चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा भक्तों का सैलाब, श्रद्धालु हुए भावविभोर
सिद्धार्थनगर

चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा भक्तों का सैलाब, श्रद्धालु हुए भावविभोर

डुमरियागंज के चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के चौखड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रेम शरण शास्त्री ने सुनाया कृष्ण–रुक्मिणी विवाह प्रसंग कथावाचक प्रेम शरण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्त भावविभोर हो उठे और वातावरण जयकारों से गूंज उठा। महारास, मथुरा गमन और गोपी उद्धव संवाद की जीवंत प्रस्तुति कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला, अक्रूर द्वारा मथुरा ले जाने का प्रसंग और गोपी-उद्धव संवाद का सजीव वर्णन किया गया। सुंदर झांकियों ने प्रसंगों को और भी आकर्षक बना दिया। अहंकार त्याग और भक्ति का संदेश कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार सर्वनाश का कारण बनता है। सच्ची भक्ति और प्रभु की आराधना से ही जीवन में सुख-शांति मिलती है और भगवान अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी, धार्मिक माहौल सशक्त श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह उत्सव की झांकी में भक्तों ने विवाह का आनंद लिया। मुख्य यजमान कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल जी सिंह, हरि सिंह, अरुण कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव सिंह, राजन दुबे, शिव मुकुंद सिंह, रामेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। क्षेत्र पर प्रभाव और धार्मिक जागरण इस आयोजन से चौखड़ा और आसपास के गांवों में धार्मिक चेतना बढ़ी है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण समाज को जोड़ने, संस्कारों को सुदृढ़ करने और युवाओं में संस्कृति के प्रति आस्था जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अरावली पहाड़ी की नई परिभाषा क्यों बनी विवाद की वजह ?
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अरावली पहाड़ी की नई परिभाषा क्यों बनी विवाद की वजह ?

सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा पर aravali hills news: देशभर में बहस तेज सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों के लिए एक समान परिभाषा को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया है कि आसपास की जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची भू-आकृति ही अरावली पहाड़ी मानी जाएगी। साथ ही, 500 मीटर के दायरे में मौजूद दो या अधिक पहाड़ियां मिलकर अरावली रेंज कहलाएंगी। यह परिभाषा केंद्र सरकार की समिति की सिफारिशों पर आधारित है। क्या बदला है नई परिभाषा में अदालत के फैसले के बाद पहली बार पूरे क्षेत्र में एक वस्तुनिष्ठ मानक लागू होगा। सरकार का कहना है कि इससे नियमों में एकरूपता आएगी और खनन नियंत्रण मजबूत होगा। पर्यावरण मंत्रालय ने साफ किया है कि संरक्षित वन, पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र और आर्द्रभूमि जैसे ‘अभेद्य’ इलाकों में खनन पर पूरी तरह रोक रहेगी। पर्यावरणविदों की चिंता: संरक्षण से बाहर होंगी छोटी पहाड़ियां पर्यावरण विशेषज्ञों का तर्क है कि ऊंचाई आधारित मानक से कई छोटी, झाड़ियों से ढंकी पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो सकती हैं, जो पारिस्थितिकी के लिए जरूरी हैं। उनका कहना है कि अरावली सिर्फ चट्टानों की ऊंचाई नहीं, बल्कि भूजल रीचार्ज, जैव विविधता और जलवायु संतुलन की रीढ़ है। सरकार का पक्ष: सुरक्षा घटेगी नहीं, नियम होंगे सख्त केंद्र सरकार ने आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा कम करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और स्पष्ट परिभाषा के साथ निगरानी को मजबूत करना है। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि लगभग 1.47 लाख वर्ग किलोमीटर में फैली अरावली शृंखला का केवल सीमित हिस्सा ही सख्त अध्ययन और अनुमति के बाद किसी गतिविधि के लिए खुल सकता है। विपक्ष और जनआंदोलन की प्रतिक्रिया विपक्षी दलों ने फैसले पर चिंता जताते हुए इसे पर्यावरण के लिए जोखिम बताया है। कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और #SaveAravalli अभियान फिर तेज हो गया है। राजनीतिक नेताओं ने अरावली को दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत की जीवनरेखा बताते हुए व्यापक संरक्षण की मांग की है। अरावली का महत्व: थार से लेकर दिल्ली तक प्रभाव अरावली भारत की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, जो थार रेगिस्तान के फैलाव को रोकने, धूल के कणों को बाधित करने और उत्तर भारत की जलवायु को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार aravali hills और aravali hills news से जुड़ी यह बहस सिर्फ राजस्थान, हरियाणा या दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन से जुड़ी है। आगे क्या: कानूनी और नीतिगत राह प्रदर्शन कर रहे समूहों ने अदालत में कानूनी विकल्प तलाशने के संकेत दिए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि किसी भी नए खनन पट्टे पर मौजूदा कानूनों के तहत कड़ी जांच होगी। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि नई परिभाषा संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे बनाती है। aravali hills news पर देश की नजर बनी हुई है।

