यूपी में लू का अलर्ट, किसानों के लिए मौसम आधारित नई एडवाइजरी जारी

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद की शुक्रवार को लखनऊ में हुई क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप बैठक में प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की आशंका को लेकर किसानों के लिए विस्तृत सलाह जारी की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. राजर्षि कुमार गौड़ ने की।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर धान, गन्ना, सब्जी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र के लिए अलग-अलग निर्देश दिए गए हैं। कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जबकि अगले सप्ताह कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान भी है।

यूपी मौसम अलर्ट

यूपी में अगले सप्ताह तेज गर्मी और लू का अलर्ट

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) की ओर से जारी मौसम आधारित कृषि सलाह में कहा गया है कि 22 से 28 मई के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। कई कृषि जलवायु क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है। बुंदेलखंड समेत कई इलाकों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग और विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक शामिल हुए। अध्यक्षता परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. राजर्षि कुमार गौड़ ने की।

दूसरे सप्ताह में बारिश की संभावना

बैठक में प्रस्तुत पूर्वानुमान के अनुसार 29 मई से 4 जून के बीच प्रदेश के तराई और पूर्वी हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट की भी संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों ने कहा कि पहले सप्ताह में लू और गर्म रातों की स्थिति रह सकती है, जबकि दूसरे सप्ताह में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाएं चलने का अनुमान है।

किसानों को सुबह-शाम खेत में काम करने की सलाह

एडवाइजरी में किसानों को दोपहर की तेज धूप से बचने और खेतों में काम सुबह या शाम के समय करने की सलाह दी गई है। खाली खेतों की गहरी जुताई करने, मिट्टी में नमी बनाए रखने और पशुओं को छायादार स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किसानों को लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी है। राहत सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 1070 जारी किया गया है।

धान की खेती को लेकर विशेष निर्देश

बैठक में धान की नर्सरी डालने का उपयुक्त समय बताते हुए बीज चयन और खेत प्रबंधन पर विस्तृत सुझाव दिए गए। किसानों को मौसम को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से नर्सरी तैयार करने की सलाह दी गई है।

साथ ही, गर्मी को देखते हुए खेतों में नमी बनाए रखने और रोगों से बचाव के लिए जैविक एवं रासायनिक उपचार अपनाने की सलाह दी गई। कई उन्नत धान प्रजातियों का भी उल्लेख किया गया है।

पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र के लिए भी जारी हुई एडवाइजरी

पशुपालकों को हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखने, दिन में कई बार पानी पिलाने और संतुलित आहार देने के निर्देश दिए गए हैं। 25 मई 2026 से पशुओं के लिए निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाने की जानकारी भी दी गई।

मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को तालाबों में जलस्तर बनाए रखने और नए तालाब निर्माण कार्य शुरू करने की सलाह दी गई है।

वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई पूरी एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने कहा है कि क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की सिफारिशें agriculture.up.gov.in और upcar.up.gov.in वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। बैठक में कृषि विश्वविद्यालयों और विभागों के कई वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन भागीदारी की।

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