चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा भक्तों का सैलाब, श्रद्धालु हुए भावविभोर
डुमरियागंज के चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के चौखड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रेम शरण शास्त्री ने सुनाया कृष्ण–रुक्मिणी विवाह प्रसंग कथावाचक प्रेम शरण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्त भावविभोर हो उठे और वातावरण जयकारों से गूंज उठा। महारास, मथुरा गमन और गोपी उद्धव संवाद की जीवंत प्रस्तुति कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला, अक्रूर द्वारा मथुरा ले जाने का प्रसंग और गोपी-उद्धव संवाद का सजीव वर्णन किया गया। सुंदर झांकियों ने प्रसंगों को और भी आकर्षक बना दिया। अहंकार त्याग और भक्ति का संदेश कथावाचक ने कहा कि मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार सर्वनाश का कारण बनता है। सच्ची भक्ति और प्रभु की आराधना से ही जीवन में सुख-शांति मिलती है और भगवान अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी, धार्मिक माहौल सशक्त श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह उत्सव की झांकी में भक्तों ने विवाह का आनंद लिया। मुख्य यजमान कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल जी सिंह, हरि सिंह, अरुण कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव सिंह, राजन दुबे, शिव मुकुंद सिंह, रामेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। क्षेत्र पर प्रभाव और धार्मिक जागरण इस आयोजन से चौखड़ा और आसपास के गांवों में धार्मिक चेतना बढ़ी है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण समाज को जोड़ने, संस्कारों को सुदृढ़ करने और युवाओं में संस्कृति के प्रति आस्था जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।