चौखड़ा में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन
सिद्धार्थनगर

चौखड़ा में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन

डुमरियागंज के चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के चौखड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बनाते हुए कथा वाचन का क्रम पूरे उत्साह के साथ जारी है। कथावाचक प्रेम शरण महाराज ने सुनाईं श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं कथा वाचक प्रेम शरण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। नंदगांव और वृंदावन की कथाओं में पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग चंचल लीलाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कंस वध से धर्म की स्थापना का संदेश महाराज ने कंस वध की कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। इस प्रसंग को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से जयकारे लगाए। कलियुग में नाम स्मरण का महत्व कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही मनुष्य को भवसागर से पार कराने का सबसे सरल मार्ग है। यह संदेश आज के समय में जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला है। मुख्य यजमान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य यजमान कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल जी सिंह, हरि सिंह, अरुण कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकता का प्रभाव श्रीमद्भागवत कथा से चौखड़ा और आसपास के गांवों में भक्ति का माहौल बना है। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आपसी एकता को बढ़ावा मिलता है।

डुमरियागंज में हुआ भव्य हिन्दू सम्मेलन, जातिगत भेदभाव खत्म कर संगठित होने का दिया गया संदेश
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज में हुआ भव्य हिन्दू सम्मेलन, जातिगत भेदभाव खत्म कर संगठित होने का दिया गया संदेश

डुमरियागंज में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन, RSS क्षेत्र प्रचारक अनिल रहे मुख्य अतिथि सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में मंगलवार को हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्मृति चिन्ह भेंट कर हुआ सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रहरि ने मुख्य अतिथि अनिल को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हुआ। संघ शताब्दी और ऐतिहासिक अवसरों पर हो रहे आयोजन अपने संबोधन में अनिल ने कहा कि आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने, गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में प्रांत, ब्लॉक और गांव स्तर पर लगभग एक लाख स्थानों पर ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। सामाजिक एकता और भेदभाव खत्म करने का आह्वान उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म विश्व कल्याण और सद्मार्ग का संदेश देता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज में जाति के आधार पर बढ़े विभाजन पर चिंता जताई और छुआछूत व विषमता समाप्त कर संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। संतों ने भी दिया हिन्दू मूल्यों का संदेश सम्मेलन में आलोक शास्त्री महाराज और बलराम दास शास्त्री ने भी विचार रखते हुए कहा कि आचरण में हिन्दू मूल्यों को अपनाकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही उपस्थिति कार्यक्रम का संचालन अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, अभिषेक पाल, सच्चिदानंद पांडेय, अजय पांडेय, मधुसूदन अग्रहरि, धर्मराज वर्मा, चंदू चौधरी, राम कुमार उर्फ चिंकू यादव, आनंद सिंह, राजू श्रीवास्तव, कमलेश चौरसिया, मीरा दुबे, राजेश द्विवेदी, शशि प्रकाश अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर सामाजिक संदेश का असर हिन्दू सम्मेलन से क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजकों ने इसे समाज को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

MGNREGA का नया नाम लागू, ग्रामीण रोजगार में 125 दिन की गारंटी
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MGNREGA का नया नाम लागू, ग्रामीण रोजगार में 125 दिन की गारंटी

