लखनऊ से लॉन्च हुआ ‘लेखपाल डैशबोर्ड’, अब तहसील कार्य होंगे ऑनलाइन
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लखनऊ से लॉन्च हुआ ‘लेखपाल डैशबोर्ड’, अब तहसील कार्य होंगे ऑनलाइन

लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील से गुरुवार को राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने ‘लेखपाल डैशबोर्ड’ का शुभारंभ किया। इस डैशबोर्ड के जरिए प्रदेश के 22 हजार लेखपाल अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, दाखिल-खारिज व भूमि अभिलेख संशोधन जैसे कार्य ऑनलाइन कर सकेंगे। इससे लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और काम तय समय में निस्तारित होंगे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, दूसरे चरण में गरीब सवर्ण प्रमाण पत्र, अविवादित वरासत, नक्शे व स्वामित्व परिवर्तन जैसी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। यह पहल पारदर्शिता, तेजी और नागरिक सुविधा की दिशा में बड़ा कदम है। लखनऊ में शुरू हुआ ‘लेखपाल डैशबोर्ड’, नागरिकों को तहसील कार्यों में मिलेगी राहत लखनऊ। प्रदेश के नागरिकों को राजस्व संबंधी कामों में सुविधा देने के लिए गुरुवार को सरोजनीनगर तहसील से राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार ने ‘लेखपाल डैशबोर्ड’ का शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, वरासत, भूमि अभिलेख संशोधन व प्रमाणपत्र सत्यापन जैसे कार्य ऑनलाइन होंगे। 22 हजार लेखपाल होंगे ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ाव प्रदेश के लगभग 22 हजार लेखपाल अब इस डैशबोर्ड के जरिए नागरिकों के लिए प्रमाण पत्र और राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इससे काम तय समय सीमा में निस्तारित होंगे और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। दूसरे चरण में और सुविधाएं कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, डैशबोर्ड के दूसरे चरण में गरीब सवर्ण प्रमाण पत्र, अविवादित वरासत, गांव और भूखंड का नक्शा, स्वामित्व परिवर्तन के बाद नए मालिक का नाम दर्ज कराने जैसी सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। पारदर्शिता और निगरानी में सुधार अनिल कुमार ने बताया कि डैशबोर्ड से सिंगल लॉगइन सिस्टम के जरिए लेखपालों के सभी काम एक प्लेटफॉर्म पर दिखेंगे। इससे न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी बल्कि अधिकारियों को कार्य की निगरानी और समीक्षा आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री की डिजिटल पहल का हिस्सा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राजस्व परिषद सभी सेवाओं को डिजिटल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें एनआईसी की तकनीकी टीम और तहसील स्तर के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह पहल केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि राजस्व परिवार के हजारों कर्मचारियों की मेहनत और सहयोग का परिणाम है।

डुमरियागंज और इटवा तहसील को बाढ़ से राहत दिलाएंगे नए बांध
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज और इटवा तहसील को बाढ़ से राहत दिलाएंगे नए बांध

