सिद्धार्थनगर : तहसीलदार की पत्नी ने किया हंगामा, पति पर दूसरी शादी और उत्पीड़न का लगाया आरोप
सिद्धार्थनगर, लेटेस्ट न्यूज़

सिद्धार्थनगर : तहसीलदार की पत्नी ने किया हंगामा, पति पर दूसरी शादी और उत्पीड़न का लगाया आरोप

सिद्धार्थनगर जिले की सदर तहसील में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब खुद को तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी की पत्नी बताने वाली बबिता त्रिपाठी ने पति पर उत्पीड़न, मारपीट और दूसरी शादी का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि तहसीलदार ने अपने लोगों से हमला करवाया, जिसमें उनकी मुंहबोली बहन घायल हुई और कार का शीशा तोड़ दिया गया। बबिता का आरोप है कि दो साल से भरण-पोषण बंद कर दिया गया है और घर से निकाल दिया गया। चेतावनी दी कि न्याय न मिलने पर डीएम आवास पर आत्मदाह करेंगी। पुलिस व प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सिद्धार्थनगर में तहसीलदार की पत्नी ने लगाए उत्पीड़न के आरोप, तहसील में हंगामा सिद्धार्थनगर जिले की सदर तहसील में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब बबिता त्रिपाठी नामक महिला ने खुद को तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी की पत्नी बताते हुए उत्पीड़न और मारपीट के आरोप लगाए। पत्नी बोलीं – पति ने दूसरी शादी कर ली, दो साल से नहीं भेजे पैसे बबिता त्रिपाठी ने कहा कि उनके पति ने 2016 में नौकरी लगने के बाद से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू किया और 2024 में घर से निकाल दिया। दो साल से उन्होंने भरण-पोषण का पैसा भेजना भी बंद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने दूसरी शादी कर ली है, इसलिए अब वह न तो बच्चों का खर्च उठा रहे हैं और न ही संपर्क में हैं। तहसील परिसर में हंगामा, बहन को पीटा गया, कार का शीशा टूटा महिला के अनुसार, मंगलवार दोपहर वह अपने बेटे हर्षित त्रिपाठी और मुंहबोली बहन के साथ तहसील पहुंची थीं ताकि पारिवारिक विवाद पर बात कर सकें। लेकिन तहसीलदार के इशारे पर कुछ लोगों ने उन्हें और उनकी बहन को धक्का-मुक्की कर मारपीट की। इस दौरान कार का शीशा भी तोड़ दिया गया। पुलिस जांच में जुटी, अधिकारी बोले – मामला पारिवारिक झगड़े का सूचना पर सदर थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गा प्रसाद मौके पर पहुंचे और महिला की तहरीर लेकर जांच शुरू की।डीएम डॉ. राजा गणपति आर. ने कहा कि यह मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। यदि उत्पीड़न या दूसरी शादी के प्रमाण प्रस्तुत किए जाते हैं, तो तहसीलदार के खिलाफ विभागीय जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार का बयान – दूसरी शादी का आरोप निराधार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि पत्नी दिन में घर आई थीं और बाद में चली गईं। शाम को सूचना मिली कि वह उनकी मां से विवाद कर रही हैं। उन्होंने दूसरी शादी के आरोप को निराधार बताया और कहा कि जिसे “दूसरी पत्नी” कहा जा रहा है, उसे पत्नी ने ही मां की देखरेख के लिए रखा था।

अदालत में जूता कांड पर अखिलेश यादव बोले : ‘भाजपाई सत्ता के अंतिम दौर में हैं’
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अदालत में जूता कांड पर अखिलेश यादव बोले : ‘भाजपाई सत्ता के अंतिम दौर में हैं’