MGNREGA का नया नाम: राष्ट्रपति की मंजूरी से लागू हुआ VB-G-RAM-G कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही दो दशक से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह अब MGNREGA का नया नाम औपचारिक रूप से कानून बन गया है। नया अधिनियम VB-G-RAM-G के नाम से जाना जाएगा और इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा गया है। 125 दिन की वैधानिक रोजगार गारंटी VB-G-RAM-G कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन का मजदूरी रोजगार देने की वैधानिक गारंटी होगी, जो पहले के 100 दिनों से 25 दिन अधिक है। सरकार का कहना है कि इससे आय सुरक्षा मजबूत होगी और ग्रामीण श्रमिकों को अधिक निरंतर काम मिलेगा। मजदूरी भुगतान में सख्ती, देरी पर मुआवजा नए कानून में मजदूरी भुगतान को साप्ताहिक आधार पर या किसी भी स्थिति में कार्य समाप्ति के अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है, ताकि भुगतान में पारदर्शिता और भरोसा बढ़े। चार प्राथमिक क्षेत्र तय अधिनियम के तहत होने वाले कार्यों को चार प्रमुख क्षेत्रों तक केंद्रित किया गया है — जल सुरक्षा और जल से जुड़े कार्य, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से संबंधित अवसंरचना और प्रतिकूल मौसमी घटनाओं से निपटने वाले उपाय। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। कृषि सीजन में 60 दिन की विराम अवधि कृषि बुवाई और कटाई के चरम समय में श्रम उपलब्धता बनाए रखने के लिए राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की विराम अवधि अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है, जिससे किसान और कृषि मजदूर दोनों को संतुलन मिल सके। पंचायतों की भूमिका और ग्रामीणों की सहमति काम तय करने का अधिकार पंचायतों को दिया गया है। ग्राम सभाओं के माध्यम से गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन होगा, जिससे स्थानीय प्राथमिकताओं को सीधे योजना से जोड़ा जा सके। वित्तीय ढांचा: केंद्र–राज्य साझेदारी वित्तीय व्यवस्था के तहत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 का अनुपात तय किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 रहेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। संसद में विरोध, सरकार का जवाब यह विधेयक शीतकालीन सत्र में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित हुआ था। विपक्ष ने महात्मा गांधी के नाम हटाने और राज्यों पर संभावित वित्तीय बोझ को लेकर सवाल उठाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MGNREGA का नया नाम रोजगार के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि अधिक उत्पादक और विकासोन्मुख बनाएगा। क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव ग्रामीण भारत में काम की निरंतरता, समय पर भुगतान और परिसंपत्ति निर्माण लंबे समय से प्रमुख चुनौतियां रही हैं। VB-G-RAM-G के जरिए सरकार इन मोर्चों पर व्यवस्था मजबूत करने का दावा कर रही है, जिससे पलायन घटाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। आगे क्या राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार अधिनियम को अधिसूचित करेगी और राज्यों के साथ मिलकर नए दिशा-निर्देश जारी होंगे। आने वाले महीनों में VB-G-RAM-G के तहत पहली परियोजनाएं जमीन पर उतरेंगी, जो MGNREGA का नया नाम बनकर ग्रामीण रोजगार की नई दिशा तय करेंगी।

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रणवीर सिंह की धुरंधर ने बदला 2025 का बॉक्स ऑफिस खेल

