यूपी में शीतलहर के बीच स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं, सरकार का हुआ आदेश
उत्तर प्रदेश

यूपी में शीतलहर के बीच स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं, सरकार का हुआ आदेश

उत्तर प्रदेश में भीषण शीतलहर और घने कोहरे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यभर के स्कूलों को लेकर निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, सभी बोर्डों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालय 5 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने नर्सरी से कक्षा 8 तक की छुट्टियां बढ़ाई हैं। निर्णय से ठंड के मौजूदा हालात में छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिम को कम करने की कोशिश की गई है। भीषण शीतलहर में स्कूलों पर सरकार का फैसला उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित है। इन्हीं हालातों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने के निर्देश जारी किए। 9वीं से 12वीं तक 5 जनवरी तक अवकाश राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड सहित सभी बोर्डों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालय 5 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। यह निर्णय प्रदेशभर के सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा। नर्सरी से कक्षा 8 तक लंबी राहत बेसिक शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों के लिए छुट्टियों का दायरा और बढ़ाया है। विभागीय कैलेंडर के अनुसार नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 14 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे, ताकि ठंड के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े। आदेश का सख्त पालन अनिवार्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मौसम के हालात के अनुसार आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।

ईरान में आर्थिक संकट पर भड़का जनआंदोलन, हालात लगातार तनावपूर्ण
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ईरान में आर्थिक संकट पर भड़का जनआंदोलन, हालात लगातार तनावपूर्ण

ईरान में आर्थिक संकट के बीच शुरू हुआ जनआक्रोश अब सत्ता और सड़कों के सीधे टकराव में बदलता दिख रहा है। लगातार छठे दिन जारी प्रदर्शनों ने देश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं। बाजार बंद होने से शुरू हुआ यह आंदोलन अब दर्जनों शहरों और प्रांतों तक फैल चुका है। कमजोर होती मुद्रा, बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी ने लोगों की नाराज़गी को हवा दी है। स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब शीर्ष नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों के प्रति सख्त रुख के संकेत दिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संकट पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। आर्थिक संकट से भड़का जनआक्रोश ईरान में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों की जड़ देश की कमजोर अर्थव्यवस्था मानी जा रही है। रियाल के तेज़ी से गिरते मूल्य ने आम नागरिकों की क्रयशक्ति को प्रभावित किया है। कई शहरों में कारोबारियों ने बाजार बंद कर विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया। कई शहरों में झड़पें और गिरफ्तारियां प्रदर्शन अब दर्जनों शहरों तक फैल चुके हैं। कुछ इलाकों में हिंसक झड़पों, तोड़फोड़ और बल प्रयोग की खबरें हैं। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय एजेंसियों के अनुसार, अब तक कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए हैं। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व का सख्त संदेश देश के सर्वोच्च नेता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए, लेकिन हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है। इस बयान को सुरक्षा एजेंसियों को अधिक कठोर कदम उठाने की छूट के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं तेज ईरान की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया हुई है। अमेरिका से चेतावनी भरे बयान सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाए जाने पर दखल की बात कही गई है। वहीं, ईरान के पूर्व शाही परिवार से जुड़े लोगों ने भी आंदोलन के समर्थन में बयान दिए हैं। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक हालात में तत्काल सुधार के संकेत नहीं मिले और संवाद की प्रक्रिया ठोस रूप नहीं ले पाई, तो यह संकट और गहराने की आशंका है। आने वाले दिनों में सरकार का रुख और सुरक्षा बलों की रणनीति तय करेगी कि हालात शांत होते हैं या टकराव और बढ़ता है।

बाबू बालेश्वर लाल जी के जयंती पर पत्रकारों ने याद किया उनका योगदान
सिद्धार्थनगर

बाबू बालेश्वर लाल जी के जयंती पर पत्रकारों ने याद किया उनका योगदान

इटवा तहसील में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने स्व श्री बाबू बालेश्वर लाल जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।

सिद्धार्थनगर के एसपी डॉ. अभिषेक महाजन का एसएसपी के पद पर हुई पदोन्नति
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर के एसपी डॉ. अभिषेक महाजन का एसएसपी के पद पर हुई पदोन्नति

