लगातार तीसरी राहत से आज़म खान की मुश्किलें हुईआसान, जल्द बाहर आ सकते हैं जेल से
उत्तर प्रदेश

लगातार तीसरी राहत से आज़म खान की मुश्किलें हुईआसान, जल्द बाहर आ सकते हैं जेल से

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रामपुर के क्वालिटी बार पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामले में न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। यह मामला 2019 में दर्ज हुआ था, जिसमें पहले उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म नामजद थे। बाद में विवेचना में आज़म को भी आरोपी बनाया गया। इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की थी। वकील इमरानउल्लाह के अनुसार, अब लगभग सभी मुकदमों में राहत मिलने से आज़म जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं। आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। यह जमानत रामपुर के बहुचर्चित क्वालिटी बार अवैध कब्जा मामले में दी गई है। न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने गुरुवार को फैसला सुनाया। 2019 में दर्ज हुआ था केस यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सईद नगर हरदोई पट्टी में स्थित क्वालिटी बार से जुड़ा है। 21 नवंबर 2019 को बार मालिक गगन अरोड़ा की शिकायत पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरुआती विवेचना में चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आज़म की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान का नाम सामने आया। बाद में पुलिस ने आज़म खान को भी आरोपी बनाया। जमानत से पहले कई झटके आजम खान ने पहले रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 17 मई 2025 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता इमरानउल्लाह और मोहम्मद खालिद ने उनकी पैरवी की। वहीं, सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आज़म का लंबा आपराधिक इतिहास है और उन्होंने मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। लगातार तीसरी राहत आजम खान को एक हफ्ते में यह लगातार तीसरी बड़ी राहत मिली है। इससे पहले 10 सितंबर को डूंगरपुर मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, जबकि 16 सितंबर को रामपुर की अदालत ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें बरी कर दिया था। जेल से बाहर आने की उम्मीद अधिवक्ता इमरानउल्लाह का कहना है कि लगभग सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद अब आज़म खान के जेल से बाहर आने की संभावना बहुत बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की सियासत पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

पीएम मोदी को 8 साल की बच्ची ने भेजा भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर चर्चा
Uncategorized

पीएम मोदी को 8 साल की बच्ची ने भेजा भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर चर्चा

महराजगंज की आठ वर्षीय सांची अग्रवाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जन्मदिन संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सांची ने भावपूर्ण कविता के जरिये पीएम को शुभकामनाएं दीं, जिसे लोगों ने खूब सराहा। सांची ने 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया था और पीएम मोदी से मुलाकात कर सराहना पाई थी। कला, संगीत, नृत्य, मुक्केबाजी और ताइक्वांडो में दक्ष सांची ने महाकुंभ-2025 में भी विदेशी पर्यटकों को प्रभावित किया। मां स्तुति अग्रवाल ने बेटी के लिए नौकरी छोड़ी। सांची का यह संदेश महराजगंज की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक ले गया। महराजगंज की सांची अग्रवाल का संदेश प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर वायरल महराजगंज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश-विदेश से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। इस बीच महराजगंज जिले की आठ वर्षीय बच्ची सांची अग्रवाल का भावपूर्ण संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। सांची ने कविता के माध्यम से पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उन्हें प्रेरणा स्रोत बताया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सांची ने दिखाई प्रतिभा सांची ने मात्र आठ साल की उम्र में कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर सबका ध्यान खींचा था। 2024 में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे यह सम्मान दिया था। उसी अवसर पर सांची ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। पीएम ने उसकी प्रतिभा की सराहना की और बातचीत भी की थी। बहुमुखी प्रतिभा की धनी सांची सांची अग्रवाल न सिर्फ कथक नृत्य में निपुण हैं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, मुक्केबाजी और ताइक्वांडो में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं। उसे ताइक्वांडो की ब्लैक बेल्ट प्राप्त है और वह जूनियर मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। संस्कृत श्लोकों का गहरा ज्ञान भी उसकी विशेषता है। मां ने बेटी के भविष्य के लिए छोड़ी नौकरी सांची की सफलता के पीछे उसकी मां स्तुति अग्रवाल का त्याग अहम है। बीटेक इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने नौकरी छोड़कर बेटी की प्रतिभा को निखारने में पूरा समय दिया। पिता नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिष्ठित कारोबारी हैं। महाकुंभ-2025 में दिखाया कौशल फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम में सांची ने कथक नृत्य प्रस्तुत कर विदेशी पर्यटकों का दिल जीत लिया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व डीएम अनुनय झा और मौजूदा डीएम संतोष कुमार शर्मा ने कई बार उसकी प्रतिभा की सराहना की है। कविता से दिया प्रेरक संदेश प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए संदेश में सांची ने लिखा –“हम तोड़ रहे हैं जंजीरें, हम बदल रहे हैं तस्वीरें। यह नवयुग का नव भारत है, खुद लिखेंगे अपनी तकदीरें।”उसने अपने संदेश में संकल्प व्यक्त किया कि वह तन-मन-धन से देश और संस्कृति की सेवा में योगदान देगी।

