अलका याग्निक बीमारी
मनोरंजन

अलका याग्निक ने क्यों छोड़े नए गाने, बीमारी बनी वजह

अलका याग्निक ने बताया कि वह दुर्लभ सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस से अब भी जूझ रही हैं, जिसके कारण उन्होंने नए प्रोजेक्ट्स लेना बंद कर दिया है।

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बिहार

बिहार 10वीं रिजल्ट 2026 के साथ अंक सुधार के विकल्प भी खुले

बिहार में आज बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया। छात्र matricbiharboard.com और result.biharboardonline.org पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। परिणाम के साथ टॉपर्स की सूची और आगे की प्रक्रियाओं को लेकर निर्देश भी जारी किए गए हैं। स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के विकल्प खुलने से छात्रों को अंक सुधार और अगले सत्र में प्रवेश का रास्ता मिलेगा। परिणाम जारी होने के साथ ही राज्यभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों की प्रतीक्षा समाप्त हो गई। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने स्पष्ट किया है कि छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अंक विवरण देख सकते हैं। टॉपर्स की घोषणा: संयुक्त रूप से पहला स्थान इस बार मैट्रिक परीक्षा 2026 में सिमुलतला की पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन प्रवीन ने 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। टॉपर्स की घोषणा के साथ ही बोर्ड ने मेरिट सूची भी जारी कर दी है। कैसे देखें BSEB 10वीं रिजल्ट 2026 छात्र matricbiharboard.com या result.biharboardonline.org पर जाकर ‘BSEB Matric Result 2026’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद रोल नंबर, रोल कोड और कैप्चा भरकर सबमिट करते ही परिणाम स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगा। परिणाम डाउनलोड या प्रिंट भी किया जा सकता है। स्कोरकार्ड में क्या जानकारी मिलेगी रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, माता-पिता का नाम, स्कूल/परीक्षा केंद्र, विषयवार अंक, प्रैक्टिकल अंक (यदि लागू हो), कुल अंक, प्रतिशत और परिणाम की स्थिति (उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण) स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। स्क्रूटिनी का मौका: 1 से 7 अप्रैल तक आवेदन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने बताया कि जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है, वे स्क्रूटिनी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन होगी। विशेष और कंपार्टमेंटल परीक्षा की सुविधा जो छात्र किसी विषय में असफल हुए हैं या अंक सुधारना चाहते हैं, उनके लिए मैट्रिक विशेष परीक्षा 2026 और कंपार्टमेंटल परीक्षा 2026 आयोजित की जाएगी। इन परीक्षाओं के लिए भी आवेदन 1 से 7 अप्रैल के बीच ही भरे जाएंगे। परिणाम के बाद क्या करें छात्र यदि स्कोरकार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है, तो छात्र तुरंत अपने स्कूल या बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के हेल्पलाइन माध्यम से संपर्क करें। समय पर सुधार प्रक्रिया पूरी करने से मार्कशीट में सही विवरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

सिद्धार्थनगर में 16.62 करोड़ की सड़क योजना का हुआ भूमिपूजन
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में 16.62 करोड़ की सड़क योजना का हुआ भूमिपूजन

सिद्धार्थनगर जिले के उसका ब्लॉक क्षेत्र में आज (शनिवार) को उसका–अजगरा–धर्म सिंहवा मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया। कपिलवस्तु के विधायक श्यामधनी राही ने मौके पर पहुंचकर परियोजना की शुरुआत कराई। करीब 16.62 करोड़ रुपये की इस योजना को क्षेत्र में लंबे समय से उठ रही मांग से जोड़ा जा रहा है। कछार इलाके के लोगों के लिए यह मार्ग स्थानीय आवागमन और दैनिक जरूरतों पर सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है। भूमिपूजन के साथ ही उसका–अजगरा–धर्म सिंहवा मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कार्य को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया। सिद्धार्थनगर जिले के उसका ब्लॉक क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्यामधनी राही ने परियोजना की अहमियत पर जोर दिया। सड़क परियोजना से कछार क्षेत्र को राहत की उम्मीद करीब 16 करोड़ 62 लाख 78 हजार रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क को लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख जरूरत माना जा रहा था। कछार क्षेत्र के गांवों में खराब सड़क और संकरी पटरी के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के बाद स्थानीय लोगों को दैनिक आवागमन में आसानी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विधायक ने विकास प्राथमिकताओं को बताया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के सुधरने से न केवल आवागमन बेहतर होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी भूमिपूजन कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अजगरा रामकेवल शर्मा, ग्राम प्रधान लक्षनपुर उमेश पाण्डेय, ग्राम प्रधान तालनटवा राम किशुन यादव, ग्राम प्रधान करमा लवकुश राजभर, विधायक प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही, सभासद मनीष जायसवाल, संदीप दुबे, संजय सहानी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। लंबे समय से उठ रही मांग अब पूरी स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी। मार्ग की खराब स्थिति के कारण खासकर बरसात के समय आवाजाही प्रभावित होती थी। अब परियोजना के शुरू होने से क्षेत्रवासियों में राहत और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। आगे क्या होगा भूमिपूजन के बाद अब निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर कार्य की निगरानी और समयबद्ध पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