सिद्धार्थनगर जिले में सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के प्रयास से छगड़िहवां-सोनबरसा व भोजपुर-शाहपुर बांध निर्माण को बड़ी सफलता मिली है। छगड़िहवां-सोनबरसा बांध में 15.100 किमी लंबाई में गैप है, जिसमें से 9.200 किमी क्षेत्र के कृषकों से सहमति हो चुकी है। शेष गांवों पर प्रक्रिया चल रही है। वहीं भोजपुर-शाहपुर बांध में 8.200 किमी गैप में से 3 किमी हिस्से पर 60% भूमि रजिस्ट्री पूर्ण हो गई है और दो माह में कार्य शुरू होगा। इन बांधों के निर्माण से इटवा व डुमरियागंज तहसील के कई गांवों को बाढ़ से राहत मिलेगी। सिद्धार्थनगर में बांध निर्माण को मिली गति सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अथक प्रयासों से जिले के दो महत्वपूर्ण बांध—छगड़िहवां-सोनबरसा और भोजपुर-शाहपुर—के निर्माण कार्य में तेजी आई है। दोनों परियोजनाओं की प्रगति ग्रामीणों की सहमति और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर आधारित है। छगड़िहवां-सोनबरसा बांध परियोजना इस बांध में कुल 15.100 किमी लंबाई में गैप मौजूद था। इसमें से 9.200 किमी हिस्से पर कृषकों की सहमति प्राप्त कर ली गई है। शेष 5.900 किमी क्षेत्र, जिसमें परसा बुजुर्ग, जिगना माफी, पकड़ी, पाली, मूसा और सकतपुर जैसे गांव शामिल हैं, वहां सहमति प्रक्रिया चल रही है। सहायक अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि आगामी मुख्य अभियंता समिति में यह परियोजना प्रस्तुत की जाएगी। भोजपुर-शाहपुर बांध की स्थिति भोजपुर-शाहपुर बांध में 8.200 किमी लंबे गैप में से 3.00 किमी क्षेत्र के कृषकों से 60% भूमि रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। भरवटियां मुहस्तकम और भरवटिया एहतमाली गांवों से शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सहायक अभियंता अमित कुमार मल्ल ने बताया कि अगले दो महीनों में इस हिस्से में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। अन्य गांवों—बेवमुहस्तकम, वीरपुर मुहस्तकम, मछिर्या मुहस्तकम और फत्तेपुर—में भी सहमति और रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रगति पर है। बाढ़ से राहत की उम्मीद दोनों बांधों के निर्माण के बाद इटवा और डुमरियागंज तहसील के कई गांवों को हर साल आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना किसानों की खेती और स्थानीय आबादी की सुरक्षा के लिए नई उपलब्धि साबित होगी।

लगातार तीसरी राहत से आज़म खान की मुश्किलें हुईआसान, जल्द बाहर आ सकते हैं जेल से
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लगातार तीसरी राहत से आज़म खान की मुश्किलें हुईआसान, जल्द बाहर आ सकते हैं जेल से

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रामपुर के क्वालिटी बार पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामले में न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। यह मामला 2019 में दर्ज हुआ था, जिसमें पहले उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म नामजद थे। बाद में विवेचना में आज़म को भी आरोपी बनाया गया। इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की थी। वकील इमरानउल्लाह के अनुसार, अब लगभग सभी मुकदमों में राहत मिलने से आज़म जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं। आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। यह जमानत रामपुर के बहुचर्चित क्वालिटी बार अवैध कब्जा मामले में दी गई है। न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने गुरुवार को फैसला सुनाया। 2019 में दर्ज हुआ था केस यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सईद नगर हरदोई पट्टी में स्थित क्वालिटी बार से जुड़ा है। 21 नवंबर 2019 को बार मालिक गगन अरोड़ा की शिकायत पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरुआती विवेचना में चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आज़म की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान का नाम सामने आया। बाद में पुलिस ने आज़म खान को भी आरोपी बनाया। जमानत से पहले कई झटके आजम खान ने पहले रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 17 मई 2025 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता इमरानउल्लाह और मोहम्मद खालिद ने उनकी पैरवी की। वहीं, सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आज़म का लंबा आपराधिक इतिहास है और उन्होंने मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। लगातार तीसरी राहत आजम खान को एक हफ्ते में यह लगातार तीसरी बड़ी राहत मिली है। इससे पहले 10 सितंबर को डूंगरपुर मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, जबकि 16 सितंबर को रामपुर की अदालत ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें बरी कर दिया था। जेल से बाहर आने की उम्मीद अधिवक्ता इमरानउल्लाह का कहना है कि लगभग सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद अब आज़म खान के जेल से बाहर आने की संभावना बहुत बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की सियासत पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

पीएम मोदी को 8 साल की बच्ची ने भेजा भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर चर्चा
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पीएम मोदी को 8 साल की बच्ची ने भेजा भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर चर्चा

