धुरंधर रिलीज, रणवीर सिंह का अब तक का सबसे इंटेंस रोल!
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धुरंधर रिलीज, रणवीर सिंह का अब तक का सबसे इंटेंस रोल!

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर शुक्रवार को रिलीज हुई और रिलीज के साथ ही चर्चा में आ गई। Dhurandhar Movie Review के अनुसार यह सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि जासूसी, थ्रिलर और अंडरवर्ल्ड मिशन पर आधारित कहानी है। फिल्म 1999 के IC-814 अपहरण और 2001 संसद हमले से प्रेरित मिशन पर केंद्रित है, जहां हम्जा (रणवीर) को पाकिस्तान भेजा जाता है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल अहम भूमिकाओं में हैं। लंबाई थोड़ी अधिक है, लेकिन एक्शन, प्रदर्शन और विजुअल्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। Dhurandhar Movie Review – रणवीर सिंह की दमदार वापसी रणवीर सिंह लगभग दो साल बाद बड़े पर्दे पर लौटे हैं और उनकी नई फिल्म धुरंधर रिलीज के साथ ही सुर्खियों में है। जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी Dhurandhar Movie एक बड़े पैमाने पर बनाई गई स्पाई-थ्रिलर है, जिसका निर्देशन Uri फेम आदित्य धर ने किया है। फिल्म की चर्चा पहले शो के बाद सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच तेजी से बढ़ी, क्योंकि यह एक्शन, जासूसी और भावनात्मक गहराई का मजबूत मिश्रण पेश करती है। 1999-2001 की घटनाओं पर आधारित धुरंधर की कहानी फिल्म की कहानी 1999 के कंधार IC-814 विमान अपहरण और 2001 संसद हमले की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी की शुरुआत आईबी चीफ अजय सान्याल (आर. माधवन) से होती है, जो पाकिस्तान में पनप रहे आतंक और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क को खत्म करने के लिए गुप्त मिशन तैयार करते हैं। इसके लिए चुना जाता है हम्जा (रणवीर सिंह) को, जिसे जेल से निकालकर भारत एक खुफिया एजेंट के रूप में पाकिस्तान भेजता है। पाकिस्तान के कुख्यात लयारी टाउन में हम्जा की भिड़ंत गैंगस्टर रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) और एसपी चौधरी असलम (संजय दत्त) से होती है। फिल्म का पहला हिस्सा क्राइम वर्ल्ड को दर्शाता है, जबकि दूसरा हिस्सा जासूसी, साजिश और राजनीतिक षड्यंत्रों पर केंद्रित है। Ranveer Singh का शानदार अभिनय, खलनायकों का दमदार प्रभाव रणवीर सिंह का हम्जा के रूप में अभिनय अत्यंत प्रभावशाली है। उनका लुक, बॉडी लैंग्वेज और एक्शन एनर्जी फिल्म को जीवंत बनाती है। कई समीक्षकों के अनुसार Dhurandhar Movie Review का सबसे बड़ा आकर्षण रणवीर का इंटेंस परफॉर्मेंस है। अक्षय खन्ना रहमान डकैत के किरदार में बेहद प्रभावशाली और डर पैदा करने वाले दिखते हैं। वहीं संजय दत्त की एंट्री के बाद फिल्म की गति और ग्रिप और मजबूत हो जाती है। आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार कहानी को विश्वसनीयता प्रदान करते हैं। स्क्रीनप्ले, एक्शन और फिल्म की लंबाई पर मिश्रित प्रतिक्रिया फिल्म की अवधि लगभग 3 घंटे 16 मिनट (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 3 घंटे 34 मिनट) बताई गई है। इसी वजह से कई दर्शकों ने कहानी को थोड़ा लंबा महसूस किया। हालांकि एक्शन सीक्वेंस, सेट डिजाइन और लोकेशन फिल्म को बड़े पैमाने का अनुभव देते हैं। कुछ ट्रेलर सीन्स फिल्म में नजर नहीं आते, जो दर्शकों को थोड़ा अधूरापन महसूस कराते हैं। निर्देशक आदित्य धर ने अंत में Dhurandhar Part 2 की झलक भी दिखाई है, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी। संगीत, स्कोर और टेक्निकल क्वालिटी फिल्म के गानों—जोगी, Ez-Ez और गहरा हुआ—ने पहले ही लोकप्रियता हासिल की है। बैकग्राउंड स्कोर एक्शन व सीरियस सीन्स को और प्रभावी बनाता है। विजुअल्स, कैमरा वर्क और सेट डिज़ाइन इसे भारतीय एक्शन फिल्मों से अलग पहचान देते हैं। क्या देखें धुरंधर? – Final Dhurandhar Movie Review Verdict अगर आपको स्पाई थ्रिलर, अंडरवर्ल्ड मिशन, तेज एक्शन और गहरी कहानी पसंद है, तो धुरंधर आपके लिए सही विकल्प है। रणवीर सिंह और पूरी कास्ट का अभिनय, एक्शन, म्यूजिक और विजुअल्स इसे थिएट्रिकल अनुभव बनाते हैं। हां, यदि आप पूरी कहानी के अंजाम के लिए उत्सुक हैं, तो आपको अगले साल आने वाले पार्ट-2 का इंतजार करना होगा।फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है और Dhurandhar Movie Review के अनुसार यह रणवीर सिंह के करियर के बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक मानी जा रही है।