देश के सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई पर अदालत में एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश की गई, जिससे वहां हंगामा मच गया। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के हाथों में जाकर तो जूता भी खुद को अपमानित महसूस करता है।” अखिलेश ने इस घटना को प्रभुत्ववादी सोच और नफरत से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज अब और अपमान नहीं सहेगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए बोले, “भाजपाई सत्ता के अंतिम दौर में हैं, क्योंकि उनकी भ्रष्ट चुनावी साज़िश बेनकाब हो चुकी है।” अदालत में हंगामा: CJI बी.आर. गवई पर वकील ने फेंका जूता देश की न्यायपालिका में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई पर एक वकील ने कथित तौर पर जूता फेंकने की कोशिश की। अदालत में हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अन्य वकीलों ने इस कृत्य की पुष्टि करते हुए इसे निंदनीय बताया है। अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया – “जूता भी अपमानित महसूस करता है” इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के हाथों में जाकर तो जूता भी खुद को अपमानित महसूस करता है।”अखिलेश ने इसे पीडीए समाज (पीड़ित, दुखी, अपमानित) के अपमान से जोड़ा और कहा कि प्रभुत्ववादी सोच नफरत को जन्म देती है, जो देश के सर्वोच्च न्यायिक पद से लेकर समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक फैली है। “पीडीए अब और नहीं सहेगा” – सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पीडीए समाज की उदारता 5000 सालों से ऐसे लोगों को माफ करती आई है, लेकिन अब यह अपमान और नहीं सहेगा। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए लिखा कि “भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता के अंतिम दौर में हैं क्योंकि उनकी भ्रष्ट चुनावी साजिश उजागर हो चुकी है।” “90% जनता जाग चुकी है” – अखिलेश का दावा उन्होंने कहा कि जब देश की 90% आबादी अपने हक और अधिकारों के लिए जाग चुकी है, तब 10% का गुरूर अब नहीं टिकेगा।अखिलेश ने इसे “अपमान बनाम सम्मान” का संघर्ष बताया और विश्वास जताया कि पीडीए अपने स्वाभिमान की यह निर्णायक लड़ाई जीतकर रहेगा।

सिद्धार्थनगर में बिजली बिल सुधार के लिए लगेंगे विशेष कैम्प
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में बिजली बिल सुधार के लिए लगेंगे विशेष कैम्प

सिद्धार्थनगर में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की कार्यों एवं वसूली समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने पिछले माह की प्रगति की समीक्षा करते हुए बिलिंग के सापेक्ष वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली को प्रोत्साहित करने, 1912 पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण, खुले ट्रांसफार्मरों पर जाली लगाने, स्कूलों के ऊपर से विद्युत तार हटाने और तहसीलवार बिल सुधार कैम्प आयोजित करने के निर्देश भी दिए। सिद्धार्थनगर में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न, जिलाधिकारी ने दी कड़े निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की कार्यों एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, अधीक्षण अभियंता अजय कुमार, अधिशासी अभियंता ज्ञान प्रकाश (सिद्धार्थनगर), संतप्रिय गौतम (बांसी), संतोष कुमार त्रिपाठी (डुमरियागंज) सहित समस्त एसडीओ और जेई उपस्थित रहे। बिलिंग व वसूली बढ़ाने पर जोर जिलाधिकारी ने पिछले माह की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि बिलिंग के सापेक्ष वसूली में तेजी लाई जाए। उपभोक्ताओं, विशेषकर बड़े उपभोक्ताओं को समय पर बिल जमा करने हेतु प्रेरित किया जाए ताकि राजस्व वृद्धि सुनिश्चित हो। शिकायतों का निस्तारण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान उन्होंने कहा कि 1912 पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए और कोई शिकायत लंबित न रहे। खुले में रखे ट्रांसफार्मरों पर 11 अक्टूबर तक सुरक्षा जाली लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों को तत्काल हटाने को कहा गया। तहसीलवार बिल सुधार कैम्प का आयोजन होगा जिलाधिकारी ने बिलों में सुधार के लिए तहसीलवार कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ और जेई को अपने मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने और जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान करने पर बल दिया।

निजी स्कूल प्रबंधक ने 12 वर्षीय छात्रा से किया दुष्कर्म, POCSO एक्ट के तहत हुआ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश, लेटेस्ट न्यूज़

