निधन

Pankaj Dheer News : सिनेमा और टीवी जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता पंकज धीर का 15 अक्टूबर 2025 को मुंबई में निधन हो गया। 68 वर्ष की उम्र में उन्होंने लंबी बीमारी, कैंसर, से जूझने के बाद अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के अनुसार, पंकज धीर बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में कर्ण की भूमिका से प्रसिद्ध हुए थे। उनके निधन से बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। दोस्त और अभिनेता फिरोज खान व अमित बहल ने उनके निधन की पुष्टि की। पंकज धीर का अंतिम संस्कार विले पार्ले (मुंबई) में शाम 4:30 बजे किया गया। बॉलीवुड और टीवी जगत में शोक की लहर — पंकज धीर नहीं रहे ‘महाभारत’ में कर्ण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता पंकज धीर का 15 अक्टूबर को मुंबई में निधन हो गया। वे 68 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इलाज के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर ने टीवी और फिल्म इंडस्ट्री दोनों को गमगीन कर दिया है। दोस्तों और सेलेब्स ने जताया दुख पंकज धीर के दोस्त और अभिनेता फिरोज खान (जिन्होंने ‘महाभारत’ में अर्जुन का रोल निभाया था) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने मित्र के निधन की पुष्टि की। उन्होंने लिखा – “अलविदा मेरे दोस्त, हम तुम्हें हमेशा याद करेंगे।”वहीं, अभिनेता अमित बहल ने भी मीडिया से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) ने बयान जारी कर कहा कि “पंकज धीर इंडस्ट्री के सच्चे मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत थे।” पंकज धीर का करियर और योगदान पंकज धीर ने टीवी और फिल्मों दोनों में शानदार अभिनय किया। उन्होंने ‘महाभारत’, ‘चंद्रकांता’, ‘द ग्रेट मराठा’ जैसे धारावाहिकों में अहम भूमिकाएँ निभाईं। फिल्मों में उन्होंने ‘सड़क’, ‘बादशाह’, और ‘सोल्जर’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया।हालांकि ‘महाभारत’ में उनका कर्ण का किरदार आज भी अमर है। रोचक बात यह है कि उन्होंने पहले अर्जुन की भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन बाद में बीआर चोपड़ा ने उन्हें कर्ण के रूप में कास्ट किया — और वही रोल उनके करियर की पहचान बन गया। परिवार और निजी जीवन पंकज धीर अपने पीछे पत्नी अनीता धीर, बेटे निकितिन धीर, और बहू कृतिका सेंगर को छोड़ गए हैं। निकितिन भी जाने-माने एक्टर हैं और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ में थंगाबली की भूमिका के लिए मशहूर हैं। उन्होंने भी अपने पिता की तरह कई माइथोलॉजिकल शोज़ में काम किया है, जिनमें ‘श्रीमद रामायण’ में रावण का किरदार विशेष रूप से सराहा गया। अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि पंकज धीर का अंतिम संस्कार विले पार्ले (मुंबई) में शाम 4:30 बजे किया गया। उनके निधन पर सोशल मीडिया पर फैंस और सेलेब्स ने श्रद्धांजलि दी। लोग लिख रहे हैं — “कर्ण चला गया, पर उसकी पहचान हमेशा जिंदा रहेगी।”फिल्म और टीवी इंडस्ट्री दोनों के लिए यह एक अपूर्णीय क्षति है। पंकज धीर news आज हर प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रही है, और उनके योगदान को याद किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने तीन वर्ष पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए दिया निर्देश
सिद्धार्थनगर

जिलाधिकारी ने तीन वर्ष पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए दिया निर्देश

सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में राजस्व वाद और वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव व ज्ञान प्रकाश सहित सभी उपजिलाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने निर्देश दिया कि तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों का प्रतिदिन सुनवाई कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। वरासत, अंश निर्धारण व बंटवारा के सभी प्रकरण समय सीमा में निपटें। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पत्थर लगवाएं। राजस्व वसूली लक्ष्य पूर्ण करें। साथ ही खाद दुकानों के निरीक्षण और आईजीआरएस प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक, राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश सिद्धार्थनगर। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में राजस्व वाद एवं वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, तथा सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों का निस्तारण अनिवार्य जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धारा 116 व अन्य धाराओं के अंतर्गत तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्रतिदिन सुनवाई कर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तहसील में लंबित प्रकरणों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्विवाद वरासत के मामलों का भी समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। राजस्व वसूली और अतिक्रमण पर सख्ती डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य को पूर्ण करें तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पत्थर लगवाएं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सभी उपजिलाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कार्यों की समीक्षा बैठक करें। खाद दुकानों का निरीक्षण और आईजीआरएस प्रकरणों पर ध्यान डॉ. राजागणपति ने सभी अधिकारियों को खाद दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आईजीआरएस (जनशिकायत पोर्टल) पर आने वाले प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासनिक दक्षता पर जोर बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता ही सुशासन की पहचान है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतों का समाधान समय पर और निष्पक्ष रूप से हो।