महराजगंज की आठ वर्षीय सांची अग्रवाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जन्मदिन संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सांची ने भावपूर्ण कविता के जरिये पीएम को शुभकामनाएं दीं, जिसे लोगों ने खूब सराहा। सांची ने 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया था और पीएम मोदी से मुलाकात कर सराहना पाई थी। कला, संगीत, नृत्य, मुक्केबाजी और ताइक्वांडो में दक्ष सांची ने महाकुंभ-2025 में भी विदेशी पर्यटकों को प्रभावित किया। मां स्तुति अग्रवाल ने बेटी के लिए नौकरी छोड़ी। सांची का यह संदेश महराजगंज की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक ले गया। महराजगंज की सांची अग्रवाल का संदेश प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर वायरल महराजगंज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश-विदेश से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। इस बीच महराजगंज जिले की आठ वर्षीय बच्ची सांची अग्रवाल का भावपूर्ण संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। सांची ने कविता के माध्यम से पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उन्हें प्रेरणा स्रोत बताया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सांची ने दिखाई प्रतिभा सांची ने मात्र आठ साल की उम्र में कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर सबका ध्यान खींचा था। 2024 में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे यह सम्मान दिया था। उसी अवसर पर सांची ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। पीएम ने उसकी प्रतिभा की सराहना की और बातचीत भी की थी। बहुमुखी प्रतिभा की धनी सांची सांची अग्रवाल न सिर्फ कथक नृत्य में निपुण हैं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, मुक्केबाजी और ताइक्वांडो में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं। उसे ताइक्वांडो की ब्लैक बेल्ट प्राप्त है और वह जूनियर मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। संस्कृत श्लोकों का गहरा ज्ञान भी उसकी विशेषता है। मां ने बेटी के भविष्य के लिए छोड़ी नौकरी सांची की सफलता के पीछे उसकी मां स्तुति अग्रवाल का त्याग अहम है। बीटेक इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने नौकरी छोड़कर बेटी की प्रतिभा को निखारने में पूरा समय दिया। पिता नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिष्ठित कारोबारी हैं। महाकुंभ-2025 में दिखाया कौशल फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम में सांची ने कथक नृत्य प्रस्तुत कर विदेशी पर्यटकों का दिल जीत लिया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व डीएम अनुनय झा और मौजूदा डीएम संतोष कुमार शर्मा ने कई बार उसकी प्रतिभा की सराहना की है। कविता से दिया प्रेरक संदेश प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए संदेश में सांची ने लिखा –“हम तोड़ रहे हैं जंजीरें, हम बदल रहे हैं तस्वीरें। यह नवयुग का नव भारत है, खुद लिखेंगे अपनी तकदीरें।”उसने अपने संदेश में संकल्प व्यक्त किया कि वह तन-मन-धन से देश और संस्कृति की सेवा में योगदान देगी।

सिद्धार्थनगर में पत्रकारों ने उठाई पेंशन व आयुष्मान योजना की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में पत्रकारों ने उठाई पेंशन व आयुष्मान योजना की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (ग्रापए) की जिला इकाई सिद्धार्थनगर ने मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में तहसील अध्यक्षों ने पत्रकारों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। ज्ञापन में लखनऊ में कार्यालय भवन आवंटन, ग्रामीण पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ, 60 वर्ष से ऊपर वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन, प्राथमिकी दर्ज होने से पूर्व जांच, आपदा में आर्थिक सहायता और फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई जैसी मांगें शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल में जिले के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण पत्रकारों ने डीएम से की मुलाकात, सात सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री तक पहुँचाने की अपील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (ग्रापए) की जिला इकाई सिद्धार्थनगर ने मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. से भेंट कर पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की और मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। लखनऊ में कार्यालय भवन आवंटन की मांग जिलाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में तहसील अध्यक्षों ने मांग की कि अन्य संगठनों की तरह ग्रापए को भी लखनऊ स्थित दारुलसफा या ओसीआर परिसर में कार्यालय हेतु भवन आवंटित किया जाए। इससे सुदूर जिलों से आने वाले पत्रकारों को ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। आयुष्मान योजना और पेंशन की व्यवस्था ज्ञापन में ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग की गई। साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ ग्रामीण पत्रकारों को पेंशन योजना से जोड़े जाने की अपील की गई। प्राथमिकी दर्ज से पूर्व जांच की व्यवस्था पत्रकारों के विरुद्ध किसी भी प्राथमिकी से पूर्व जिला स्तर पर किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच कराने की अनिवार्यता की मांग की गई। आपदा में आर्थिक सहायता ग्रामीण पत्रकार की प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को किसान बीमा योजना की तरह पाँच लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से बीस लाख रुपये की सहायता देने की मांग रखी गई। फर्जी पत्रकारों पर सख्त कार्रवाई ज्ञापन में यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले फर्जी पत्रकारों की शिनाख्त कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि वास्तविक पत्रकारों की साख बनी रहे। बैठक में मौजूद पदाधिकारी इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अजय पाण्डेय, डुमरियागंज तहसील अध्यक्ष राजेश पाण्डेय, बांसी से अष्टभुजा शुक्ला, संरक्षक संजय त्रिपाठी, गिरजेश धर द्विवेदी, प्रशांत मिश्र, रिंकू उपाध्याय, उमाकांत त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, पिंकू त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

