आप प्रतिनिधिमंडल ने सिद्धार्थनगर में रेप पीड़िता से की मुलाक़ात, दिया न्याय का भरोसा
सिद्धार्थनगर

आप प्रतिनिधिमंडल ने सिद्धार्थनगर में रेप पीड़िता से की मुलाक़ात, दिया न्याय का भरोसा

जनपद सिद्धार्थनगर हाल ही में हुए ब्लैकमेलिंग और रेपकांड मामले में आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पीड़िता से मिला। महिला प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव, प्रांतीय अध्यक्ष इमरान लतीफ़ और जिलाध्यक्ष जलाल अहमद ने पीड़िता को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इमरान लतीफ़ ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। नीलम यादव ने कहा कि योगीराज में महिलाएं असुरक्षित हैं, अब सरकार की जिम्मेदारी है कि पीड़िता को न्याय मिले। सिद्धार्थनगर में रेपकांड पीड़िता से आम आदमी पार्टी प्रतिनिधिमंडल की मुलाक़ात नीलम यादव बोलीं – योगीराज में महिलाएं असुरक्षित, सरकार दे न्याय सिद्धार्थनगर । हाल ही में सामने आए ब्लैकमेलिंग और रेपकांड मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सिद्धार्थनगर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाक़ात कर उन्हें कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक सहयोग का आश्वासन दिया। दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सड़क पर उतरेगी AAP प्रांतीय अध्यक्ष इमरान लतीफ़ ने कहा कि यह मामला केवल एक महिला के साथ अन्याय का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोरने वाला है। अगर प्रशासन ने तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी नहीं की, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर जनआंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनहीनता स्पष्ट दिख रही है। नीलम यादव ने कहा – “अब बारी सरकार की है” महिला प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव ने कहा कि पीड़िता ने साहस का परिचय दिया है और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि पार्टी हर उस महिला के साथ खड़ी है जिसे व्यवस्था ने ठुकराया है। यदि प्रशासन बहानेबाज़ी करता है, तो महिलाएं आम आदमी पार्टी के झंडे तले सड़कों पर उतरेंगी। जिला स्तर पर निगरानी और संभावित धरना जिलाध्यक्ष जलाल अहमद ने बताया कि पार्टी इस प्रकरण की प्रगति पर लगातार नज़र रखेगी। यदि न्याय में देरी हुई, तो जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। पृष्ठभूमि और संदर्भ सिद्धार्थनगर का यह मामला प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। आम आदमी पार्टी पार्टी नेताओं ने कहा कि वे पीड़िता को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे।

सिद्धार्थनगर में ट्रक ने रौंदी लगभग 140 भेड़ें, सांसद ने दी व्यक्तिगत ₹ 50,000 की मदद
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में ट्रक ने रौंदी लगभग 140 भेड़ें, सांसद ने दी व्यक्तिगत ₹ 50,000 की मदद

सिद्धार्थनगर जिले के भरौली में शुक्रवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर एक भीषण हादसा हुआ, जब एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पार कर रहे लगभग 140 भेड़ों को कुचल दिया। हादसे में लगभग 90 भेड़ों की मौत हो गई और चालक फरार हो गया। ये भेड़ें स्थानीय पशुपालक चिनगुद की थीं। सूचना पर पुलिस पहुंची और ट्रक को कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया। सांसद जगदंबिका पाल रात में मौके पर पहुंचे, पीड़ित परिवार को ₹50,000 की मदद दी और प्रशासन को सहायता के निर्देश दिए। भरौली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा हादसा, ट्रक की चपेट में आईं 140 भेड़ें, पशुपालक को भारी नुकसान सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के भरौली में शुक्रवार की रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पार कर रही करीब 140 भेड़ों को कुचल दिया, जिससे लगभग 90 मौके पर ही मौत हो गई। ये भेड़ें स्थानीय पशुपालक चिनगुद की थीं, जिनके परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदी भेड़ें, चालक फरार लेकिन वाहन बरामद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक इतनी तेज गति में था कि चालक भेड़ों का झुंड देखकर भी वाहन नहीं रोक सका और सीधे उन्हें कुचल दिया। हादसे में पास से गुजर रहा एक मैजिक वाहन भी चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही ढेबरुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने फरार ट्रक को सोनौली सीमा के पास से पकड़ लिया। चालक की तलाश अभी जारी है। सांसद जगदंबिका पाल रात में पहुंचे स्थल पर, दी ₹50,000 की सहायता इस दर्दनाक हादसे की सूचना पाकर सांसद जगदंबिका पाल देर रात स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दृश्य अत्यंत व्यथित करने वाला था । सांसद ने मौके पर डॉक्टर को बुलवाया, जिन्होंने 47 घायल भेड़ों का इलाज किया। उन्होंने पीड़ित को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आजीविका पर संकट, ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के समय सड़क पर कई लोग मौजूद थे। यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। पशुपालक चिनगुद ने कहा कि इस घटना से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और अब परिवार के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और गति नियंत्रण की मांग की है।