कड़कती ठंड के बीच सिनेमाघरों में उमड़ी भीड़ ने साबित कर दिया है कि रणवीर सिंह की धुरंधर इस वक्त देश की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई आदित्य धर निर्देशित यह फिल्म तीसरे शनिवार को रिकॉर्ड तोड़ कमाई के साथ चर्चा में है। 16 दिनों में 535 करोड़ से ज्यादा नेट कलेक्शन कर फिल्म ने कई ऐतिहासिक आंकड़े पार किए। कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और दमदार स्टारकास्ट दर्शकों को खींच रही है। बढ़ते शो और हाउसफुल बोर्ड बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर की पकड़ दिखाते हैं। आने वाले दिन और बड़े संकेत देंगे कड़ाके की ठंड में भी सिनेमाघरों में गर्मी दिसंबर की सर्द रातों में भी सिनेमाघरों के बाहर लगी कतारें साफ बता रही हैं कि ‘धुरंधर’ दर्शकों की पहली पसंद बन चुकी है। रिलीज के तीसरे वीकेंड में फिल्म ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी, उसने इस साल के बॉक्स ऑफिस ट्रेंड को ही बदल दिया। 5 दिसंबर रिलीज, 16 दिन में ऐतिहासिक कमाई आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने महज 15 दिनों में 500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। 16वें दिन तक भारत में इसका नेट कलेक्शन 535 करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है, जो इसे सबसे तेज 500 करोड़ कमाने वाली फिल्मों में शामिल करता है। तीसरे शनिवार को 33 करोड़, टूटा पुराना रिकॉर्ड ट्रेड अनुमानों के मुताबिक तीसरे शनिवार को करीब 33 करोड़ की कमाई हुई, जो किसी भी हिंदी फिल्म के लिए इस दिन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 22 करोड़ के आसपास था, जिसे ‘धुरंधर’ ने बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। स्टारकास्ट और कहानी बनी बड़ी ताकत फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, आर माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को मजबूत आधार दिया है। दमदार अभिनय और बड़े स्केल का ट्रीटमेंट दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रहा है। वर्ल्डवाइड कारोबार ने बढ़ाया दबदबा भारत के साथ-साथ विदेशों में भी फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 805 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। छुट्टियों में और उछाल की उम्मीद क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों को देखते हुए ट्रेड से जुड़े जानकार मान रहे हैं कि फिल्म की कमाई में अभी और तेजी आ सकती है। नौकरीपेशा दर्शकों की छुट्टियां और फेस्टिव माहौल ‘धुरंधर’ के लिए बड़ा सहारा बन सकता है। आगे क्या, 600 से 800 करोड़ तक नजरें मौजूदा रुझान को देखते हुए अनुमान है कि आने वाले दिनों में फिल्म 600 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 700 और यहां तक कि 800 करोड़ क्लब में पहुंचने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। क्यों मायने रखती है ‘धुरंधर’ की सफलता ‘धुरंधर’ की कामयाबी सिर्फ एक फिल्म की जीत नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि मजबूत कंटेंट, बड़े कलाकार और दर्शकों का भरोसा मिलकर बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रच सकते हैं। यह आने वाली फिल्मों के लिए भी उम्मीद की नई लकीर खींच रही है।

डुमरियागंज में 23 दिसंबर को होगा विराट हिंदू सम्मेलन, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज में 23 दिसंबर को होगा विराट हिंदू सम्मेलन, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

नगर पंचायत डुमरियागंज में 23 दिसंबर मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में होगा। मुख्य अतिथि आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल रहेंगे। वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय, अजय पांडेय और अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू सिंह ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा, जिसमें गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवक शामिल होंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए घर-घर संपर्क कर आमंत्रण दिया जा रहा है। सभी से समय पर पहुंचने की अपील की गई है। डुमरियागंज में विराट हिंदू सम्मेलन, 23 दिसंबर को आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील में 23 दिसंबर, मंगलवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संघ शताब्दी वर्ष के तीसरे चरण के अंतर्गत आयोजित हो रहा है। मुख्य अतिथि होंगे आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनके संबोधन से युवाओं और समाज में राष्ट्रसेवा व सामाजिक एकता का संदेश देने की अपेक्षा है। सम्मेलन का उद्देश्य: समरसता और सांस्कृतिक चेतना वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय, अजय पांडेय और अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू सिंह ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में समरसता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। सम्मेलन हिंदू समाज की बंधुता, परंपराओं के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाएगा। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बना आयोजन स्थल यह सम्मेलन डुमरियागंज स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर में दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। आयोजन समिति को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और संघ स्वयंसेवक इसमें सहभागिता करेंगे। घर-घर जनसंपर्क, सफल आयोजन की अपील सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी सच्चिदानंद पांडेय, अजय पांडेय, अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू सिंह, मुकेश कुमार, धर्मेश पांडेय,राजू तिवारी आदि घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रण दे रहे हैं। अधिवक्ताओं, संभ्रांत नागरिकों और युवाओं से भी सहभागिता की अपील की गई है। स्थानीय स्तर पर सामाजिक प्रभाव आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम से क्षेत्र में सामाजिक एकता मजबूत होगी और युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी। प्रशासन से भी सुरक्षा और व्यवस्था में सहयोग की अपेक्षा की गई है।