गांवों का सौंदर्यीकरण और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, सिद्धार्थनगर डीएम की प्राथमिकता
सिद्धार्थनगर

गांवों का सौंदर्यीकरण और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण, सिद्धार्थनगर डीएम की प्राथमिकता

सिद्धार्थनगर में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में विकास एवं ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में खंड विकास अधिकारियों को पांच ग्राम पंचायतों में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों के चौराहों व तिराहों का सौंदर्यीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, एमडीएम शेड, ओपन जिम और पशु चिकित्सालय निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने पर बल दिया। 109 अन्नपूर्णा भवन पूर्ण होने पर शीघ्र हैंडओवर व राशन वितरण शुरू करने का निर्देश दिया गया। सिद्धार्थनगर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों को विभिन्न विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सौंदर्यीकरण पर जोर जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि पांच ग्राम पंचायतों में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु जमीन चिन्हित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही पंचायतों के प्रमुख चौराहों और तिराहों का सौंदर्यीकरण कार्य 15 सितम्बर तक पूरा करने का आदेश दिया गया। अन्नपूर्णा भवन और राशन वितरण बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 109 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि भवनों का हैंडओवर लेकर जल्द ही राशन वितरण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल सके। आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाएं बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के सर्वे व मरम्मत कार्य की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने रनिंग वाटर, शौचालय, टाइल्स और पेंटिंग सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ओडीएफ मॉडल ग्राम की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सामुदायिक शौचालय, आरआरसी सेंटर, ओपन जिम, पशु चिकित्सालय मरम्मत, सामुदायिक बकरी शेड और मुर्गी शेड जैसी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी चल रही परियोजनाओं को सितम्बर माह तक हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में मौजूद अधिकारी इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीपीआरओ वाचस्पति झा, सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

सिद्धार्थनगर: भवानीगंज पुलिस ने उजागर की झूठी लूट की कहानी
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर: भवानीगंज पुलिस ने उजागर की झूठी लूट की कहानी