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर को एसएसपी पद पर पदोन्नति जनपद सिद्धार्थनगर के गुरुवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया। यह पदोन्नति उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के आधार पर की गई। बस्ती परिक्षेत्रीय कार्यालय में सम्मान समारोह पदोन्नति के अवसर पर बस्ती परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव त्यागी ने परिक्षेत्रीय कार्यालय बस्ती में उन्हें एक अतिरिक्त श्वेत धातु स्टार लगाकर सम्मानित किया। इस दौरान उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत निर्णय यह पदोन्नति प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नियमानुसार की गई। कार्यक्रम औपचारिक और सम्मानजनक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नववर्ष से पहले नौगढ़ में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती, हुई सघन जांच
सिद्धार्थनगर

नववर्ष से पहले नौगढ़ में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती, हुई सघन जांच

31 दिसंबर और नववर्ष पर नौगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान, रेस्टोरेंट व मिठाई दुकानों का निरीक्षण, मिलावट पर सख्त निगरानी।

ठंड से बचाव के लिए आगे आया प्रशासन, डुमरियागंज में जरूरतमंदों को बांटे गए निःशुल्क कंबल
सिद्धार्थनगर

ठंड से बचाव के लिए आगे आया प्रशासन, डुमरियागंज में जरूरतमंदों को बांटे गए निःशुल्क कंबल

डुमरियागंज ब्लॉक में जरूरतमंदों को मिला ठंड से राहत कड़ाके की ठंड के बीच मंगलवार को डुमरियागंज ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के सौजन्य से निःशुल्क कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डुमरियागंज तहसील प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ। सांसद प्रतिनिधि अभिषेक पाल की रही उपस्थिति सांसद की अनुपस्थिति में उनके पुत्र एवं प्रतिनिधि अभिषेक पाल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी राजेश कुमार, तहसीलदार रवि यादव, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र मणि, राम कुमार उर्फ चिंकू यादव,सांसद प्रतिनिधि राजेश द्विवेदी ,राजू पाल, कमलेश चौरसिया सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी इस अवसर पर उपस्थित लोगों को उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऐसे राहत कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि ठंड के कारण कोई भी नागरिक परेशान न हो। लाभार्थियों में दिखी संतुष्टि और खुशी कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने इस पहल को सराहते हुए इसे जरूरतमंदों के लिए समय पर मिली मदद बताया।

यूपी शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से, छात्रों को ठंड में मिलेंगी बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश

यूपी शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से, छात्रों को ठंड में मिलेंगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में शीतलहर के कारण बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के लिए 15 दिनों के शीतकालीन अवकाश की तैयारी की है। कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे और 15 जनवरी को खुलेंगे। शिक्षकों को निर्देश है कि वे 30 दिसंबर तक डीबीटी सत्यापन, आधार ऑथेंटिकेशन और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरे कर रिपोर्ट दें। घने कोहरे और गिरते तापमान के बीच शिक्षक संगठनों ने 29 और 30 दिसंबर को भी स्थानीय अवकाश की मांग की है, ताकि छोटे बच्चों को ठंड से राहत मिल सके। यूपी में शीतकालीन अवकाश की तैयारी, बच्चों को मिलेगी ठंड से राहत उत्तर प्रदेश में लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के लिए शीतकालीन अवकाश की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभागीय तैयारी के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। इस फैसले से प्रदेश के लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। 15 जनवरी से दोबारा खुलेंगे स्कूल विभागीय कैलेंडर के मुताबिक मकर संक्रांति तक छुट्टियां रहेंगी और 15 जनवरी 2026 से स्कूल अपने निर्धारित समय पर दोबारा खुलेंगे। अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौजूदा हालात को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षकों को 30 दिसंबर तक सभी काम निपटाने के निर्देश छुट्टियों से पहले शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 दिसंबर तक अपने सभी लंबित विभागीय कार्य पूरे करें। इसमें डीबीटी के जरिए बच्चों के खातों में भेजी जाने वाली धनराशि का सत्यापन, आधार ऑथेंटिकेशन और जरूरी प्रशासनिक रिपोर्ट शामिल हैं। सभी शिक्षकों को यह रिपोर्ट अपने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपनी होगी। शीतलहर के बीच जल्द अवकाश की मांग प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा और तेज ठंड पड़ रही है। ऐसे में शिक्षक संगठनों ने मांग उठाई है कि 29 और 30 दिसंबर को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित किया जाए। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को सुबह-शाम स्कूल आने में परेशानी हो रही है और ठंड से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। स्कूल परिसरों की सुरक्षा भी अहम विभाग ने साफ किया है कि छुट्टियों के दौरान स्कूल परिसर बंद रहेंगे। इसलिए 30 दिसंबर की शाम तक सभी जरूरी दस्तावेजी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि अवकाश के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो। क्यों अहम है यह फैसला उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र ग्रामीण और दूरदराज इलाकों से आते हैं। ठंड और कोहरे में सफर करना उनके लिए जोखिम भरा होता है। ऐसे में समय पर शीतकालीन अवकाश का फैसला बच्चों की सेहत और उपस्थिति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे क्या अब नजर इस बात पर है कि जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी स्थानीय मौसम को देखते हुए 29 और 30 दिसंबर को लेकर क्या निर्णय लेते हैं। फिलहाल विभागीय कैलेंडर के अनुसार 31 दिसंबर से अवकाश तय है, लेकिन हालात बिगड़ने पर स्थानीय आदेश से बदलाव संभव है।

