Census 2027 के लिए 11,718 करोड़ मंजूर, पहली बार होगी Digital Census
देश

Census 2027 के लिए 11,718 करोड़ मंजूर, पहली बार होगी Digital Census

केंद्र सरकार ने Census 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह देश की पहली Digital Census होगी, जिसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच हाउस लिस्टिंग की जाएगी, जबकि फरवरी 2027 से जनगणना शुरू होगी। इस प्रक्रिया में जाति आधारित आंकड़े (Jati Census) भी शामिल होंगे। कैबिनेट बैठक में यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया गया। सरकार के अनुसार, डिजिटल डिजाइन डेटा संरक्षण को ध्यान में रखकर बनाया गया है और जनगणना में करीब 30 लाख कर्मियों को लगाया जाएगा। Census 2027 पर बड़ी घोषणा: पहली बार देश में होगी Digital Census केंद्र सरकार ने आगामी Census 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के विशाल बजट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह देश की पहली Digital Census होगी, जिसमें डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। Digital Census का पूरा प्लान क्या है? अश्विनी वैष्णव ने बताया कि Census 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। सरकार इस प्रक्रिया में 30 लाख कर्मियों को तैनात करेगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है और डेटा सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। Census 2027 में शामिल होंगे जातिगत आंकड़े इस बार Jati Census भी जनगणना का हिस्सा होगा। सरकार ने लोकसभा में पुष्टि की थी कि 2027 की जनगणना में निवास अवधि और प्रवास के कारणों से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। इससे सामाजिक-आर्थिक नीतियों को अधिक सटीक आधार मिलेगा। भारत की Census प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है? भारत की जनगणना देश की जनसांख्यिकी, संसाधन वितरण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए मूल आधार तैयार करती है। Census 2027 का डिजिटलीकरण इसे और अधिक पारदर्शी व सटीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नवीनतम निर्णयों के साथ सरकार इसे ऐतिहासिक सर्वेक्षण बनाने की तैयारी में है। यही कारण है कि Digital Census और Census 2027 को प्रशासनिक सुधार का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

यूपी में नया भाजपा अध्यक्ष लगभग तय, पीयूष गोयल करेंगे घोषणा
उत्तर प्रदेश

यूपी में नया भाजपा अध्यक्ष लगभग तय, पीयूष गोयल करेंगे घोषणा

लंबे इंतजार के बाद यूपी भाजपा अध्यक्ष चुनाव की तिथि घोषित हो गई है। 13 दिसंबर को नामांकन और 14 दिसंबर को चुनाव लखनऊ में होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी होगी। सूत्रों के अनुसार नया प्रदेश अध्यक्ष OBC वर्ग से होने की संभावना है और शीर्ष नेतृत्व ने नाम लगभग तय कर लिया है। पंकज चौधरी, बीएल वर्मा और धर्मपाल सिंह प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। उधर, मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 35 मिनट मुलाकात के बाद अटकलें तेज थीं। माना जा रहा है कि चुनाव निर्विरोध होगा और रविवार को नाम की घोषणा हो जाएगी। यूपी भाजपा अध्यक्ष चुनाव की तारीख तय, OBC वर्ग से नया अध्यक्ष बनने की चर्चा तेज उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक रूप से विराम लग गया है। पार्टी ने 13 दिसंबर को नामांकन और 14 दिसंबर को चुनाव कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल की मौजूदगी में संपन्न होगा। नामांकन प्रक्रिया राष्ट्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की देखरेख में होगी। कौन होगा नया प्रदेश अध्यक्ष? OBC नाम सबसे आगे सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने नाम लगभग तय कर लिया है और नया अध्यक्ष OBC वर्ग से होगा। OBC श्रेणी से पंकज चौधरी, बीएल वर्मा और धर्मपाल सिंह सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, साध्वी निरंजन ज्योति और बाबूराम निषाद के नाम भी चर्चाओं में हैं।कुछ राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि ब्राह्मण वर्ग से दिनेश शर्मा, ब्रजेश पाठक या हरीश द्विवेदी पर भी पार्टी विचार कर सकती है। PM मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चाएँ बृहस्पतिवार को मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगभग 35 मिनट मुलाकात की। बातचीत में प्रदेश संगठन, आगामी लोकसभा और 2027 विधानसभा तैयारियों पर चर्चा हुई। उनकी इस मुलाकात के बाद नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें और तेज हो गई थीं। निर्विरोध चुनाव की पूरी संभावना पार्टी सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष का चुनाव लगभग निश्चित है और मतदान की नौबत नहीं आएगी। परिषद की बैठक में पीयूष गोयल नाम प्रस्तावित करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित वरिष्ठ नेता समर्थन देंगे। चूँकि नामांकन के लिए 10 प्रस्तावक आवश्यक होते हैं, इसलिए किसी अन्य उम्मीदवार का उठना लगभग असंभव माना जा रहा है। 380 से अधिक सदस्य करेंगे मतदान (यदि जरूरत पड़ी) प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि 84 संगठनात्मक जिलों से 380 से अधिक प्रांतीय परिषद सदस्य मतदान कर सकते हैं। हालांकि 14 जिलों में अध्यक्ष न चुने जाने से वे प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे।प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि नया अध्यक्ष ऐसा होना चाहिए जो 2027 विधानसभा चुनावों के लिए संगठन और सरकार के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर सके।