जनपद सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र में झूठी लूट की सूचना देने का मामला सामने आया है। राहुल यादव निवासी गौहनियाराज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि ट्यूबेल चौराहे पर तीन लोगों ने ₹1.20 लाख लूट लिए। पुलिस जांच में यह सूचना झूठी पाई गई। पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसने केवल कहासुनी के बाद विपक्षियों पर कार्रवाई कराने के लिए गलत सूचना दी थी। बाद में दोनों पक्षों में फिर विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान किया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना देने पर सख्त कार्रवाई होगी। भवानीगंज थाना क्षेत्र में झूठी लूट की शिकायत, पुलिस जांच में खुली पोल सिद्धार्थनगर जनपद के भवानीगंज थाना क्षेत्र में रविवार को दर्ज की गई लूट की शिकायत झूठी निकली। पुलिस ने मामले की गहन जांच कर शिकायतकर्ता की सच्चाई उजागर कर दी। शिकायतकर्ता ने लगाया था लूट का आरोप गौहनियाराज निवासी राहुल यादव ने 14 सितंबर को पुलिस को सूचना दी कि ग्राम चकचई और बयारा के तीन युवकों ने ट्यूबेल चौराहे पर उससे ₹1.20 लाख रुपये लूट लिए। उसने ग्राम प्रधान और चौकीदार से पैसे लेने की बात भी बताई थी। पुलिस जांच में सामने आई हकीकत थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों से पूछताछ की। मोबाइल ऑडियो क्लिप और पूछताछ के आधार पर मामला संदिग्ध लगा। सख्ती से पूछने पर राहुल ने स्वीकार किया कि केवल कहासुनी के बाद विपक्षियों पर कार्यवाही कराने की नीयत से उसने झूठी सूचना दी थी। दोनों पक्षों में फिर हुआ विवाद 15 सितंबर को जब पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर जांच की तो वहां दोबारा विवाद हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में चालान किया। साथ ही, वाहन कागज न होने पर बाइक जब्त कर थाने में जमा की गई। पुलिस की सख्त चेतावनी भवानीगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि झूठी सूचना देना न केवल अपराध है बल्कि समाज और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ भी है। ऐसे मामलों में छह माह से दो वर्ष तक की सजा और ₹5,000 तक का जुर्माना हो सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि केवल सत्यापित सूचना ही दें ताकि संसाधनों का दुरुपयोग और भय का माहौल न बने।

सोशल मीडिया पर छाया सिद्धार्थनगर का वीडियो कांड, राजनीति में मचा बवाल
सिद्धार्थनगर

सोशल मीडिया पर छाया सिद्धार्थनगर का वीडियो कांड, राजनीति में मचा बवाल

सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र में रविवार शाम एक राजनीतिक दल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष का कथित आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक नाबालिग किशोरी के होने का दावा किया जा रहा है। वायरल होते ही जिले की राजनीति में हलचल मच गई और सोशल मीडिया पर इस पर चर्चाएं तेज हो गईं। पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। सीओ बांसी मयंक त्रिपाठी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किशोरी नाबालिग पाई जाती है तो आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की जाएंगी। सिद्धार्थनगर: बांसी में पूर्व राजनीतिक पदाधिकारी का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र में रविवार शाम एक राजनीतिक दल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष का कथित आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया। वीडियो में एक किशोरी के होने की बात सामने आ रही है, जिसके चलते मामला गंभीर माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर चर्चा, राजनीति में हलचल वीडियो वायरल होने के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई। लोग इंटरनेट मीडिया पर इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग पदाधिकारी की उम्र और वीडियो में दिख रही लड़की के नाबालिग होने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने शुरू की जांच मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। सीओ बांसी मयंक त्रिपाठी ने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच कराई जाएगी। यदि पीड़िता नाबालिग पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति पर सुसंगत धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना प्रभारी बांसी गौरव सिंह ने भी शिकायत मिलने पर आवश्यक कदम उठाने की बात कही। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं BCF News वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करती है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की जांच पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

नेपाल के युवाओं ने ऑनलाइन वोटिंग से बदली राजनीति – जानिए पूरा मामला
दुनिया, लेटेस्ट न्यूज़