नेपाल के युवाओं ने ऑनलाइन वोटिंग से बदली राजनीति – जानिए पूरा मामला
दुनिया

नेपाल के युवाओं ने ऑनलाइन वोटिंग से बदली राजनीति – जानिए पूरा मामला

नेपाल में सोशल प्लेटफार्म पर प्रतिबंध ने महज 48 घंटे में ओली सरकार की सत्ता को हिला दिया। प्रतिबंध के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन पुलिस गोलीबारी के बाद हिंसक हो गए, जिसमें 51 युवाओं की मौत और 500 से अधिक घायल हुए। जनाक्रोश के चलते प्रधानमंत्री ओली व गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया। कार्की ने शपथ लेते ही संसद भंग कर दी और छह माह के भीतर चुनाव कराने की घोषणा की। भारत व अमेरिका ने बदलाव का स्वागत किया। नेपाल में सत्ता पलटी, सोशल मीडिया प्रतिबंध बना कारण काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का फैसला ओली सरकार को भारी पड़ गया। केवल दो दिन के भीतर भड़की जनभावनाओं ने राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया। गोलीकांड के बाद भड़का आंदोलन सोमवार को युवा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस की गोलीबारी में 51 युवाओं की मौत और 500 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद आंदोलन हिंसक हो गया और नेपाल के हर जिले से विरोध प्रदर्शन जुड़ता चला गया। हालात काबू से बाहर होते ही गृहमंत्री रमेश लेखक और अगले ही दिन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार देर रात सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। कार्की ने शपथ लेते ही संसद भंग करने की सिफारिश की, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी। कांग्रेस, एमाले और माओवादी दलों ने संसद भंग को असंवैधानिक बताया, जबकि राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने इसे जनभावना के अनुरूप करार दिया। सोशल मीडिया ने ही दिलाई गद्दी जिस प्लेटफार्म पर प्रतिबंध लगाया गया, वही बदलाव का कारण बना। युवाओं ने डिस्कार्ट एप के जरिये ऑनलाइन वोटिंग कराई, जिसमें सुशीला कार्की को 78% समर्थन मिला। अन्य उम्मीदवारों में काठमांडू मेयर बालेन शाह को 20% और ऊर्जा निदेशक घिसिंग को मात्र 2% वोट मिले। छह माह का चुनौतीपूर्ण कार्यकाल नेपाल मामलों की विशेषज्ञ यशोदा श्रीवास्तव का कहना है कि कार्की का छह माह का कार्यकाल चुनौतियों से भरा होगा। युवाओं का विश्वास बनाए रखना, विपक्षी दलों को साधना और अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाना बड़ी जिम्मेदारी होगी। भारत और अमेरिका ने परिवर्तन का स्वागत कर मदद का आश्वासन दिया है, लेकिन चीन को साथ लाना उनके लिए अहम होगा क्योंकि शिक्षा व संचार में चीन का निवेश बड़ा है। पर्यटन को पुनर्जीवित करना भी उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी। रिपोर्ट : नीलू दुबे