निजी स्कूल प्रबंधक ने 12 वर्षीय छात्रा से किया दुष्कर्म, POCSO एक्ट के तहत हुआ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के देवरिया में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला शर्मनाक मामला सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंधी मिल कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल (किड्स वैली स्कूल) के प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा पर कक्षा आठ की 12 वर्षीय छात्रा से कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। छात्रा के पिता की तहरीर के अनुसार, प्रबंधक पिछले डेढ़ साल से परीक्षा में फेल करने और जान से मारने की धमकी देकर उसे डराता था। वह स्कूल के कार्यालय से जुड़े शौचालय में छात्रा के साथ हैवानियत करता था। लगातार गुमसुम रहने पर परिजनों को पता चला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने POCSO Act के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब अन्य छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में भी जांच कर रही है। स्कूल प्रबंधक ने 12 वर्षीय छात्रा से डेढ़ साल तक किया दुष्कर्म, POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गुरु-शिष्या के पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सिंधी मिल कॉलोनी स्थित किड्स वैली स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा पर इसी विद्यालय की कक्षा आठ में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा से डेढ़ साल तक लगातार दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्रबंधक डराता रहा, छात्रा डेढ़ साल तक चुप रहीपीड़ित छात्रा के पिता ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी बेटी से स्कूल प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए लगातार हैवानियत करता रहा। आरोपी प्रबंधक छात्रा को परीक्षा में फेल करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था, जिसके कारण मासूम छात्रा डर के मारे करीब डेढ़ साल तक इस घिनौनी करतूत को अपने परिवार से छुपाती रही। गुमसुम बेटी ने खोला राज, परिजनों ने दर्ज कराई FIR हाल ही में, छात्रा लगातार डरी-सहमी और गुमसुम रहने लगी थी। बेटी की स्थिति देखकर परिजनों को चिंता हुई और बहुत पूछने पर उसने हिम्मत जुटाकर आपबीती सुनाई। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। छात्रा के पिता ने तत्काल कोतवाली पुलिस से संपर्क किया और आरोपी प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नामजद लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं, दुष्कर्म (धारा 376) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी प्रबंधक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है जांच के दायरे में अन्य छात्राएं और स्कूल प्रशासन पुलिस और प्रशासन अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि क्या आरोपी प्रबंधक ने इसी तरह की दरिंदगी किसी अन्य छात्र या छात्रा के साथ भी की है या नहीं। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर उंगली उठाई है कि आखिर एक संवेदनशील परिसर में इतनी बड़ी घटना डेढ़ साल तक कैसे चलती रही। परिजनों और स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है और वे स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

यूपी में फिर झमाझम बारिश, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश, लेटेस्ट न्यूज़

यूपी में फिर झमाझम बारिश, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, कुशीनगर और बरेली सहित कई जिलों में शुक्रवार रात से झमाझम वर्षा जारी है। मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी के अधिकतर जिलों में 5 अक्टूबर तक ऑरेंज अलर्ट और पश्चिमी यूपी में 6–7 अक्टूबर तक भारी बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, सिद्धार्थनगर, वाराणसी और बरेली में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यूपी में फिर लौटी बारिश, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। शुक्रवार रात से लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, बरेली, देवरिया, बलिया और कुशीनगर सहित कई जिलों में लगातार वर्षा जारी है। इससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। पूर्वी यूपी में भारी बारिश, पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 3 से 5 अक्टूबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि 6 और 7 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। हवाओं की रफ्तार 40–50 किमी प्रति घंटा तक मौसम विभाग ने बताया कि गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, वाराणसी, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और बरेली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अनुमान है। राहत और सतर्कता दोनों जरूरी बारिश से तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की हिदायत दी गई है। अगले सप्ताह तक बदलता रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते बारिश का यह दौर 7 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।

जीएसटी दरों में कटौती से आमजन को राहत, सांसद जगदंबिका पाल ने बताई खास बातें
सिद्धार्थनगर