बांसी में नवजात का शव मिला, मां ने प्रेमी पर लगाया हत्या का आरोप
सिद्धार्थनगर

बांसी में नवजात का शव मिला, मां ने प्रेमी पर लगाया हत्या का आरोप

सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार की रात गांव के पूरब स्थित सूखे तालाब के पास पॉलिथीन में एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने गुरुवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच में सामने आया कि शिशु की मां, जो विधवा है और पांच वर्षों से मायके में रह रही थी, ने अपने प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि युवक ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए और 23 अक्टूबर को जन्मे बच्चे को बीमार बताकर ले जाकर मार डाला। पुलिस जांच में जुटी है। बांसी में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, प्रेमी पर हत्या का आरोप सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गांव के पूरब स्थित सूखे तालाब के पास पॉलिथीन में बंद नवजात शिशु का शव मिला। शव मिलने की सूचना पर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मां ने लगाया प्रेमी पर हत्या का आरोप शिशु की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसके पति की मृत्यु के बाद वह पिछले पांच वर्षों से मायके में रह रही थी। इस दौरान गांव के ही एक युवक से उसका प्रेम संबंध बन गया था। युवक ने शादी का झांसा देकर 18 माह तक शारीरिक संबंध बनाए रखे। महिला ने बताया कि वह आठ महीने पहले गर्भवती हुई, लेकिन जब उसने शादी का दबाव बनाया, तो युवक बहाने बनाता रहा। 23 अक्टूबर को उसने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसे प्रेमी ने यह कहकर ले लिया कि बच्चा बीमार है और कुछ दिन अस्पताल में रखना पड़ेगा। शव मिलने पर खुला राज महिला ने बताया कि प्रेमी बार-बार यह कहता रहा कि बच्चा अस्पताल में है। बुधवार की रात ग्रामीणों ने गांव के पूरब सूखे तालाब के पास एक पॉलिथीन में नवजात का शव देखा। महिला ने मौके पर पहुंचकर अपने पुत्र की पहचान की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में जुटी प्रभारी निरीक्षक गौरव कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपी युवक की तलाश जारी है।