अमेरिकी दबाव के बीच भारत को रूस का समर्थन, पुतिन ने दी तेल, गैस सप्लाई की गारंटी
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अमेरिकी दबाव के बीच भारत को रूस का समर्थन, पुतिन ने दी तेल, गैस सप्लाई की गारंटी

भारत और रूस ने शुक्रवार को आर्थिक साझेदारी मजबूत करने के लिए एक नई पंचवर्षीय योजना पर सहमति की, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और भारी टैरिफ से उत्पन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके। शिखर वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत पर जोर दिया। दोनों देशों ने 2030 आर्थिक कार्यक्रम और ऊर्जा, स्वास्थ्य, गतिशीलता, खाद्य सुरक्षा, उर्वरक व समुद्री लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पुतिन ने भारत को तेल, गैस और कोयला की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया तथा व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने की इच्छा जताई। भारत–रूस ने आर्थिक साझेदारी के लिए नई पंचवर्षीय योजना पर सहमति भारत और रूस ने शुक्रवार को शिखर वार्ता के दौरान आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति देने के लिए एक व्यापक पंचवर्षीय योजना को अंतिम रूप दिया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर टैरिफ और प्रतिबंधों का दबाव बढ़ा दिया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी 50% दंडात्मक शुल्क ने भारत–रूस व्यापार संरचना पर सीधा प्रभाव डाला है। मोदी ने पुतिन से कहा—यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत से ही संभव वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध को बातचीत व कूटनीति के जरिए समाप्त किया जाना चाहिए। दो नेताओं ने आठ दशक से अधिक पुरानी साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। ऊर्जा, उर्वरक, लॉजिस्टिक्स समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते वार्ता के दौरान ऊर्जा, स्वास्थ्य, गतिशीलता, शिक्षा, फर्टिलाइजर, फूड सेफ्टी, शिपिंग और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई अहम समझौते हुए। भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ यूरिया प्लांट स्थापित करने का करार भी किया, जिससे औद्योगिक सहयोग बढ़ेगा। भारत को निर्बाध ईंधन सप्लाई का आश्वासन राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस, भारत की बढ़ती आर्थिक जरूरतों को देखते हुए तेल, गैस और कोयला की बिना रुकावट आपूर्ति जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि रूस छोटे मॉड्यूलर और फ्लोटिंग परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर भी भारत के साथ सहयोग बढ़ाने को तैयार है। लक्ष्य—द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाना दोनों देशों ने 2030 के आर्थिक कार्यक्रम को मजबूत करते हुए व्यापार को वार्षिक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य दोहराया। पुतिन ने कहा कि भारत और रूस सहित समान विचारधारा वाले देश एक “न्यायसंगत, बहुध्रुवीय विश्व” की दिशा में काम कर रहे हैं।

देश में खत्म होगा पुराना टोल कलेक्शन सिस्टम : गडकरी का बड़ा ऐलान
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देश में खत्म होगा पुराना टोल कलेक्शन सिस्टम : गडकरी का बड़ा ऐलान