जीएसटी दरों में कटौती से आमजन को राहत, सांसद जगदंबिका पाल ने बताई खास बातें

सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित आवास पर प्रेसवार्ता में कहा कि 22 सितंबर से लागू नई घटाई गई जीएसटी दरों से आमजन और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब जीएसटी केवल दो स्लैब में है—आवश्यक वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और अधिकांश वस्तुओं पर 18 प्रतिशत। मक्खन, घी व दूध पर टैक्स 12 से घटकर 5 प्रतिशत और छोटी कार व दोपहिया वाहनों पर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत हो गया है। इससे कार खरीदने पर लगभग 65 हजार रुपये तक की बचत होगी। रोजमर्रा की वस्तुएं भी सस्ती हुई हैं। जीएसटी दरों में कटौती से आमजन व व्यापारियों को राहत: सांसद जगदंबिका पाल सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आमजन और कारोबारियों की सुविधा के लिए जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती की है। नई दरें 22 सितंबर से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। नई जीएसटी स्लैब: 5% और 18% सांसद पाल ने बताया कि अब जीएसटी केवल दो प्रमुख स्लैब में है—आवश्यक वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और अधिकांश वस्तुओं पर 18 प्रतिशत। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है और कारोबारी वर्ग को प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। किन वस्तुओं पर कितना फायदा मक्खन, घी, दूध – 12% से घटकर 5% छोटी कार और दोपहिया वाहन – 28% से घटकर 18% एसी, रेफ्रिजरेटर, बड़े टीवी – कीमतों में उल्लेखनीय कमी पाल ने कहा कि साढ़े छह लाख रुपये तक की कार पर लगभग 65 हजार रुपये की बचत होगी। निर्माण क्षेत्र को भी इस कटौती से लाभ मिलेगा। घरेलू बजट पर सकारात्मक असर उन्होंने बताया कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं के सस्ते होने से गृहिणियों का बजट संतुलित होगा और मध्यम वर्गीय परिवार कार, एसी और बड़े टीवी का सपना पूरा कर सकेंगे। वैश्विक स्तर पर सराहना सांसद पाल ने दावा किया कि भारत की नई आर्थिक नीतियों को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। जीएसटी दरों में कटौती से महंगाई पर अंकुश लगेगा, निवेश का माहौल मजबूत होगा और देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।

खाद आपूर्ति में POS मशीन और खतौनी सिस्टम अनिवार्य
सिद्धार्थनगर

खाद आपूर्ति में POS मशीन और खतौनी सिस्टम अनिवार्य

सिद्धार्थनगर में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में रबी फसल हेतु खाद बिक्री पर बैठक हुई। इसमें अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी मु. मुजम्मिल समेत कई अधिकारी, होलसेलर और रिटेलर उपस्थित रहे। बैठक में किसानों को समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या टैगिंग करने वालों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई होगी। सभी बिक्री पीओएस मशीन और खतौनी आधारित होगी। कलेक्ट्रेट सभागार में खाद बिक्री को लेकर अहम बैठक सिद्धार्थनगर। रबी की फसल के लिए किसानों को समय पर और सही दर पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। होलसेलर–रिटेलर से सीधी वार्ता बैठक में जिले के होलसेलर और रिटेलर खाद विक्रेताओं ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। जिलाधिकारी ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर डीएम ने कहा कि धान की फसल के दौरान खाद की जो समस्या देखी गई थी, वह रबी सीजन में नहीं दोहराई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थोक विक्रेता व कंपनियां उर्वरकों के साथ अनावश्यक टैगिंग न करें और फुटकर विक्रेता खाद को निर्धारित दर पर ही बेचें। नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई डीएम ने चेतावनी दी कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सहकारी और निजी बिक्री केंद्रों पर खाद का मूल्य और फर्म का नाम पेंट से स्पष्ट रूप से लिखा जाए। डिजिटल सिस्टम से होगी बिक्री बैठक में यह भी तय हुआ कि खाद की बिक्री शत-प्रतिशत पीओएस मशीन से होगी और किसानों को पर्ची दी जाएगी। साथ ही, विक्रय खतौनी या जोतबही के आधार पर ही किया जाएगा। इस मौके पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, ए.आर. कोऑपरेटिव, जिला कृषि अधिकारी मु. मुजम्मिल सहित सभी संबंधित अधिकारी और उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर चुनौती
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सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर चुनौती

लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। गीतांजलि का कहना है कि अभी तक उन्हें हिरासत आदेश की प्रति नहीं दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के बाद से उनका पति से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। वांगचुक को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जल्द हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट पहुंची सोनम वांगचुक की पत्नी लद्दाख में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के बाद शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। अब उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी को चुनौती दी है। याचिका में क्या कहा गया? गीतांजलि आंगमो ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का कोई वैध आधार नहीं है और अब तक उन्हें हिरासत आदेश की प्रति नहीं दी गई है, जो कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि वांगचुक से संपर्क न हो पाना गंभीर चिंता का विषय है। NSA पर सवाल गीतांजलि ने वांगचुक पर NSA लगाने को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि वांगचुक ने कभी हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया, बल्कि झड़पों के दौरान उन्होंने उपवास तोड़कर हिंसा रोकने की अपील की थी। मृतक परिवारों ने भी कहा कि इन घटनाओं में वांगचुक की कोई गलती नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट दशहरा अवकाश के बाद 6 अक्टूबर को इस मामले पर तत्काल सुनवाई कर सकता है। वांगचुक एक रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जो लद्दाख में शिक्षा और सामाजिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं।

