मस्जिद निर्माण विवाद से बंगाल की राजनीति में उबाल, हुमायूं कबीर सुर्खियों में
पश्चिम बंगाल में टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की नींव रखने के ऐलान के बाद विवादों में हैं। मुर्शिदाबाद में नई मस्जिद सहित अस्पताल, मुसाफिरखाना, होटल, पार्क और मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना पर राज्यपाल की चेतावनी के बावजूद वे अडिग हैं। कबीर ने कहा कि कोई रोक सके तो रोक ले, आवश्यकता पड़ी तो वे गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने दावा किया कि 2026 में ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी और टीएमसी अल्पसंख्यकों को भ्रमित कर रही है। 22 दिसंबर को वे नई पार्टी बनाएंगे, जो 135 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। बंगाल में मस्जिद निर्माण विवाद तेज, टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर निलंबित पश्चिम बंगाल की राजनीति में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टीएमसी ने विधायक हुमायूं कबीर को उस समय निलंबित कर दिया जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में नई मस्जिद की नींव रखने का सार्वजनिक ऐलान किया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके इस बयान के बाद कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। मस्जिद के साथ बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट; कबीर बोले– “कौन रोक सकता है?” कबीर ने मीडिया से कहा कि मस्जिद के साथ 25 बीघा भूमि पर इस्लामिक अस्पताल, मुसाफिरखाना, होटल-रेस्टोरेंट, पार्क, हेलीपैड और मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि प्रशासन चाहे तो रोककर दिखाए। राज्यपाल की चेतावनी के बाद भी कबीर अडिग राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने साम्प्रदायिक माहौल खराब करने वालों को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में मुर्शिदाबाद में जानबूझकर तनाव बढ़ाने की कोशिशों का संकेत मिला है। इसके बावजूद कबीर का कहना है कि वे जेल जाने को तैयार हैं, पर योजना रद्द नहीं करेंगे। 22 दिसंबर को नई पार्टी, 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी निलंबन के तुरंत बाद कबीर ने विधानसभा सदस्यता छोड़ने और 22 दिसंबर को नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की। उनका दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे 294 में से 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने टीएमसी पर “अल्पसंख्यकों को भ्रमित करने” और भाजपा–RSS से “अंदरूनी साठगांठ” का आरोप लगाया। देशभर में विरोध, लखनऊ में भी उबाल कबीर के बयान के बाद मामला राज्य से बाहर निकलकर राष्ट्रीय बहस में बदल गया है। कई हिंदू संगठनों ने विरोध रैलियों का ऐलान किया है। हाल में हिंदू रक्षा परिषद ने लखनऊ में प्रदर्शन की घोषणा की, जिससे विवाद और भड़क गया है।