जानिए कैसे नेपाल में दो दिन में गिरी पूरी सरकार
दुनिया

जानिए कैसे नेपाल में दो दिन में गिरी पूरी सरकार

नेपाल में राजनीतिक संकट ने तख्तापलट का रूप ले लिया है। सोमवार को काठमांडू से शुरू हुआ शांतिपूर्ण युवा आंदोलन सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ हिंसक हो गया। पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज में 20 से अधिक लोग मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए। हालात बिगड़ने पर गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी मंगलवार को पद छोड़कर सेना हेलीकॉप्टर से निकल गए। आगजनी में पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी की मौत हो गई। स्थिति गंभीर होने पर भारत-नेपाल सीमा, खासकर महराजगंज के सोनौली बार्डर को सील कर दिया गया। नेपाल में युवा विद्रोह, ओली सरकार गिरी नेपाल में अचानक भड़के युवा आंदोलन ने केपी शर्मा ओली सरकार को गिरा दिया। काठमांडू से शुरू हुआ यह आंदोलन दो दिनों में ही देशभर में फैल गया। आंदोलन की वजह: सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आंदोलन की शुरुआत सोमवार को काठमांडू में शांतिपूर्ण विरोध से हुई। युवाओं ने सोशल मीडिया पर पाबंदी, बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन पुलिस की फायरिंग और लाठीचार्ज से हालात बिगड़ गए। 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा घायल हो गए। सरकार का पतन और नेताओं पर हमले स्थिति बेकाबू होते ही गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को प्रधानमंत्री ओली ने भी पद छोड़कर सेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर शरण ली। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आगजनी से उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर भी हमले हुए। भारत-नेपाल सीमा बंद, सुरक्षा बढ़ाई गई विद्रोह का असर भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचा। महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर पर डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसपी सोमेंद्र मीणा ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों का आवागमन रोक दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। लोकतंत्र और नई पीढ़ी का संघर्ष नेपाल का यह युवा विद्रोह नई पीढ़ी की ताकत का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओली सरकार के पतन से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की नई दिशा तय हो सकती है। हालांकि हालात अभी भी अस्थिर हैं और नेपाल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट : नीलू दुबे, महाराजगंज

खुशखबरी! यूपी के शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, शिक्षामित्र-रसोइया भी शामिल
उत्तर प्रदेश

खुशखबरी! यूपी के शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, शिक्षामित्र-रसोइया भी शामिल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर लोकभवन, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में 81 शिक्षकों को सम्मानित किया और बड़ा उपहार दिया। उन्होंने घोषणा की कि अब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इस कदम से प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर उच्च स्तरीय समिति काम कर रही है। सीएम ने सोशल मीडिया पर शिक्षक दिवस और ओणम की शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को दी कैशलेस चिकित्सा सुविधा लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेशभर के शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 81 शिक्षकों को सम्मानित किया और कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की घोषणा की। नौ लाख परिवारों को लाभ नई योजना के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया भी शामिल होंगे। इस पहल से करीब नौ लाख परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। मानदेय बढ़ाने पर भी काम सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मानदेय वृद्धि पर निर्णय लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी पोस्ट कर शिक्षक दिवस की बधाई दी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में डॉ. राधाकृष्णन के योगदान को अनुकरणीय बताया। साथ ही ओणम पर्व पर भी उन्होंने प्रदेशवासियों और किसानों को शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक और सामाजिक महत्व राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए राहत भरा है, बल्कि इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। सामाजिक स्तर पर यह घोषणा शिक्षकों की भूमिका और महत्व को रेखांकित करती है।