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि देश में मौजूदा टोल वसूली सिस्टम अगले एक साल में पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा और उसकी जगह बैरियर-लेस इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम लागू होगा। उन्होंने कहा कि नया सिस्टम दस स्थानों पर प्रारंभ हो चुका है और जल्द पूरे देश में लागू किया जाएगा। गडकरी के अनुसार, देशभर में इस समय लगभग ₹10 लाख करोड़ के 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। NPCI द्वारा विकसित NETC प्रोग्राम के तहत FASTag, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और AI आधारित तकनीक से बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा मिलेगी। भारत में खत्म होगा पुराना टोल सिस्टम, गडकरी ने लोकसभा में किया बड़ा ऐलान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को बताया कि देश के सभी हाईवे पर मौजूदा टोल प्लाजा सिस्टम अगले एक साल में समाप्त कर दिया जाएगा। इसकी जगह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक, बैरियर-लेस और हाईटेक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू होगा, जिससे वाहनों को किसी भी टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। नया सिस्टम 10 जगहों पर शुरू, एक वर्ष में पूरे देश में लागू गडकरी ने बताया कि इस अत्याधुनिक सिस्टम का ट्रायल देश के 10 लोकेशनों पर शुरू कर दिया गया है। शुरुआती परिणामों को देखते हुए सरकार ने इसे एक साल के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का लक्ष्य तय किया है। उनका कहना है कि “टोल के नाम पर अब किसी गाड़ी को रोका नहीं जाएगा। देश में पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग लागू होगी।” 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट चल रहे, लागत ₹10 लाख करोड़ से अधिक मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में इस समय लगभग ₹10 लाख करोड़ की लागत वाले 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक और इंटरऑपरेबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्राथमिकता दी जा रही है। NPCI का NETC प्रोग्राम बनेगा नया आधार नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्य आधार FASTag, RFID तकनीक, और AI समर्थित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) है। इस तकनीक से गाड़ी टोल लेन से बिना रुके गुजरती है और राशि सीधे लिंक्ड बैंक खाते से कट जाती है। सरकार का लक्ष्य — भीड़ खत्म, समय बचे, अनुभव बेहतर हो सरकार का कहना है कि मल्टी-लेन फ्री-फ्लो इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग से टोल प्लाजा पर भीड़ और देरी समाप्त होगी। गडकरी ने बताया कि नए सिस्टम के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल होने पर इसे देश के सभी टोल प्लाजा पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नई तकनीक लागू होने से देशभर में यात्रा अनुभव तेज, आसान और पूरी तरह बाधा-रहित हो जाएगा।

मस्जिद निर्माण विवाद से बंगाल की राजनीति में उबाल, हुमायूं कबीर सुर्खियों में
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मस्जिद निर्माण विवाद से बंगाल की राजनीति में उबाल, हुमायूं कबीर सुर्खियों में

पश्चिम बंगाल में टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखने के ऐलान के बाद विवादों में हैं। मुर्शिदाबाद में नई मस्जिद सहित अस्पताल, मुसाफिरखाना, होटल, पार्क और मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना पर राज्यपाल की चेतावनी के बावजूद वे अडिग हैं। कबीर ने कहा कि कोई रोक सके तो रोक ले, आवश्यकता पड़ी तो वे गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने दावा किया कि 2026 में ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी और टीएमसी अल्पसंख्यकों को भ्रमित कर रही है। 22 दिसंबर को वे नई पार्टी बनाएंगे, जो 135 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। बंगाल में मस्जिद निर्माण विवाद तेज, टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर निलंबित पश्चिम बंगाल की राजनीति में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टीएमसी ने विधायक हुमायूं कबीर को उस समय निलंबित कर दिया जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में नई मस्जिद की नींव रखने का सार्वजनिक ऐलान किया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके इस बयान के बाद कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। मस्जिद के साथ बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट; कबीर बोले– “कौन रोक सकता है?” कबीर ने मीडिया से कहा कि मस्जिद के साथ 25 बीघा भूमि पर इस्लामिक अस्पताल, मुसाफिरखाना, होटल-रेस्टोरेंट, पार्क, हेलीपैड और मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि प्रशासन चाहे तो रोककर दिखाए। राज्यपाल की चेतावनी के बाद भी कबीर अडिग राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने साम्प्रदायिक माहौल खराब करने वालों को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में मुर्शिदाबाद में जानबूझकर तनाव बढ़ाने की कोशिशों का संकेत मिला है। इसके बावजूद कबीर का कहना है कि वे जेल जाने को तैयार हैं, पर योजना रद्द नहीं करेंगे। 22 दिसंबर को नई पार्टी, 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी निलंबन के तुरंत बाद कबीर ने विधानसभा सदस्यता छोड़ने और 22 दिसंबर को नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की। उनका दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे 294 में से 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने टीएमसी पर “अल्पसंख्यकों को भ्रमित करने” और भाजपा–RSS से “अंदरूनी साठगांठ” का आरोप लगाया। देशभर में विरोध, लखनऊ में भी उबाल कबीर के बयान के बाद मामला राज्य से बाहर निकलकर राष्ट्रीय बहस में बदल गया है। कई हिंदू संगठनों ने विरोध रैलियों का ऐलान किया है। हाल में हिंदू रक्षा परिषद ने लखनऊ में प्रदर्शन की घोषणा की, जिससे विवाद और भड़क गया है।