Indigo Flight Crisis पर बड़ा कदम, सरकार ने इंडिगो की 5% उड़ानें कम कीं
देश

Indigo Flight Crisis पर बड़ा कदम, सरकार ने इंडिगो की 5% उड़ानें कम कीं

सरकार ने बढ़ते इंडिगो संकट के बीच एयरलाइन पर कड़ा कदम उठाते हुए उसके दैनिक फ्लाइट शेड्यूल में 5% कटौती कर दी है। यह फैसला Indigo Flight Crisis के कारण लिया गया, क्योंकि एयरलाइन समय पर ऑपरेशन संभाल नहीं पा रही थी। इंडिगो रोजाना लगभग 2300 उड़ानें चलाती है, जिनमें से 115 उड़ानें अब कम होंगी। DGCA ने नया शेड्यूल 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक जमा करने को कहा है। संसद में मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि यात्रियों का रिफंड जारी है और इंडिगो अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। हालात न सुधरे तो कटौती 5% और बढ़ सकती है। सरकार का सख्त कदम: Indigo Flight Crisis गहराने पर इंडिगो की 5% उड़ानें कम देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर हालिया Indigo Flight Crisis के बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी दैनिक उड़ानों में 5% कटौती का आदेश जारी कर दिया है। DGCA के अनुसार, एयरलाइन अपनी Indigo Flight संचालन क्षमता को समय पर संभाल नहीं पा रही थी, जिसके चलते लगातार उड़ानें रद्द हो रही थीं। इंडिगो रोजाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करती है, जिनमें से अब प्रतिदिन 115 उड़ानें कम होंगी। Indigo Flight Crisis पर DGCA की कार्रवाई DGCA ने कहा कि इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक अपना संशोधित शेड्यूल जमा करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, यह तय किया जा रहा है कि किन उड़ानों को रद्द किया जाए ताकि कनेक्टिविटी पर सीमित असर पड़े। यदि इंडिगो समयबद्धता सुनिश्चित नहीं कर पाती है, तो उसके शेड्यूल में और 5% कटौती संभव है।नवंबर से दिसंबर के बीच Indigo Flight रद्द होने की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ीं और रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ आठ दिनों में लगभग 5,000 उड़ानें कैंसिल हुईं। FDTL नियम और स्टाफ की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें 1 नवंबर से लागू Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियम के बाद पायलट जरूरत बढ़ गई, लेकिन इंडिगो ने पर्याप्त तैयारी नहीं की। इसके विपरीत एयरलाइन ने सर्दियों के शेड्यूल में 6% उड़ानें बढ़ा दीं। मांग और स्टाफिंग गैप के कारण Indigo Flight रद्द होने की संख्या तेज़ी से बढ़ी और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। संसद में सरकार का बयान और यात्रियों को राहत सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद में कहा कि सरकार स्थिति पर सख्ती से नज़र रख रही है। उन्होंने बताया कि इंडिगो अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है और यात्रियों का रिफंड प्रोसेस लगातार जारी है।उनके अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। अन्य एयरलाइनों पर क्या असर पड़ा? जहाँ इंडिगो के शेड्यूल में कटौती हुई है, वहीं DGCA ने स्पष्ट किया कि उसकी कुछ उड़ानें अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइनों को आवंटित की जाएंगी, ताकि रूट कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।दूसरी ओर, एयर इंडिया, AI एक्सप्रेस और अकासा एयर की सर्दियों की उड़ानें गर्मियों की तुलना में घट गईं, जबकि स्पाइसजेट ने 26% से अधिक उड़ानें बढ़ा ली हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से हालात क्रमशः सामान्य होंगे और यात्रियों को राहत मिलेगी। फिलहाल Indigo Flight Crisis देश के एविएशन सेक्टर में चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

लोकसभा में पेश हुआ Right to Disconnect Bill, ऑफिस टाइम के बाद कॉल उठाना अनिवार्य नहीं
देश