सिद्धार्थनगर में नव निर्माण के 9 वर्ष कार्यक्रम का हुआ आयोजन, मंत्री अनिल राजभर ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में नव निर्माण के 9 वर्ष कार्यक्रम का हुआ आयोजन, मंत्री अनिल राजभर ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

सिद्धार्थनगर में मंगलवार को लोहिया कला भवन में “नव निर्माण के 9 वर्ष” कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी0एन0 और पुलिस अधीक्षक डा0 अभिषेक महाजन समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई और लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर रहा। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव और आगे की कार्यवाही को लेकर संकेत दिए गए। कार्यक्रम का आयोजन और प्रशासनिक मौजूदगी लोहिया कला भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद स्तर का प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि एक साथ मंच पर नजर आए। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी0एन0 ने मुख्य अतिथि श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर का स्वागत किया, जबकि मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अन्य जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। मंत्री अनिल राजभर ने रखी सरकार की उपलब्धियां मुख्य अतिथि अनिल राजभर ने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार के 11 वर्ष और प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गरीब परिवारों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे जीवन स्तर में सुधार हुआ है। उन्होंने बिजली आपूर्ति, आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क इलाज, किसान सम्मान निधि और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कदमों का उल्लेख किया। विधायक और जिलाध्यक्ष ने भी रखे अपने विचार विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। उन्होंने आवास योजना, उज्ज्वला योजना और मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाओं को जनपद के लिए महत्वपूर्ण बताया। जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मौर्या ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत रोजगार सृजन और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों का जिक्र किया। योजनाओं का वितरण और लाभार्थियों को लाभ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ वितरित किए गए। इसमें आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबी, स्वयं सहायता समूहों को चेक, युवा उद्यमियों को ऋण, टूल किट और दिव्यांगजनों को उपकरण दिए गए। इसके अलावा टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 185 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तिका का विमोचन किया गया और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। सांस्कृतिक दलों ने भी कार्यक्रम के दौरान योजनाओं के प्रचार-प्रसार को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल अधिकारी और विभाग इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने स्कूल से फूड प्लाजा तक, एक दिन में कई निर्माण व व्यवस्थाओं की समीक्षा की
सिद्धार्थनगर

जिलाधिकारी ने स्कूल से फूड प्लाजा तक, एक दिन में कई निर्माण व व्यवस्थाओं की समीक्षा की