क्या महंगा होगा गुटखा-पान मसाला? सरकार ने पेश किया नया कड़ा कानून
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क्या महंगा होगा गुटखा-पान मसाला? सरकार ने पेश किया नया कड़ा कानून

केंद्र सरकार ने तंबाकू, गुटखा और पान मसाला उद्योग पर सख्त नियंत्रण के लिए संसद में नए उपकर विधेयक पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए “हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025” और केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। इन प्रस्तावों के तहत सेस मशीनों की अधिकतम उत्पादन क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा। हाथ से बने उत्पादों पर भी निश्चित मासिक सेस लगेगा। विपक्ष ने बिलों को कर बोझ बढ़ाने वाला बताया, जबकि सरकार इसे स्वास्थ्य व सुरक्षा फंडिंग के लिए जरूरी मान रही है। सरकार ने गुटखा–तंबाकू उद्योग पर नए उपकर का कानून पेश किया केंद्र सरकार ने तंबाकू, गुटखा और पान मसाला उद्योग की कड़ी निगरानी और कर संरचना में बदलाव के लिए संसद के शीतकालीन सत्र में दो अहम विधेयक पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने “हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025” तथा केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच संसद में रखा। नए कानून का उद्देश्य: स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अतिरिक्त फंडिंग सरकार का कहना है कि तंबाकू और पान मसाला से होने वाले बड़े पैमाने के स्वास्थ्य नुकसान तथा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है। नए सेस से जुटाई गई राशि संसद की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी। सेस उत्पादन नहीं, मशीन की क्षमता के आधार पर नए विधेयक का सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि सेस वास्तविक उत्पादन पर नहीं, बल्कि मशीन की अधिकतम उत्पादन क्षमता के आधार पर लगेगा। विपक्ष का विरोध: “टैक्स बोझ बढ़ेगा, स्वास्थ्य पर गंभीरता नहीं” लोकसभा में विपक्षी दलों ने बिलों का विरोध किया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, छोटे निर्माताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ने और कुछ यूनिट बंद होने की आशंका है, जबकि बड़े ब्रांडों को कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। उद्योग पर प्रभाव: अब तक का सबसे कड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम तंबाकू नियंत्रण की दिशा में अब तक की सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई है।