पत्नी ने पति को जिंदा जलाया, अवैध संबंध बना खौफनाक वजह
सिद्धार्थनगर

पत्नी ने पति को जिंदा जलाया, अवैध संबंध बना खौफनाक वजह

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में पत्नी ने अपने पति को सोते समय पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। बुधवार रात हुई इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे रामसंवारे को बेंवा सीएचसी से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बताया गया कि पत्नी पूनम का पास के गांव के एक युवक से संबंध था। घटना के बाद वह भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूरा क्षेत्र इस सनसनीखेज घटना से दहशत में है। सोते समय पति को जिंदा जलाया, डुमरियागंज में सनसनी सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पत्नी ने अपने पति पर सोते समय पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इससे युवक रामसंवारे गंभीर रूप से झुलस गया। परिवार के लोग शोर सुनकर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। घायल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अवैध संबंध बना हत्या का कारण सूत्रों के अनुसार आरोपी पत्नी पूनम का पास के ही गांव के एक युवक से अवैध संबंध था। इसी कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। घटना की रात भी विवाद हुआ, जिसके बाद पत्नी ने पेट्रोल डालकर पति को आग लगा दी। ग्रामीणों ने पकड़ी आरोपी पत्नी, पुलिस ने किया गिरफ्तार घटना के बाद पूनम भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। डुमरियागंज थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ जारी है और मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि ने दी जानकारी डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के कार्यालय प्रभारी कमलेश चौरसिया ने बताया कि घटना उनके ही गांव में घटी है। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से पुलिस को आरोपी महिला पकड़वाने में सहायता की। जांच में जुटी पुलिस थाना प्रभारी डुमरियागंज श्री प्रकाश ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिला है।तहरीर मिलने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।इस घटना से पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

डुमरियागंज राप्ती नदी तट पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज राप्ती नदी तट पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व

डुमरियागंज में छठ महापर्व की भव्यता सोमवार को राप्ती नदी तट पर देखने को मिली। दोपहर बाद से ही व्रती महिलाएं सूप और फल लेकर गीत गाती हुई घाट की ओर रवाना हुईं। शाम चार बजे तक छठ स्थल श्रद्धालुओं से भर गया। महिलाओं ने सूर्यास्त के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। नगर पंचायत ने घाट को दुलहन की तरह सजाया था, रोशनी, गोताखोर और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था रही। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। डुमरियागंज में राप्ती नदी तट पर छठ महापर्व का भव्य आयोजन डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। लोक आस्था के महान पर्व छठ का आयोजन सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ राप्ती नदी तट पर किया गया। दोपहर बाद से ही व्रती महिलाएं सूप और फल लेकर छठ गीत गाती हुई घाट की ओर रवाना हुईं। महिलाओं के साथ परिवार के सदस्य भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। सूर्यास्त के समय दिया गया पहला अर्घ्य शाम चार बजे तक छठ स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। महिलाओं ने वेदी पर पूजा-अर्चना करने के बाद सूर्यास्त के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि, धन-धान्य तथा जनकल्याण की कामना की। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। नगर पंचायत ने राप्ती नदी के तट को दुलहन की तरह सजाया श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत डुमरियागंज ने घाट पर विशेष व्यवस्था की थी। पूरे छठ स्थल को दुलहन की तरह सजाया गया था। विशाल पांडाल, पर्याप्त रोशनी, दिशानिर्देश बोर्ड, गोताखोर और पुलिस बल की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। राप्ती पुल के पहले बड़े वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी ताकि यातायात सुचारु रहे। जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा कार्यक्रम के दौरान डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा, एसडीएम राजेश कुमार और ईओ सचिन कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए हैं। राप्ती नदी का यह घाट इन दिनों छठ की आस्था और लोक संस्कृति का प्रतीक बन गया है।