सिद्धार्थनगर में सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में कई निर्माण कार्यों और संस्थानों का निरीक्षण किया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के निर्माणाधीन भवन, राप्ती नदी किनारे फूड प्लाजा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख दिखाया। कुछ जगहों पर लापरवाही सामने आने पर तत्काल निर्देश जारी किए गए, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्माण कार्यों की प्रगति पर सीधे निगरानी डुमरियागंज तहसील में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के नए भवन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने स्टीमेट और एमबी का मिलान कराया। मौके पर निर्माण कार्य लगभग 65 प्रतिशत पूर्ण पाया गया। भवन के कमरों का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था यू0पी0सीएलडीएफ के जेई को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। प्रशासन ने संकेत दिया कि देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राप्ती किनारे बन रहे फूड प्लाजा और ओपन जिम पर फोकस नगर पंचायत डुमरियागंज द्वारा राप्ती नदी के किनारे विकसित किए जा रहे फूड प्लाजा और ओपन जिम का भी जिलाधिकारी ने मौके पर जायजा लिया। यहां अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत डुमरियागंज को निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराते हुए फूड प्लाजा की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। साथ ही ओपन जिम को भी शीघ्र तैयार कर आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। स्थानीय स्तर पर यह परियोजनाएं सार्वजनिक सुविधा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। विद्यालय निरीक्षण में सामने आई लापरवाही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, डुमरियागंज के औचक निरीक्षण के दौरान स्थिति अलग नजर आई। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में शिक्षिका अर्चना यादव, सीमा वर्मा, शकुन्तला यादव और मुख्य रसोइया गीता यादव अनुपस्थित पाई गईं। वार्डेन आशा गुप्ता के अनुपस्थित होने पर बताया गया कि वह ट्रेनिंग में हैं, लेकिन कोई स्वीकृत आदेश उपलब्ध नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने वार्डेन समेत सभी अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण लेने और एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। पढ़ाई और व्यवस्थाओं की भी जांच निरीक्षण के दौरान कक्षा 6, 7 और 8 की छात्राओं से पढ़ाई की स्थिति जानी गई और उनसे हिंदी की किताब पढ़वाई गई। विद्यालय में कुल 100 छात्राओं के नामांकन के मुकाबले 72 छात्राएं उपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने, शिक्षकों की समय से उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर जोर दिया। साथ ही किचन, पेयजल व्यवस्था और सीसीटीवी सिस्टम की भी जांच की गई। प्रशासन का स्पष्ट संदेश पूरे निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया कि विकास कार्यों और शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और विद्यालयों में अनुशासन व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ अब स्थानीय प्रशासन की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।

सिद्धार्थनगर महिला थाना मिशन शक्ति फेज 5
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर महिला थाना टीम की पहल से तलाक की कगार पर पहुंचे 14 जोड़ों का हुआ समझौता, साथ हुए विदा

सिद्धार्थनगर महिला थाना में मिशन शक्ति के तहत 14 दंपतियों की काउंसलिंग कर सुलह कराई गई, सभी ने लिखित समझौते के बाद साथ रहने पर सहमति जताई।

कमर्शियल LPG सप्लाई LPG आवंटन 50 प्रतिशत
देश

कमर्शियल LPG आवंटन 50% हुआ, होटल-रेस्टोरेंट को राहत

केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने का फैसला लेते हुए 23 मार्च से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आवंटन 50 प्रतिशत तक कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह आदेश सभी मुख्य सचिवों को जारी किया है। वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती मांग के बीच यह कदम उठाया गया है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। प्राथमिकता वाले सेक्टर और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। आपूर्ति बढ़ाने का फैसला और लागू होने की समयसीमा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल द्वारा जारी निर्देशों के तहत 23 मार्च से कमर्शियल एलपीजी का आवंटन तत्काल प्रभाव से बढ़ाया जा रहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी दिया जाएगा, जिससे कुल आपूर्ति प्री-क्राइसिस स्तर के करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। किन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता मंत्रालय ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता सूची में रखा है जहां एलपीजी की मांग अधिक है। इसमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी सब्सिडी वाले कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर भी प्राथमिकता में रखे गए हैं। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। ऊर्जा संकट और बढ़ती मांग का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग बढ़ी है और सप्लाई पर दबाव बना है। सरकार का कहना है कि इस स्थिति में घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। PNG की ओर शिफ्ट और सप्लाई संतुलन मंत्रालय ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। इसके तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अनिवार्य किया जा रहा है, ताकि कमर्शियल सेक्टर धीरे-धीरे एलपीजी पर निर्भरता कम कर सके। साथ ही रिफाइनरियों में उत्पादन लगभग 38 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है और शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन किया गया है। निगरानी और कार्रवाई के निर्देश एलपीजी वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। देशभर में जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 3500 से अधिक छापेमारी की गई है, जिसमें करीब 1400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। तेल कंपनियों ने 2000 से ज्यादा पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों की जांच भी की है। राज्यों में लागू व्यवस्था और वर्तमान स्थिति करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र के निर्देशों के अनुरूप गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। अन्य राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह में लगभग 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की गई है, जिससे प्राथमिक सेक्टरों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। क्या होगा आगे सरकार का फोकस अब आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध चलाने पर है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी आपूर्ति संबंधी फैसले लिए जा सकते हैं।

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