यूपी पुलिस को मिला यक्ष ऐप, अपराध पर तकनीक से होगा कड़ा प्रहार
उत्तर प्रदेश

यूपी पुलिस को मिला यक्ष ऐप, अपराध पर तकनीक से होगा कड़ा प्रहार

लखनऊ में शनिवार को हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन से उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग को नई तकनीकी ताकत मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्याधुनिक यक्ष ऐप का शुभारंभ किया। एआई और बिग डेटा पर आधारित यह प्लेटफॉर्म अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और बीट पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखता है। ऐप के जरिए माफिया, हिस्ट्रीशीटर और गैंग नेटवर्क की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी। संवेदनशील इलाकों का डेटा, रियल टाइम अलर्ट और फेस रिकग्निशन जैसे फीचर फील्ड में तैनात पुलिस को पहले से सतर्क करेंगे। सरकार का दावा है कि इससे रिस्पॉन्स टाइम घटेगा और व्यवस्था मजबूत होगी। लखनऊ से नई शुरुआत: पुलिसिंग को मिला डिजिटल हथियार उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था ने शनिवार को एक बड़ा तकनीकी कदम आगे बढ़ाया। लखनऊ में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यक्ष (YAKSH) ऐप’ का औपचारिक शुभारंभ किया। एआई और बिग डेटा पर आधारित यह प्लेटफॉर्म अपराध नियंत्रण को तेज, सटीक और समन्वित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। क्या है यक्ष ऐप और क्यों है अहम यक्ष ऐप को पुलिस के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां माफिया, हिस्ट्रीशीटर, गैंग और संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां एक क्लिक में उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इसे अपराधियों के खिलाफ “निरंतर तैयारी का डिजिटल हथियार” बताते हुए कहा कि यह पुलिस के काम करने के तरीके को नई दिशा देगा। संवेदनशील इलाकों पर रहेगी पहले से नजर ऐप में प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों का डेटा पहले से फीड किया गया है। ऐसे इलाके जहां पत्थरबाजी, सामूहिक हिंसा या अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका रहती है, वहां से जुड़े अलर्ट पुलिस तक तुरंत पहुंचेंगे। इससे मौके पर तैनाती और कार्रवाई पहले से संभव हो सकेगी। AI फीचर्स से तेज और सटीक कार्रवाई यक्ष ऐप में रियल टाइम अलर्ट, AI आधारित फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT और गैंग एनालिसिस जैसे फीचर्स शामिल हैं। इनकी मदद से किसी संदिग्ध की पहचान, उसके नेटवर्क और गतिविधियों का त्वरित विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे फील्ड में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। बीट पुलिसिंग को मिलेगा नया आधार सम्मेलन में डिजिटल बीट-बुक और यक्ष ऐप के उपयोग पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इसमें बताया गया कि कैसे यह प्लेटफॉर्म बीट कर्मियों के दैनिक काम को सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा। जमीनी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों को अब सूचनाओं के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि यक्ष ऐप से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और अपराध पर निगरानी मजबूत बनेगी। तेज सूचना और विश्लेषण के जरिए घटनास्थल तक पहुंच और कार्रवाई में देरी घटेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ेगा। जनता के लिए क्या बदलेगा इस तकनीकी पहल का मकसद सिर्फ पुलिसिंग को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना है। बेहतर निगरानी और तेज कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा और भरोसा मजबूत होगा कि पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आगे क्या सरकार का संकेत है कि आने वाले समय में यक्ष ऐप को और मॉड्यूल्स से जोड़ा जाएगा, ताकि डेटा अपडेट, ट्रेनिंग और इंटर-डिपार्टमेंट समन्वय भी इसी प्लेटफॉर्म पर हो सके। यह पहल प्रदेश में स्मार्ट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पुलिसिंग की दिशा में नई आधारशिला मानी जा रही है।

चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा: कृष्ण-सुदामा की मित्रता के प्रसंग ने भक्तों को किया भावुक
सिद्धार्थनगर

चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा: कृष्ण-सुदामा की मित्रता के प्रसंग ने भक्तों को किया भावुक

चौखड़ा गांव में चल रही कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील अंतर्गत चौखड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार की रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का वाचन कर रहे प्रसिद्ध कथावाचक प्रेम शरण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। कृष्ण-सुदामा प्रसंग से मिली सच्ची मित्रता की सीख प्रेम शरण शास्त्री ने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारिका में अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे थे। द्वारपालों द्वारा रोके जाने के बाद जब प्रभु को सुदामा के आने का पता चला, तो वे स्वयं दौड़कर द्वार पर पहुंचे और मित्र को गले लगा लिया। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्ची मित्रता में पद, वैभव और भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता। जीवन जीने की कला और उपदेशों से किया मार्गदर्शन कथा के अंतिम दिन कथाव्यास ने जीवन के उद्देश्य, मानव जीवन की दुर्लभता और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही सूर्यदेव, सत्राजित मणि, जामवंत युद्ध, आठ विवाह और भौमासुर से 16,100 कन्याओं की मुक्ति जैसे प्रसंगों का भी वर्णन किया। समाज पर धार्मिक आयोजनों का सकारात्मक प्रभाव इस तरह के आयोजनों से गांवों में आध्यात्मिक चेतना बढ़ती है और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का अवसर मिलता है। कथा के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। मुख्य यजमानों सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल सिंह समेत कई प्रमुख यजमानों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी ने कथा से प्रेरणा लेकर समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

कांग्रेस द्वारा आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम, महापुरुषों को किया गया नमन
सिद्धार्थनगर

कांग्रेस द्वारा आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम, महापुरुषों को किया गया नमन

डुमरियागंज में कांग्रेस ने मनाई मालवीय, बिजली पासी जयंती व राजगोपालाचारी पुण्यतिथि डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के बयारा चौराहे पर आज गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारकों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान भारत रत्न पंडित मदनमोहन मालवीय और महाराजा बिजली पासी की जयंती तथा भारत रत्न चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया राष्ट्रनिर्माण का योगदान कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तीनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके द्वारा शिक्षा, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया। जिला अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद का संदेश जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि पंडित मदनमोहन मालवीय ने शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी। महाराजा बिजली पासी ने वंचित और उपेक्षित समाज को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, जबकि सी. राजगोपालाचारी ने संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज के समय में इन महापुरुषों के विचार देश को सही दिशा दे सकते हैं। सामाजिक समरसता और लोकतंत्र पर जोर कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, समान अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे इन आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष रियाज मनिहार, ब्लाक अध्यक्ष मुकेश चौबे, काजी सरमद अली, काजी खालिद हुसैन, अर्जुन कन्नौजिया, बेचन गौतम, अफरेज, मोहम्मद अहमद, रजिउद्दीन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का महत्व बयारा चौराहे पर आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों और समाज सुधार की भावना से जोड़ने का काम करते हैं।

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