सिद्धार्थनगर

बांसी तहसील परिसर में क्यों भड़की महिलाएं? जानिए पूरा मामला

सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील अंतर्गत शनिवार की देर रात जमानत कराने आई महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। मामला शेफ शॉप मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा है, जहां ककरही पुल के पास पैसे के लेनदेन को लेकर पहले मारपीट हुए घटना को लेकर जोगिया कोतवाली पुलिस ने संज्ञान लेकर दोनों पक्षों पर कार्रवाई की थी। जमानत के दौरान केवल एक पक्ष की रिहाई से नाराज़ महिलाओं ने तहसील परिसर में बवाल कर दिया।सूत्रों के अनुसार दूसरे पक्ष के जमानतदार न होने से जमानत न हो सका।मौके पर पहुंचे कई थानों की पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और हंगामा करने वाली महिलाओं को थाने ले गई। बांसी तहसील अंतर्गत महिलाओं का हंगामा, पुलिस ने स्थिति संभाली सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील में शनिवार के देर रात जमानत कराने आई महिलाओं ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और शांति व्यवस्था बिगड़ने लगी। शेफ शॉप मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा विवाद जानकारी के अनुसार, सभी महिलाएं शेफ शॉप मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत हैं। कुछ दिन पहले ककरही पुल के पास पैसे के लेनदेन को लेकर मारपीट हुआ था। उस मामले में जोगिया कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जमानत न होने पर भड़की महिलाएं बताया जा रहा है कि एक पक्ष की जमानत होने के बाद, दूसरे पक्ष की महिलाएं जमानतदार न मिलने के कारण भड़क गईं। इसके बाद उन्होंने तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी व हंगामा किया। पुलिस की सूझ बूझ से मामला हुआ शांत घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम निखिल चक्रवर्ती मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बांसी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह, शिवनगर प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव, और खेसरहा थानाध्यक्ष अनुप कुमार मिश्रा की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। तहसील बनी छावनी, पुलिस ने किया गिरफ्तार स्थिति नियंत्रण में आने तक तहसील परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हंगामा करने वाली महिलाओं को पुलिस थाने ले गई और आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई।

नहाय खाय से शुरू हुआ छठ पूजा (Chhath Puja), जानिए पूरी तिथि और कथा
उत्तर प्रदेश, लेटेस्ट न्यूज़

नहाय खाय से शुरू हुआ छठ पूजा (Chhath Puja), जानिए पूरी तिथि और कथा

वैदिक पंचांग के अनुसार, छठ पूजा (Chhath Puja) 2025 की शुरुआत 25 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ हो चुकी है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है और 36 घंटे का निर्जला व्रत सबसे कठिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि छठ मैया की पूजा से संतान सुख, पारिवारिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, छठी मैया प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न हुई थीं। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा प्रियंवद और रानी मालिनी की संतानहीनता के बाद देवी षष्ठी की आराधना से पुत्र की प्राप्ति हुई। तभी से छठ पूजा परंपरा शुरू हुई। छठ पूजा 2025 की शुरुआत: नहाय खाय के साथ आरंभ हुआ लोक आस्था का महापर्व वैदिक पंचांग के अनुसार, छठ पूजा 2025 (Chhath Puja 2025) की शुरुआत 25 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ हो चुकी है। यह महापर्व सूर्य उपासना और शुद्ध आस्था का प्रतीक माना जाता है। अगले चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में महिलाएं और पुरुष 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर सूर्यदेव और छठ मैया की पूजा करते हैं। छठ मैया की उत्पत्ति और धार्मिक महत्व मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि निर्माण के बाद देवी प्रकृति ने स्वयं को छह भागों में विभाजित किया। छठा अंश देवी षष्ठी या छठी मैया के रूप में जाना गया। इन्हें मानस पुत्री कहा जाता है और संतान की रक्षा व दीर्घायु के लिए पूजित किया जाता है। हिंदू परंपरा में बालक के जन्म के छठे दिन इनकी पूजा का विधान है। छठ पूजा की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, राजा प्रियंवद और रानी मालिनी संतान न होने से दुखी थे। ऋषि कश्यप की सलाह पर उन्होंने यज्ञ किया, जिसके फलस्वरूप मृत पुत्र की प्राप्ति हुई। दुखी राजा ने प्राण त्यागने का निर्णय लिया, तभी कन्या देवसेना प्रकट हुईं। उन्होंने कहा कि वे प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न हैं और षष्ठी कहलाती हैं। राजा ने उनकी पूजा की और जीवित पुत्र प्राप्त किया। तभी से छठ पूजा की परंपरा प्रारंभ हुई। कब है खरना और अर्घ्य का समय इस वर्ष 26 अक्टूबर 2025 को खरना (Kharna 2025) होगा, जब व्रती गुड़-चावल का प्रसाद ग्रहण करते हैं। 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन होगा। आस्था और लोक संस्कृति का संगम उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत देशभर में छठ पूजा का विशेष महत्व है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि लोक संस्कृति, शुद्धता और आत्मसंयम का अद्भुत प्रतीक भी है।