“हम मरेंगे हमको जहां दिखेंगे वहीं गोली मारेंगे .........”: बलिया केस में बहन का फूटा गुस्सा
उत्तर प्रदेश

“हम मरेंगे हमको जहां दिखेंगे वहीं गोली मारेंगे ………”: बलिया केस में बहन का फूटा गुस्सा

बलिया के बेल्थरारोड में युवक आयुष यादव की गोली मारकर हत्या के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार शाम घर के पास हुई वारदात के बाद उसकी बहन का वीडियो वायरल है, जिसमें वह हत्यारों पर त्वरित कार्रवाई न होने पर खुद कदम उठाने की चेतावनी देती दिखी। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार असंतुष्ट है, जबकि पुलिस जांच और दबिश का दावा कर रही है। गुटबंदी और वर्चस्व के विवाद की पृष्ठभूमि में हुई इस हत्या ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई है और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की है। बलिया में आयुष यादव हत्याकांड से उबाल, बहन का वीडियो वायरल उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड में आयुष यादव उर्फ राहुल की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गोली मारने की इस वारदात के बाद मृतक की बहन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसमें वह प्रशासन को चेतावनी देती दिख रही है। परिवार का कहना है कि जब तक हत्यारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलेगा। घर के पास मारी गई गोली, इलाज के दौरान मौत परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम आयुष को उसके घर के पास गोली मारी गई। घायल हालत में उसे पहले जिला अस्पताल, फिर मऊ और अंत में वाराणसी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद आयुष ने हमलावरों के नाम भी बताए थे। नामजद मुकदमा, कुछ गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार परिवार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में तेजी लाते हुए एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य नामजद आरोपी—रॉबिन सिंह, पवन सिंह, रोहित और राज—अब भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में कई विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बहन की चेतावनी ने बढ़ाया दबाव वायरल वीडियो में आयुष की बहन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती दिखी। वह कहती है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद कदम उठाने को मजबूर होगी। उसने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे का हवाला देते हुए आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस वीडियो के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। गुटबंदी और वर्चस्व का विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि आयुष की हत्या गुटबंदी और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। पुलिस भी मान रही है कि मृतक और आरोपी पहले एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच पुराना विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले शांति भंग की आशंका में युवकों पर कार्रवाई भी की गई थी। इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ी घटना और वायरल वीडियो के बाद यादव नगर और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है। मृतक के घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। पुलिस का भरोसा: जल्द होगी गिरफ्तारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। साथ ही, वायरल वीडियो को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह की उकसावे वाली स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं। क्यों अहम है यह मामला यह हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम पर उठते भरोसे का सवाल बन गया है। परिवार का दर्द और बहन की चेतावनी दिखाती है कि समय पर न्याय न मिले तो आक्रोश किस हद तक पहुंच सकता है। बलिया में अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि प्रशासन कब और कैसे दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाता है।

बांसी तहसील में पत्रकारों ने उठाई प्रेस भवन निर्माण की पुरानी मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर

बांसी तहसील में पत्रकारों ने उठाई प्रेस भवन निर्माण की पुरानी मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील में पत्रकारों ने प्रेस भवन निर्माण और भूमि आवंटन की मांग को लेकर शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नेतृत्व सत्येन्द्र उपाध्याय ने किया। पत्रकारों ने बताया कि वर्षों से मांग लंबित है और स्थायी स्थान न होने से बैठकों, प्रेस वार्ताओं और लेखन में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि भवन बनने से पत्रकारिता मजबूत होगी और सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचेगी। ज्ञापन में प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया गया। अजीत मौर्य, जय प्रकाश यादव, मुकेश धर द्विवेदी, रोहित दूबे, रितिक श्रीवास्तव, जय शंकर मिश्रा और अंकुर गुप्ता सहित पत्रकार मौजूद रहे। बांसी तहसील में पत्रकारों ने उठाई प्रेस भवन की मांग सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील क्षेत्र के पत्रकारों ने वर्षों से लंबित प्रेस भवन निर्माण और भूमि आवंटन की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी बांसी को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की। स्थायी स्थान के अभाव में कार्य में हो रही कठिनाई ज्ञापन में बताया गया कि प्रेस भवन न होने के कारण पत्रकारों को बैठकों, प्रेस वार्ताओं, समाचार संकलन और लेखन कार्य के लिए कोई स्थायी व व्यवस्थित स्थान उपलब्ध नहीं है। इससे रोजमर्रा के कार्यों में लगातार दिक्कतें आती हैं और समय भी नष्ट होता है। प्रेस भवन से मजबूत होगी स्थानीय पत्रकारिता पत्रकारों का कहना है कि तहसील स्तर पर यदि उपयुक्त भूमि आवंटित कर प्रेस भवन का निर्माण कराया जाता है, तो इससे स्थानीय पत्रकारिता को मजबूती मिलेगी। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जनहित से जुड़ी सूचनाएं आम लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। प्रशासन और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रेस भवन एक साझा मंच बनेगा, जहां से प्रशासन और पत्रकारों के बीच संवाद मजबूत होगा। इससे सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा मिलेगा, जो लोकतंत्र के लिए जरूरी है। शीघ्र भूमि आवंटन की मांग सभी पत्रकारों ने एक स्वर में मांग की कि प्रेस भवन के लिए जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर निर्माण प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुचारु रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। अब स्थानीय पत्रकारों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सत्येन्द्र उपाध्याय के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन इस मौके पर सत्येन्द्र उपाध्याय के नेतृत्व में अजीत मौर्य, जय प्रकाश यादव, मुकेश धर द्विवेदी, रोहित दूबे, रितिक श्रीवास्तव, जय शंकर मिश्रा, अंकुर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

क्यों भड़की कांग्रेस? जाने सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यालय घेराव का पूरा मामला !
सिद्धार्थनगर

क्यों भड़की कांग्रेस? जाने सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यालय घेराव का पूरा मामला !

सिद्धार्थनगर में गुरुवार को यंग इंडिया मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कथित दुर्भावनापूर्ण ईडी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिला कार्यालय का घेराव किया। जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से मार्च करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ भाजपा कार्यालय तक पहुंच गई। यहां सरकार विरोधी नारे लगाए गए।क़ाज़ी सुहेल ने कहा कि अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला न होने की बात कही है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। सिद्धार्थनगर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन सिद्धार्थनगर जिले में गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यंग इंडिया मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। भाजपा जिला कार्यालय का किया घेराव जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने रास्ते में उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं के कारण वे भाजपा कार्यालय तक पहुंचने में सफल रहे। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भाजपा कार्यालय के सामने हुई सभा में काजी सुहेल अहमद ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यंग इंडिया प्रकरण में न्यायालय की टिप्पणियां सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती हैं। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संघर्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह संघर्ष केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सम्मान का नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा का है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी अन्याय और दमन के सामने कभी नहीं झुकी है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। शांतिपूर्ण रहा आंदोलन कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल नेताओं की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की है। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी दर्ज की गई। उपस्थिति इस अवसर पर प्रदेश सचिव नादिर सलाम, देवेन्द्र कुमार गुड्डू, कृष्ण बहादुर सिंह, राम चंदर पाण्डेय, जावेद मोकीम, अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, पंकज चतुर्वेदी, गंगेश्वर राय, दीपक यदुवंशी, रियाज़ मनिहार, ऋषिकेश मिश्रा, रियाजउद्दीन राईनी, राजन श्रीवास्तव, मोबीन खान, दिवाकर त्रिपाठी, पंकज पांडेय, शाहिद प्रधान, गिरिजेश कुमार, देवेन्द्र राव, सुदामा प्रसाद, मैनुद्दीन प्रधान, शकील अहमद,जोखन प्रजापति, वारिस अली, अनीस, होरी लाल श्रीवास्तव, डॉ प्रमोद कुमार, गुल मोहम्मद, शौकत अली, कपिल देव यादव, उस्मान खान, जमाल अहमद, विशाल चौरसिया, लवकुश पांडेय, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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