सिद्धार्थनगर महिला थाना टीम की पहल से तलाक की कगार पर पहुंचे 14 जोड़ों का हुआ समझौता, साथ हुए विदा
रविवार को जनपद सिद्धार्थनगर के महिला थाना परिसर में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से 14 दंपतियों के बीच सुलह कराई गई। इस प्रक्रिया का नेतृत्व महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय और उनकी टीम ने किया।
इस पहल से अलग रह रहे परिवारों को फिर से साथ लाने में प्रशासनिक हस्तक्षेप की भूमिका सामने आई। परामर्श प्रक्रिया के बाद सभी जोड़ों को लिखित समझौते के साथ विदा किया गया, जिससे परिवारों में स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

परामर्श केंद्र में पहुंचने वाले ये सभी दंपति लंबे समय से आपसी विवादों के चलते अलग रह रहे थे और कई मामलों में तलाक की स्थिति तक पहुंच चुके थे। ऐसे मामलों को देखते हुए महिला थाना, सिद्धार्थनगर में मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत विशेष परिवार परामर्श सत्र आयोजित किया गया।
काउंसलिंग से बदली स्थिति, लिखित समझौते के बाद साथ लौटे दंपति
प्रभारी निरीक्षक श्रीमती भाग्यवती पाण्डेय के नेतृत्व में महिला थाना टीम ने एक-एक मामले को विस्तार से सुना। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया, जिसके बाद आपसी सहमति का रास्ता निकाला गया। सभी 14 जोड़ों ने लिखित रूप से समझौता किया और दोबारा साथ रहने पर सहमति जताई।
टीम की भूमिका रही महत्वपूर्ण
इस प्रक्रिया में महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, म0आ0 संगीता गौतम, महिला आरक्षी शिवानी सिंह, म0आ0 रीना और म0आ0 प्रगति राय की सक्रिय भूमिका रही। टीम ने लगातार संवाद बनाकर तनावपूर्ण रिश्तों में संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पहुंचे थे दंपति
परामर्श केंद्र में शामिल दंपति जनपद सिद्धार्थनगर के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे खेसरहा, लोटन, शोहरतगढ़, चिल्हिया, पथरा बाजार, उसका बाजार, इटवा, मोहाना, गोल्हौरा और बांसी से संबंधित थे। इससे स्पष्ट है कि इस पहल का प्रभाव जिले के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा।
परिवारों को टूटने से बचाने की पहल
महिला थाना प्रशासन के अनुसार, इस तरह के परामर्श केंद्रों का उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है। रविवार को आयोजित इस सत्र में 14 परिवारों का पुनर्मिलन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