क्या FSSAI ने ORSL को बेचने की अनुमति दी? जानिए सच
देश, लेटेस्ट न्यूज़

क्या FSSAI ने ORSL को बेचने की अनुमति दी? जानिए सच

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और ORSL ड्रिंक को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 14 अक्टूबर को FSSAI ने सभी गैर-मानक ORS ड्रिंक्स पर बैन लगाया था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। इसी बीच बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष ने आरोप लगाया कि FSSAI ने ORSL कंपनी को पुराने हाई-शुगर स्टॉक बेचने की इजाजत दी है। हालांकि, FSSAI ने इसे “गलत दावा” बताते हुए खंडन किया और कहा कि कोर्ट के आदेश के कारण ही उत्पाद बाजार में बिक रहे हैं। असली ORS केवल WHO फॉर्मूले के अनुसार बनता है, जबकि कई ड्रिंक इससे भिन्न हैं। FSSAI और ORSL विवाद: सोशल मीडिया पर गलत दावों की पड़ताल सोशल मीडिया पर इस समय FSSAI और ORSL नामक ड्रिंक को लेकर गहरी बहस जारी है। कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ORSL को बाजार में बेचने की अनुमति दे दी है। लेकिन, प्राधिकरण ने इस दावे का सख्त खंडन करते हुए इसे “Misrepresentation of Facts” बताया है। 14 अक्टूबर के आदेश और हाईकोर्ट की रोक 14 अक्टूबर 2025 को FSSAI ने स्पष्ट आदेश जारी किया था कि जो भी पेय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के असली ORS फॉर्मूले पर आधारित नहीं हैं, वे अपने लेबल या नाम में “ORS” शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि ग्राहक भ्रमित न हों और दस्त से पीड़ित बच्चों को असली ORS की जगह गलत उत्पाद न मिलें।हालांकि, जॉनसन एंड जॉनसन की यूनिट JNTL (जो ORSL बनाती है) ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद FSSAI के आदेश पर अंतरिम रोक (Stay Order) लगा दी, जिसके चलते ORSL जैसे उत्पाद अभी बाजार में बिक रहे हैं। डॉ. शिवरंजनी संतोष का आरोप और FSSAI का जवाब हैदराबाद की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि FSSAI ने ORSL बनाने वाली कंपनी को अपने पुराने हाई-शुगर स्टॉक को बेचने की “सहमति” दी है। उन्होंने इसे “राष्ट्रीय शर्म” बताते हुए कहा कि बच्चों के लिए यह उत्पाद खतरनाक है।FSSAI ने अपने आधिकारिक पोस्ट में स्पष्ट किया कि उसने किसी भी कंपनी को ऐसा कोई अनुमति पत्र या सहमति नहीं दी है। प्राधिकरण ने कहा कि यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, और किसी को गलत जानकारी नहीं फैलानी चाहिए। असली ORS और नकली ड्रिंक्स में फर्क FSSAI और डॉक्टरों के अनुसार, असली ORS (Oral Rehydration Solution) WHO के फार्मूले के तहत तैयार किया जाता है, जिसमें नमक, सोडियम, पोटेशियम और सीमित मात्रा में डेक्सट्रोज़ होता है। यह शरीर में तरल पदार्थ की कमी को पूरा करता है।जबकि ORSL जैसे कई ड्रिंक्स में 10 गुना तक अधिक शुगर होती है और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बहुत कम होते हैं, जिससे दस्त से पीड़ित बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है। भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का एक प्रमुख कारण डायरिया है, इसलिए यह विवाद केवल कानूनी नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। आगे क्या? FSSAI ने कहा है कि वह ORSL जैसे सभी गैर-मानक उत्पादों को बाजार से हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद ही तय होगा कि इन ड्रिंक्स का भविष्य क्या होगा। फिलहाल उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे असली ORS और समान नाम वाले उत्पादों में फर्क समझें और डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करें।

तेलियाडीह में बाबा साहब की मूर्ति हुईं क्षतिग्रस्त,प्रशासन की तत्परता से हालात सामान्य
सिद्धार्थनगर