नेपाल के युवाओं ने ऑनलाइन वोटिंग से बदली राजनीति – जानिए पूरा मामला

नेपाल में सोशल प्लेटफार्म पर प्रतिबंध ने महज 48 घंटे में ओली सरकार की सत्ता को हिला दिया। प्रतिबंध के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन पुलिस गोलीबारी के बाद हिंसक हो गए, जिसमें 51 युवाओं की मौत और 500 से अधिक घायल हुए। जनाक्रोश के चलते प्रधानमंत्री ओली व गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया। कार्की ने शपथ लेते ही संसद भंग कर दी और छह माह के भीतर चुनाव कराने की घोषणा की। भारत व अमेरिका ने बदलाव का स्वागत किया। नेपाल में सत्ता पलटी, सोशल मीडिया प्रतिबंध बना कारण काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का फैसला ओली सरकार को भारी पड़ गया। केवल दो दिन के भीतर भड़की जनभावनाओं ने राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया। गोलीकांड के बाद भड़का आंदोलन सोमवार को युवा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस की गोलीबारी में 51 युवाओं की मौत और 500 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद आंदोलन हिंसक हो गया और नेपाल के हर जिले से विरोध प्रदर्शन जुड़ता चला गया। हालात काबू से बाहर होते ही गृहमंत्री रमेश लेखक और अगले ही दिन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार देर रात सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। कार्की ने शपथ लेते ही संसद भंग करने की सिफारिश की, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी। कांग्रेस, एमाले और माओवादी दलों ने संसद भंग को असंवैधानिक बताया, जबकि राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने इसे जनभावना के अनुरूप करार दिया। सोशल मीडिया ने ही दिलाई गद्दी जिस प्लेटफार्म पर प्रतिबंध लगाया गया, वही बदलाव का कारण बना। युवाओं ने डिस्कार्ट एप के जरिये ऑनलाइन वोटिंग कराई, जिसमें सुशीला कार्की को 78% समर्थन मिला। अन्य उम्मीदवारों में काठमांडू मेयर बालेन शाह को 20% और ऊर्जा निदेशक घिसिंग को मात्र 2% वोट मिले। छह माह का चुनौतीपूर्ण कार्यकाल नेपाल मामलों की विशेषज्ञ यशोदा श्रीवास्तव का कहना है कि कार्की का छह माह का कार्यकाल चुनौतियों से भरा होगा। युवाओं का विश्वास बनाए रखना, विपक्षी दलों को साधना और अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाना बड़ी जिम्मेदारी होगी। भारत और अमेरिका ने परिवर्तन का स्वागत कर मदद का आश्वासन दिया है, लेकिन चीन को साथ लाना उनके लिए अहम होगा क्योंकि शिक्षा व संचार में चीन का निवेश बड़ा है। पर्यटन को पुनर्जीवित करना भी उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी। रिपोर्ट : नीलू दुबे

जानिए कैसे नेपाल में दो दिन में गिरी पूरी सरकार
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जानिए कैसे नेपाल में दो दिन में गिरी पूरी सरकार

नेपाल में राजनीतिक संकट ने तख्तापलट का रूप ले लिया है। सोमवार को काठमांडू से शुरू हुआ शांतिपूर्ण युवा आंदोलन सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ हिंसक हो गया। पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज में 20 से अधिक लोग मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए। हालात बिगड़ने पर गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी मंगलवार को पद छोड़कर सेना हेलीकॉप्टर से निकल गए। आगजनी में पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी की मौत हो गई। स्थिति गंभीर होने पर भारत-नेपाल सीमा, खासकर महराजगंज के सोनौली बार्डर को सील कर दिया गया। नेपाल में युवा विद्रोह, ओली सरकार गिरी नेपाल में अचानक भड़के युवा आंदोलन ने केपी शर्मा ओली सरकार को गिरा दिया। काठमांडू से शुरू हुआ यह आंदोलन दो दिनों में ही देशभर में फैल गया। आंदोलन की वजह: सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आंदोलन की शुरुआत सोमवार को काठमांडू में शांतिपूर्ण विरोध से हुई। युवाओं ने सोशल मीडिया पर पाबंदी, बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन पुलिस की फायरिंग और लाठीचार्ज से हालात बिगड़ गए। 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा घायल हो गए। सरकार का पतन और नेताओं पर हमले स्थिति बेकाबू होते ही गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को प्रधानमंत्री ओली ने भी पद छोड़कर सेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर शरण ली। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आगजनी से उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर भी हमले हुए। भारत-नेपाल सीमा बंद, सुरक्षा बढ़ाई गई विद्रोह का असर भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचा। महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर पर डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसपी सोमेंद्र मीणा ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों का आवागमन रोक दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। लोकतंत्र और नई पीढ़ी का संघर्ष नेपाल का यह युवा विद्रोह नई पीढ़ी की ताकत का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओली सरकार के पतन से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की नई दिशा तय हो सकती है। हालांकि हालात अभी भी अस्थिर हैं और नेपाल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट : नीलू दुबे, महाराजगंज

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