लोकसभा में पेश हुआ Right to Disconnect Bill, ऑफिस टाइम के बाद कॉल उठाना अनिवार्य नहीं

लोकसभा में एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने Right to Disconnect Bill 2025 पेश किया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को आधिकारिक कार्य समय के बाद कॉल, ईमेल या डिजिटल संदेशों का जवाब देने के दबाव से मुक्त करना है। यह बिल वर्क-लाइफ़ बैलेंस सुधारने, डिजिटल बर्नआउट कम करने और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। प्रावधानों के अनुसार नियोक्ता कर्मचारियों को ऑफिस टाइम के बाद काम के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे, और अतिरिक्त कार्य पर ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य होगा। उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर एम्प्लॉई सैलरी के 1% तक जुर्माना लग सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह बिल डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप माना जा रहा है। Right to Disconnect Bill 2025: लोकसभा में सुप्रिया सुले का बड़ा प्रस्ताव एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में Right to Disconnect Bill 2025 पेश करते हुए कहा कि डिजिटल युग में कर्मचारियों के निजी जीवन और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा आवश्यक हो चुकी है। वर्क-फ्रॉम-होम और निरंतर डिजिटल संचार ने कार्यस्थलों पर टेलीप्रेशर, तनाव और इन्फो-ओबेसिटी जैसी समस्याएँ बढ़ा दी हैं। बिल का उद्देश्य कर्मचारियों को ऑफिस समय के बाद काम से जुड़े कॉल, ईमेल और संदेशों का जवाब देने के दबाव से कानूनी रूप से मुक्त करना है। Right to Disconnect Bill क्या है? यह बिल कर्मचारियों को आधिकारिक कार्य समय के बाहर डिजिटल बातचीत से डिस्कनेक्ट रहने का कानूनी अधिकार देता है। इसके तहत किसी भी कर्मचारी से ऑफिस टाइम के बाद काम करवाने पर नियोक्ता को ओवरटाइम भुगतान देना होगा।यदि कर्मचारी जवाब नहीं देते, तो किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। यह नियम कॉल, ईमेल, टेक्स्ट और वीडियो मीटिंग सहित सभी डिजिटल संचार पर लागू होगा। मुख्य प्रावधान उल्लंघन पर 1% तक का जुर्माना बिल के अनुसार, यदि कोई संस्था इन प्रावधानों का पालन नहीं करती है, तो उस पर कर्मचारियों की कुल सैलरी के 1% तक का दंड लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य कंपनियों को “हमेशा उपलब्ध रहने” की संस्कृति थोपने से रोकना है। वैश्विक संदर्भ – फ्रांस, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया में लागू दुनिया के कई देश पहले ही Right to Disconnect जैसे कानून लागू कर चुके हैं।फ्रांस ने 2017 में 50+ कर्मचारियों वाली कंपनियों में आफ्टर-ऑफिस संचार पर नियम लागू किए। भारत का यह प्रस्ताव उसी वैश्विक ट्रेंड की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। निजी सदस्य विधेयक का महत्व यह एक Private Member Bill है, जिसे किसी गैर-मंत्री सांसद द्वारा पेश किया जाता है।भारत में ऐसे बिलों के पारित होने की संभावना कम होती है—1950 से अब तक केवल 14 ही निजी सदस्य विधेयक पारित हो पाए हैं।फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि right to disconnect bill भारत के बदलते डिजिटल वर्ककल्चर पर महत्वपूर्ण बहस शुरू कर रहा है। काम और जीवन के बीच संतुलन बनाने की बढ़ती मांग के बीच Right to Disconnect Bill 2025 कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत समय और पेशेवर सीमाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में बाबरी तर्ज पर मस्जिद निर्माण पर सियासत तेज, केशव प्रसाद मौर्य ने दी कड़ी चेतावनी
उत्तर प्रदेश