तेलियाडीह में बाबा साहब की मूर्ति हुईं क्षतिग्रस्त,प्रशासन की तत्परता से हालात सामान्य

बुधवार को सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेलियाडीह में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त पाई गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद पुलिस व प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से मूर्ति को ठीक कराया। सूचना मिलते ही पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि बाबा साहब करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और शांति व्यवस्था कायम है। तेलियाडीह में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति खंडित, पूर्व विधायक ने की कड़ी कार्रवाई की मांग सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेलियाडीह में बुधवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त पाई गई। ग्रामीणों ने जब मूर्ति को क्षतिग्रस्त दीवार के सहारे टिका देखा, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति को ठीक कराया सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से मूर्ति को तत्काल ठीक कराया। इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है और मामले की जांच की जा रही है। पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने जताई नाराज़गी घटना की जानकारी पाकर पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह भी तेलियाडीह पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रतीक हैं। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश: राघवेंद्र सिंह पूर्व विधायक ने घटना को समाज में नफरत फैलाने की साजिश बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति और आपसी भाईचारे बनाए रखने की अपील की। जांच जारी, क्षेत्र में शांति कायम पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और मामले की जांच गंभीरता से जारी है।

दिवाली की रात दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, बस्ती के बडौगी गांव में हड़कंप
उत्तर प्रदेश, लेटेस्ट न्यूज़

दिवाली की रात दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, बस्ती के बडौगी गांव में हड़कंप

बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के बडौगी गांव में दिवाली की रात नवविवाहिता आलिया खातून की संदिग्ध मौत ने गांव को दहला दिया। शादी के 11 महीने बाद ही उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मायके पक्ष ने पति मजहर अली व ससुरालवालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि नकद व बाइक की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस ने पहले आत्महत्या मानने की कोशिश की, पर FIR दर्ज होने के बाद 304B, 498A व 34 धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। दिवाली की रात दहेज की भेंट चढ़ी नवविवाहिता, बस्ती के बडौगी गांव में मातम बस्ती। जब देश दीपों की रौशनी में जश्न मना रहा था, तब बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के बडौगी गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नवविवाहिता आलिया खातून (पत्नी मजहर अली) का शव दिवाली की रात फांसी के फंदे पर लटका मिला। शादी के 11 महीने बाद संदिग्ध मौत आलिया का निकाह पिछले वर्ष नवंबर में मजहर अली से हुआ था। मायके पक्ष के अनुसार, विवाह के कुछ ही महीनों बाद ससुराल वालों ने नकद राशि, बाइक और अन्य सामान की मांग शुरू कर दी थी। मांग पूरी न होने पर आलिया को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मायके पक्ष का आरोप: हत्या को आत्महत्या बताया गया मृतका के भाई वसीम ने पुलिस को बताया, “बहन को मारकर फंदे पर लटका दिया गया।” उन्होंने पति मजहर अली सहित चार लोगों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए सोनहा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 304B, 498A और 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मामले को आत्महत्या बताकर लीपापोती की कोशिश की। हंगामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थाना प्रभारी ने कहा कि “आरोपी की तलाश जारी है, निष्पक्ष जांच होगी।” गांव में शोक और विरोध प्रदर्शन आलिया की मौत से पूरे गांव में मातम और आक्रोश फैल गया। ग्रामीण महिलाओं ने दहेज प्रथा के खिलाफ नारे लगाए और न्याय की मांग की। मृतका के परिवार ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। दहेज हत्या के बढ़ते मामले चिंता का विषय एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में हर साल सैकड़ों महिलाएं दहेज की बलि चढ़ती हैं। ग्रामीण इलाकों जैसे बस्ती में यह समस्या और गंभीर रूप ले रही है। आलिया की मौत एक बार फिर समाज के उस काले सच को उजागर करती है कि रोशनी के त्योहार में भी अंधेरा अब भी कायम है।

Scroll to Top