महाराष्ट्र की सभा में योगी आदित्यनाथ को धमकी, डुमरियागंज में हुआ प्रदर्शन
सिद्धार्थनगर

महाराष्ट्र की सभा में योगी आदित्यनाथ को धमकी, डुमरियागंज में हुआ प्रदर्शन

महाराष्ट्र के बीड जिले में आयोजित सभा के दौरान तासिम अहमद नामक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही डुमरियागंज में भाजपा और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। शनिवार को पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में भाजपा, हिंदू युवा वाहिनी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता डुमरियागंज थाने पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव को तहरीर देकर आरोपी और उसके सहयोगियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की। महाराष्ट्र में सभा के दौरान विवादित बयान, डुमरियागंज में आक्रोश महाराष्ट्र के बीड जिले में आयोजित एक सभा के दौरान तासिम अहमद नामक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, बल्कि मंच से जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में भाजपा और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। भाजपा और हिंदू संगठनों का प्रदर्शन शनिवार को पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में भाजपा, हिंदू युवा वाहिनी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और इसके बाद डुमरियागंज थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव को तहरीर सौंपी। कठोर कार्रवाई की मांग तहरीर में कहा गया है कि वायरल वीडियो में आरोपी न केवल मुख्यमंत्री को धमकी देता दिखाई दे रहा है, बल्कि समाज में धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाले बयान भी दे रहा है। पूर्व विधायक ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर सीधा खतरा बताते हुए आरोपी व उसके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। सामाजिक और राजनीतिक असर स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी समाज में तनाव पैदा कर सकती है और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर असर डालती है। लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा आयात पर लगाया 100% टैरिफ, भारत पर पड़ेगा असर
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डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा आयात पर लगाया 100% टैरिफ, भारत पर पड़ेगा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि 1 अक्टूबर 2025 से फार्मा प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। यह कदम विशेषकर ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर लागू होगा, जिससे भारतीय दवा कंपनियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि जो कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं लगातीं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी। ट्रंप ने किचन कैबिनेट, फर्नीचर और बड़े ट्रकों पर भी 25–50% तक टैरिफ की घोषणा की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय भारतीय फार्मा निर्यात और अमेरिका की जेनेरिक दवा सप्लाई को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप का बड़ा फैसला: 1 अक्टूबर से फार्मा प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए घोषणा की कि 1 अक्टूबर 2025 से अमेरिका में आयात होने वाले फार्मा प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। यह नियम मुख्य रूप से ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर लागू होगा। ट्रंप का कहना है कि केवल वही विदेशी कंपनियां छूट पाएंगी, जो अमेरिका में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी। भारतीय कंपनियों पर असर भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है। 2024 में भारत ने अमेरिका को करीब 31,624 करोड़ रुपये की दवाओं का निर्यात किया था, जबकि 2025 की पहली छमाही में यह आंकड़ा 32,505 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, ल्यूपिन और अरबिंदो जैसी दिग्गज कंपनियां इस बाजार से भारी राजस्व अर्जित करती हैं। ऐसे में Trump Tariff on Indian Pharma से भारतीय कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है। दवाओं के अलावा अन्य उत्पादों पर भी असर ट्रंप ने सिर्फ दवा उद्योग ही नहीं, बल्कि कई अन्य आयातित उत्पादों पर भी नए शुल्क लगाए हैं। किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50% असबाबवाला फर्नीचर पर 30% भारी ट्रकों पर 25% ट्रंप का दावा है कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। आलोचना और आशंकाएं विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी दवा कंपनियों को फायदा पहुंचा सकता है, लेकिन इसके साथ ही मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास में बाधा का खतरा भी बढ़ सकता है। पहले से ही पुराने टैरिफ का बोझ झेल रहे व्यवसायों के लिए यह नई घोषणा अतिरिक्त लागत और अनिश्चितता ला सकती है।

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