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।
Uncategorized

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।

उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए UP Outsourcing Reforms के तहत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का फैसला किया है। यह कंपनी पारदर्शी और नॉन-प्रॉफिट आधार पर काम करेगी। नए नियमों के तहत कर्मचारियों को सीधे बैंक खाते में 20,000 से 40,000 रुपये तक पारिश्रमिक मिलेगा और पीएफ-ईएसआई की गारंटी रहेगी। चयन लिखित परीक्षा व साक्षात्कार से होगा। आरक्षण व सामाजिक सुरक्षा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लाखों outsourcing employees को लाभ मिलेगा और बिचौलिया संस्कृति पर रोक लगेगी। यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा सुधार उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आउटसोर्सिंग भर्तियों में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का निर्णय लिया है। यह संस्था कम्पनीज एक्ट-2013 की धारा 8 के अंतर्गत नॉन-प्रॉफिट पब्लिक लिमिटेड कंपनी होगी। इस फैसले को प्रदेश के लाखों outsourcing employees के हित में एक बड़ा सुधार (UP Outsourcing Reforms) माना जा रहा है। अब कैसे होगी नई भर्ती व्यवस्था निगम के जरिए विभाग अब सीधे एजेंसियों का चयन नहीं करेंगे। एजेंसियां GEM पोर्टल से पारदर्शी प्रक्रिया में चुनी जाएंगी। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा। वेतन हर माह 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में आएगा। पीएफ और ईएसआई का अंशदान भी सीधे जमा होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। श्रेणीवार पारिश्रमिक का निर्धारण नई व्यवस्था में चार श्रेणियों के अनुसार न्यूनतम मानदेय तय किया गया है— श्रेणी 1: डॉक्टर, इंजीनियर, लेक्चरर जैसे पद – न्यूनतम 40,000 रुपये। श्रेणी 2: सीनियर असिस्टेंट, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, जेई आदि – न्यूनतम 25,000 रुपये। श्रेणी 3: जूनियर असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, तकनीकी स्टाफ – न्यूनतम 22,000 रुपये। श्रेणी 4: चपरासी, चौकीदार, माली, कुक, तकनीकी सहायक आदि – न्यूनतम 20,000 रुपये। सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण की गारंटी सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नई व्यवस्था में संवैधानिक आरक्षण का पूरा पालन होगा। एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार अवसर दिए जाएंगे। कर्मचारियों को प्रशिक्षण, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक मृत्यु पर 15,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता भी मिलेगी। युवाओं के लिए नया अवसर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सरकार का दावा है कि इन UP Outsourcing Reforms से रोजगार व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

वायरल वीडियो पर पवन सिंह ने अंजलि राघव से मांगी माफी
मनोरंजन

वायरल वीडियो पर पवन सिंह ने अंजलि राघव से मांगी माफी

भोजपुरी एक्टर पवन सिंह हाल ही में एक विवाद में घिर गए, जब लखनऊ में एक इवेंट के दौरान उन्होंने स्टेज पर हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर हाथ रखा। यह वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और पवन सिंह को जमकर ट्रोल किया गया। विवाद बढ़ने पर पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर अंजलि से माफी मांगी और कहा कि उनका कोई गलत इरादा नहीं था। अंजलि ने भी जवाब देते हुए उन्हें माफ कर दिया और कहा कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। मामला अब सुर्खियों में छाया हुआ है। पवन सिंह–अंजलि राघव विवाद पर माफीनामा, जानिए पूरा मामला भोजपुरी स्टार पवन सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में लखनऊ में हुए एक प्रमोशनल इवेंट में उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर हाथ रखते नजर आए। अंजलि इस दौरान असहज दिखीं और बाद में सोशल मीडिया पर इसे फूहड़ और अपमानजनक व्यवहार करार दिया। इस वीडियो के सामने आते ही पवन सिंह को सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा। क्या हुआ था लखनऊ इवेंट में? गाने “सइयां सेवा करे” के लॉन्च के दौरान अंजलि राघव मंच पर मौजूद थीं। जब वे दर्शकों को संबोधित कर रही थीं, तभी पवन सिंह अचानक उनकी कमर पर हाथ फेरते नजर आए। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और वीडियो वायरल होते ही पवन सिंह पर अश्लीलता और ठरकीपन के आरोप लगने लगे। पवन सिंह ने मांगी अंजलि राघव से माफी लगातार विवाद और आलोचना के बाद पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि उनका “कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मेरे व्यवहार से अंजलि जी को तकलीफ हुई हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।” यह माफीनामा सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अंजलि राघव का जवाब अंजलि ने पवन सिंह के इस माफीनामे को रीपोस्ट कर लिखा– “पवन सिंह जी ने गलती की माफी मांग ली है। वो मुझसे बड़े और सीनियर कलाकार हैं। मैंने उन्हें माफ कर दिया है और इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती।” अंजलि के इस बयान के बाद मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है।

Scroll to Top