यूपी में सभी निजी स्कूलों की शिक्षकों की डिग्री की होगी जांच
उत्तर प्रदेश, देश

यूपी में सभी निजी स्कूलों की शिक्षकों की डिग्री की होगी जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों में शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता की व्यापक जांच का आदेश दिया है। झांसी निवासी राहुल जैन की शिकायत पर एनसीटीई ने कई निजी स्कूलों में बिना डीएलएड, बीएड, सीटीईटी या टीईटी के शिक्षकों की नियुक्ति पर नाराज़गी जताई। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में डीआईओएस को ब्योरा जुटाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कई स्कूल मोटी फीस लेने के बावजूद कम वेतन पर अयोग्य शिक्षक रखते हैं, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती है। जांच के बाद अवैध नियुक्तियां रोकी जाएंगी और योग्य शिक्षकों की अनिवार्य बहाली सुनिश्चित होगी। सरकार इसे शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण कदम मानती है। यूपी में निजी स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई: शिक्षकों की योग्यता की राज्यव्यापी जांच शुरू उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता की व्यापक जांच कराई जाएगी। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की सख्त नाराज़गी के बाद तेज हुई है। शिकायत के बाद कार्रवाई तेज हुई झांसी निवासी राहुल जैन ने एनसीटीई को प्रमाणों सहित शिकायत भेजी थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कई निजी स्कूलों में ऐसे शिक्षक पढ़ा रहे हैं, जिनके पास न डीएलएड (BTC), न बीएड, न सीटीईटी, और न ही टीईटी की अनिवार्य योग्यता है।कुछ स्रोतों के अनुसार, कई स्कूल केवल कम वेतन के कारण ऐसे गैर-प्रशिक्षित शिक्षकों को नियुक्त करते हैं, जबकि अभिभावकों से भारी फीस वसूली जाती है। एनसीटीई की कड़ी चेतावनी एनसीटीई ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता से समझौता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। परिषद ने राज्य सरकार से मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया। सरकार का निर्देश: हर जिले में गहन जांच माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को आदेश जारी किए हैं कि वे अपने जनपदों के निजी स्कूलों में शिक्षकों की पूरी योग्यता रिपोर्ट तैयार करें।जहां भी मानक-विपरीत शिक्षक पाए जाएंगे, उन्हें हटाया जाएगा और स्कूलों को योग्य व प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्त करने होंगे। इस कदम का प्रभाव: शिक्षा में सुधार की उम्मीद सरकार के इस निर्णय से— विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यूपी में निजी शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाएगा।

Nitish Kumar, Bihar CM ने रचा इतिहास, 10वीं बार ली शपथ—देखें नई मंत्री सूची
बिहार, देश

Nitish Kumar, Bihar CM ने रचा इतिहास, 10वीं बार ली शपथ—देखें नई मंत्री सूची

पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में nitish kumar, bihar cm ने गुरुवार को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली। नई bihar minister list 2025 में कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें 14 बीजेपी, 8 जदयू, 2 लोजपा (R), जबकि हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से 1-1 मंत्री बने। चिराग पासवान की पार्टी से भी दो विधायकों ने शपथ ली। दीपक प्रकाश, संतोष सुमन, जमा खान, संजय सिंह, रामकृपाल यादव सहित कई नए चेहरों को कैबिनेट में स्थान मिला। Nitish Kumar, Bihar CM ने 10वीं बार संभाली कमान, बिहार में नई NDA सरकार बनी पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को हुए भव्य bihar oath ceremony में Nitish Kumar Bihar CM ने लगातार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत देश के कई राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से लोगों का अभिवादन भी किया। इस मौके पर दोनों डिप्टी सीएम—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—ने दोबारा पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस बार बिहार कैबिनेट में कई नए और प्रभावशाली चेहरों को शामिल किया गया है Bihar Minister List 2025 में 26 मंत्रियों को जगह, BJP को सबसे ज्यादा पद नई bihar minister list 2025 में कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें 14 बीजेपी, 8 जदयू, 2 लोजपा (R), तथा हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से 1-1 मंत्री हैं। जदयू ने जमा खान को फिर से मंत्री बनाया है, जबकि बीजेपी ने श्रेयसी सिंह, रामकृपाल यादव, अरुण शंकर प्रसाद, दीपक प्रकाश और संजय सिंह जैसे नामों पर भरोसा जताया है। लोजपा (R) की ओर से संजय कुमार और संजय सिंह ने शपथ ली। वहीं संतोष सुमन (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र Deepak Prakash भी मंत्री बने। दीपक प्रकाश अभी विधायक नहीं हैं, उन्हें आगे चलकर MLC बनाया जाएगा। उपेंद्र कुशवाहा और Deepak Prakash फिर चर्चा में Upendra Kushwaha इस बार चुनाव मैदान में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी की जगह पुत्र Deepak Prakash को मंत्री बनाकर राजनीतिक रणनीति को नया मोड़ दिया है। दीपक प्रकाश को युवाओं का प्रतिनिधि चेहरा माना जा रहा है।

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