मिशन शक्ति 5: बेटियों को सशक्त बनाने की अनोखी पहल, सीमा देवी बनीं एक दिन की एसडीएम
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मिशन शक्ति 5: बेटियों को सशक्त बनाने की अनोखी पहल, सीमा देवी बनीं एक दिन की एसडीएम

डुमरियागंज तहसील में मिशन शक्ति 5 के अंतर्गत कुड़ी गांव की छात्रा सीमा देवी को शनिवार को एक दिन का एसडीएम बनाया गया। सीमा ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुड़ी से 88.33% अंक प्राप्त किए थे। उनके पिता अनिल गुप्ता मुंबई में मजदूरी करते हैं जबकि माता पुष्पा देवी गृहिणी हैं। सीमा ने एसडीएम राजेश कुमार, तहसीलदार रवि कुमार यादव और नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह के साथ कार्यालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बुके और उपहार देकर सम्मानित किया। सीमा ने कहा कि वह भविष्य में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। मिशन शक्ति 5 के तहत बेटियों को सशक्त बनाने की पहल डुमरियागंज तहसील में मिशन नारी शक्ति 5 के अंतर्गत कुड़ी गांव की मेधावी छात्रा सीमा देवी को शनिवार को एक दिन के लिए उपजिलाधिकारी बनाया गया। सीमा ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुड़ी से हाईस्कूल परीक्षा में 88.33% अंक प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। मेहनतकश परिवार से निकली मेधावी बिटिया सीमा देवी के पिता अनिल गुप्ता मुंबई में मेहनत-मजदूरी करते हैं जबकि माता पुष्पा देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सीमा ने लगन और परिश्रम से यह सफलता हासिल की। एक दिन की एसडीएम बनी सीमा, अधिकारियों ने किया सम्मान सीमा ने डुमरियागंज एसडीएम कार्यालय का भ्रमण किया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से देखा। एसडीएम राजेश कुमार, तहसीलदार रवि कुमार यादव और नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह ने उन्हें बुके और उपहार देकर सम्मानित किया। यूपीएससी में जाने का सपना सीमा ने बताया कि वह भविष्य में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं ताकि समाज की सेवा कर सकें। उनके इस सपने ने गांव की अन्य बेटियों को भी प्रेरित किया है।

डुमरियागंज क्षेत्र में फिर हुई चोरी की वारदात, पत्रकार के घर से लाखों का सामान चोरी
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डुमरियागंज क्षेत्र में फिर हुई चोरी की वारदात, पत्रकार के घर से लाखों का सामान चोरी

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के हल्लौर गांव में शुक्रवार-शनिवार की रात अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। पत्रकार सैय्यद असगर जमील रिजवी के घर के चैनल का ताला तोड़कर चोर करीब पच्चीस हजार रुपये नगद और साढ़े चार लाख के जेवरात ले गए। शनिवार सुबह परिवार के जागने पर घटना का पता चला। पीड़ित ने डुमरियागंज पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम चोरी का खुलासा जल्द करने का प्रयास कर रही है। हल्लौर में चोरी की वारदात, पत्रकार के घर से पांच लाख की संपत्ति चोरी डुमरियागंज थाना क्षेत्र के हल्लौर गांव में शुक्रवार-शनिवार की रात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पत्रकार सैय्यद असगर जमील रिजवी के घर के चैनल का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कीमती जेवरात व नगदी पर हाथ साफ कर दिया। जेवरात और नगदी समेत पांच लाख की चोरी पीड़ित के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य रात का खाना खाने के बाद सो गए थे। सुबह करीब छह बजे जब वे जगे, तो चैनल का ताला टूटा हुआ मिला। कमरे में कपाट खुले थे, लाकर टूटा था और सामान बिखरा पड़ा था। कपाट से दो नेकलेस, बाली, झाला, अंगूठी, छह पायल, चांदी का सिक्का और करीब बीस हजार रुपये नगद चोरी हो गए। कुल नुकसान लगभग पांच लाख रुपये का बताया गया है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी घटना की जानकारी मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही चोरी का खुलासा कर दिया जाएगा। स्थानीयों में दहशत, सुरक्षा पर सवाल इस चोरी की वारदात से हल्लौर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और रात्रिकालीन निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने बीएड अभ्यर्थियों के लिए खोला प्राइमरी टीचिंग का रास्ता
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उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने बीएड अभ्यर्थियों के लिए खोला प्राइमरी टीचिंग का रास्ता

उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले बीएड डिग्री धारकों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में Professional Development Programme for Elementary Teachers (PDPET) ब्रिज कोर्स को मंजूरी दे दी है। यह छह महीने का कोर्स NIOS द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसकी आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होगी। इस कोर्स को पूरा करने के बाद बीएड डिग्रीधारी अब बीटीसी/डीएलएड के समकक्ष माने जाएंगे और कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के पात्र होंगे। प्रशिक्षण दिसंबर 2025 से मई 2026 तक चलेगा। योगी सरकार का बड़ा फैसला: बीएड डिग्रीधारकों के लिए शुरू होगा PDEPT ब्रिज कोर्स उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले बीएड डिग्रीधारकों को राहत देने वाला बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने Professional Development Programme for Elementary Teachers (PDPET) यानी छह महीने के ब्रिज कोर्स को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त करेगा और हजारों अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार हुआ ब्रिज कोर्स पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) में पढ़ाने के पात्र नहीं होंगे। केवल बीटीसी या डीएलएड धारक ही ऐसा कर सकेंगे। इस फैसले से बीएड उम्मीदवार अपात्र हो गए थे, जिससे प्रदेश में व्यापक असंतोष था। अब योगी सरकार के इस निर्णय से उन्हें फिर से पात्रता का अवसर मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया और अवधि NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) इस ब्रिज कोर्स का संचालन करेगा। PDEPT कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर 2025 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार dledbr.nios.ac.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छह महीने के इस ऑनलाइन कोर्स की ट्रेनिंग दिसंबर 2025 से मई 2026 तक चलेगी। क्या सिखाया जाएगा कोर्स में यह कोर्स प्राथमिक शिक्षा से संबंधित टीचिंग मैथड, कक्षा प्रबंधन, बाल मनोविज्ञान और शिक्षण कौशल पर आधारित है। इसे पूरा करने के बाद बीएड डिग्रीधारी उम्मीदवारों को बीटीसी/डीएलएड के बराबर मान्यता मिलेगी। अभ्यर्थियों में उत्साह सरकार के इस कदम से बीएड अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है। कई वर्षों से लंबित यह मामला अब हल हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा।

सर्पदंश से बचाव पर सिद्धार्थनगर में 50 चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण
सिद्धार्थनगर

सर्पदंश से बचाव पर सिद्धार्थनगर में 50 चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

राहत आयुक्त कार्यालय और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन एएनएमटीसी सेंटर, सीएमओ कैंपस सिद्धार्थनगर में किया गया। कार्यशाला में जिले के 50 चिकित्साधिकारियों ने भाग लिया। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने सर्पदंश के वैज्ञानिक व व्यवहारिक प्रशिक्षण पर जोर दिया। सर्पदंश कंसल्टेंट काव्या शर्मा ने तकनीकी रूपरेखा तैयार की। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ डॉ. ए.एस.के. भारती, डॉ. विजय प्रताप सिंह, डॉ. राजेश और डॉ. संतोष राय ने सर्पदंश की पहचान, उपचार और जागरूकता पर विस्तृत जानकारी दी। सर्पदंश न्यूनीकरण हेतु सिद्धार्थनगर में चिकित्साधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित सिद्धार्थनगर। राहत आयुक्त कार्यालय एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन एएनएमटीसी सेंटर, सीएमओ कैंपस में किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के 50 चिकित्साधिकारियों ने सहभागिता की। सर्पदंश के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सकों को वैज्ञानिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि त्वरित उपचार और सही पहचान ही सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोक सकती है। विशेषज्ञों ने दिए व्यवहारिक सुझाव राज्य स्तर के प्रबंधक शांतनु द्विवेदी ने कार्यक्रम का समन्वय किया, जबकि कंसल्टेंट काव्या शर्मा ने प्रशिक्षण की तकनीकी रूपरेखा तैयार की।मुख्य वक्ता डॉ. ए.एस.के. भारती ने कहा कि चिकित्सकों को सर्पदंश के मामलों में त्वरित निर्णय लेकर उपचार शुरू करना चाहिए। मास्टर ट्रेनर्स डॉ. विजय प्रताप सिंह, डॉ. राजेश, और डॉ. संतोष राय ने विषैले और गैर-विषैले सर्पों की पहचान के व्यावहारिक तरीके बताए। समुदाय में जागरूकता भी जरूरी विशेषज्ञों ने कहा कि चिकित्सकों की भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाना भी उतना ही आवश्यक है।आपदा विशेषज्ञ पुष्पांजलि सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि महामारी रोग विशेषज्ञ समीर कुमार सिंह ने भूमिका प्रस्तुत की।कार्यक्रम की निगरानी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने जनपद स्तर पर तथा शासन स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।

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