पश्चिम बंगाल में बाबरी तर्ज पर मस्जिद निर्माण पर सियासत तेज, केशव प्रसाद मौर्य ने दी कड़ी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी दौरे में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद की नींव रखने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मस्जिद निर्माण का विरोध नहीं है, पर बाबर के नाम पर किसी ढांचे को स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसा प्रयास “अंत” को आमंत्रित करेगा। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने हजारों लोगों की मौजूदगी में शिलान्यास किया था। मौर्य ने दावा किया कि 2026 में बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव पर बिहार चुनाव हार के बाद “मानसिक संतुलन बिगड़ने” का आरोप लगाया। केशव प्रसाद मौर्य का बंगाल में ‘बाबर नामक मस्जिद’ पर हमला तेज हुआ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी में मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बन रही उस मस्जिद पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसकी नींव हाल ही में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर रखी गई। इस शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे और यह कार्य तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर द्वारा कराया गया। मौर्य ने स्पष्ट कहा कि मस्जिद निर्माण का कोई विरोध नहीं है, लेकिन “बाबर के नाम” पर किसी ढांचे का निर्माण रामभक्तों और राष्ट्रभक्तों का अपमान है। उनके अनुसार, अयोध्या में जब बाबर के नाम का वास्तविक ढांचा ढह चुका है, तो अब किसी भी राज्य में बाबर नाम का नया ढांचा खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा निर्माण “केवल विरोध ही नहीं, इसका अंत भी होगा।” 2026 में बंगाल में भाजपा सरकार बनने का दावा डिप्टी सीएम ने दावा किया कि 2026 में पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने जा रही है और ऐसी गतिविधियों को वहां समर्थन नहीं मिलेगा। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान बंगाल की आगामी राजनीति पर भाजपा के फोकस को दर्शाता है। अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में मिली हार के बाद अखिलेश यादव “मानसिक संतुलन खो बैठे हैं” और 2024 लोकसभा चुनाव में मिली अतिरिक्त सीटों के कारण “मुंगेरीलाल जैसे सपने देखने लगे हैं।”उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी “विपक्ष में बैठने की स्थिति में भी नहीं रहेगी।” कुछ स्रोतों के अनुसार, मौर्य का यह बयान प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक तनाव को भी दर्शाता है। एसआईआर समीक्षा बैठक में भाग लेकर लखनऊ रवाना झांसी दौरे के दौरान मौर्य ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। इसके बाद वह पीतांबरा पीठ दतिया में दर्शन के लिए पहुंचे और फिर लखनऊ के लिए रवाना हुए।

स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छल की शादी टूटी, मंधाना के भावुक पोस्ट ने फैंस को भावुक किया
मनोरंजन, देश

स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छल की शादी टूटी, मंधाना के भावुक पोस्ट ने फैंस को भावुक किया

भारतीय क्रिकेटर Smriti Mandhana ने म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल संग अपनी शादी टूटने की पुष्टि कर दी है। मंधाना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी करते हुए कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही थीं, इसलिए वह साफ करना चाहती हैं कि शादी रद्द हो चुकी है। उन्होंने दोनों परिवारों की प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की। दूसरी ओर Palash Muchhal ने भी आगे बढ़ने के फैसले की पुष्टि की और बिना आधार वाली अफवाहों पर दुख जताया। दोनों की शादी 23 नवंबर को होनी थी। अब मंधाना ने स्पष्ट किया कि उनका पूरा फोकस सिर्फ भारतीय क्रिकेट पर रहेगा। स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छल शादी टूटने पर पहली बार बोलीं क्रिकेट स्टार भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने आखिरकार अपनी निजी जिंदगी को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया पर लंबे समय से उनकी शादी को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। अब मंधाना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उनकी शादी पलाश मुच्छल के साथ रद्द हो चुकी है। Smriti Mandhana ने क्यों तोड़ी शादी? मंधाना ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि वह बहुत निजी स्वभाव की हैं, लेकिन गलत खबरों को रोकने के लिए सच बताना जरूरी था। उन्होंने कहा कि लगातार अफवाहें फैलने से परिवारों को परेशानी हो रही थी, इसलिए वह चाहती हैं कि यह मामला अब यहीं समाप्त माना जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के लिए क्रिकेट खेलना है और आगामी टूर्नामेंट्स में उनका पूरा फोकस सिर्फ प्रदर्शन पर ही रहेगा। पलाश मुच्छल की प्रतिक्रिया: ‘बिना आधार वाली अफवाहें दुखद’ म्यूजिक कंपोजर PalashMuchhal ने भी पोस्ट जारी कर शादी टूटने की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि उनके निजी रिश्ते पर बिना किसी आधार वाले आरोप लगाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने समाज से अपील की कि बिना प्रमाण किसी की जिंदगी पर टिप्पणी करने से पहले सोचें। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई करेगी, जो झूठी और बदनाम करने वाली बातें फैला रहे हैं। शादी क्यों टली और कैसे बढ़ीं अफवाहें? स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी, लेकिन reportedly शादी के दिन ही मंधाना के पिता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद समारोह टाल दिया गया। इसी बीच सोशल मीडिया पर कई अनवेरिफाइड चैट्स वायरल हुईं, जिनमें धोखे के आरोप लगाए गए। हालांकि दोनों पक्षों ने इन दावों को खारिज किया। फैंस ने यह भी नोट किया कि मंधाना ने इंस्टाग्राम पर पलाश को अनफॉलो कर दिया और अपनी एंगेजमेंट रिंग पहनना बंद कर दिया था, जिससे चर्चाएं और तेज हो गईं। आगे क्या? क्रिकेट पर लौटेंगी Smriti Mandhana कठिन दौर से गुजरने के बावजूद मंधाना ने कहा कि वह अब पूरी तरह से क्रिकेट पर ध्यान देंगी। वह 9 जनवरी से शुरू होने वाली विमेंस प्रीमियर लीग (WPL 2026) में RCB की कप्तानी करेंगी।

क्या Indigo Crisis खत्म? जानें सरकार ने एयरलाइन को क्या आदेश दिया
देश

क्या Indigo Crisis खत्म? जानें सरकार ने एयरलाइन को क्या आदेश दिया

जारी Indigo Crisis के बीच इंडिगो ने दावा किया है कि उसने 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर उड़ानें बहाल करते हुए 1500 से अधिक फ्लाइट्स ऑपरेट कीं। हालांकि पिछले दिनों 850 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार ने एयरलाइन को रविवार रात 8 बजे तक Indigo Refund प्रोसेस करने का आदेश दिया है। कई एयरपोर्ट्स पर इंडिगो डिले और अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। स्थिति संभालने के लिए DGCA ने अस्थायी राहत दी है। इसी बीच सरकार ने देशभर में हवाई किराया फिक्स करते हुए 500 किमी तक अधिकतम ₹7500 की सीमा तय की है। Indigo Refund प्रक्रिया तेज, Indigo Crisis पर सरकार सख्त; 135 डेस्टिनेशन पर उड़ानें बहाल इंडिगो में पिछले चार दिनों से जारी बड़े ऑपरेशनल संकट के बीच शनिवार को कुछ राहत देखने को मिली। एयरलाइन ने बताया कि उसने 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर कनेक्टिविटी बहाल करते हुए 1500 से अधिक फ्लाइट्स ऑपरेट कीं। यह दावा ऐसे समय आया है जब Indigo Crisis के चलते हजारों यात्री फ्लाइट रद्द होने और Indigo Delay से जूझ रहे थे। सरकार ने दिया सख्त अल्टीमेटम: Indigo Refund रविवार रात 8 बजे तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ निर्देश दिया है कि जिन भी यात्रियों की फ्लाइट हाल के दिनों में रद्द हुई हैं, उन्हें रविवार रात 8 बजे तक पूरा ऑटोमेटिक Indigo Refund मिल जाना चाहिए। साथ ही जिन यात्रियों का बैगेज एयरपोर्ट पर फंसा है, उसे 48 घंटे के भीतर घर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। कई एयरपोर्ट्स पर अब भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यात्रियों, खासकर सीनियर सिटिजन और दिव्यांग यात्रियों के लिए तत्काल होटल, भोजन और विशेष सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। Indigo Crisis पर DGCA का एक्शन: FDTL नियमों में अस्थायी राहत DGCA ने इंडिगो समेत सभी एयरलाइंस को 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है। पायलट और क्रू पर लागू नई FDTL पॉलिसी के कारण इंडिगो में स्टाफिंग कमी देखी गई थी, जिसे इस संकट का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने स्वीकार किया कि 5 दिसंबर को 1000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसल करनी पड़ीं और कई तकनीकी तथा स्टाफिंग चुनौतियों ने ऑपरेशनल चेन को प्रभावित किया। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी भी मांगी है। सरकार ने लागू की हवाई किराए पर फेयर कैप—सर्ज प्राइसिंग पर रोक फ्लाइट कैंसिलेशन और Indigo Delay के बाद बढ़ते एयरफेयर को रोकने के लिए मंत्रालय ने पूरे देश में किराया सीमा तय कर दी है। नई अधिकतम किराया सीमा इस प्रकार है— यह नियम सभी इकोनॉमी टिकटों पर लागू है, जबकि बिज़नेस क्लास और UDAN फ्लाइट्स को छूट दी गई है। मंत्रालय का कहना है कि यह सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक एयरफेयर सामान्य स्तर पर नहीं लौट आते। अभी भी कई एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी PTI के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कई बड़े एयरपोर्ट्स पर शनिवार को 800 से अधिक फ्लाइट्स कैंसल हुईं। यात्रियों को लंबी कतारों, रूट डिसरप्शन और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। अंत में, सरकार ने संकेत दिया है कि हालात सामान्य होने के बाद इंडिगो पर कार्रवाई और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यात्रियों की उम्मीद है कि Indigo Refund और सेवाओं की बहाली से स्थिति जल्द सुधरेगी।

Scroll to Top