जिलाधिकारी ने स्कूल से फूड प्लाजा तक, एक दिन में कई निर्माण व व्यवस्थाओं की समीक्षा की
सिद्धार्थनगर में सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में कई निर्माण कार्यों और संस्थानों का निरीक्षण किया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के निर्माणाधीन भवन, राप्ती नदी किनारे फूड प्लाजा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख दिखाया। कुछ जगहों पर लापरवाही सामने आने पर तत्काल निर्देश जारी किए गए, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

निर्माण कार्यों की प्रगति पर सीधे निगरानी
डुमरियागंज तहसील में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के नए भवन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने स्टीमेट और एमबी का मिलान कराया। मौके पर निर्माण कार्य लगभग 65 प्रतिशत पूर्ण पाया गया।
भवन के कमरों का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था यू0पी0सीएलडीएफ के जेई को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। प्रशासन ने संकेत दिया कि देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राप्ती किनारे बन रहे फूड प्लाजा और ओपन जिम पर फोकस
नगर पंचायत डुमरियागंज द्वारा राप्ती नदी के किनारे विकसित किए जा रहे फूड प्लाजा और ओपन जिम का भी जिलाधिकारी ने मौके पर जायजा लिया।
यहां अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत डुमरियागंज को निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराते हुए फूड प्लाजा की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। साथ ही ओपन जिम को भी शीघ्र तैयार कर आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
स्थानीय स्तर पर यह परियोजनाएं सार्वजनिक सुविधा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

विद्यालय निरीक्षण में सामने आई लापरवाही
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, डुमरियागंज के औचक निरीक्षण के दौरान स्थिति अलग नजर आई। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में शिक्षिका अर्चना यादव, सीमा वर्मा, शकुन्तला यादव और मुख्य रसोइया गीता यादव अनुपस्थित पाई गईं।
वार्डेन आशा गुप्ता के अनुपस्थित होने पर बताया गया कि वह ट्रेनिंग में हैं, लेकिन कोई स्वीकृत आदेश उपलब्ध नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने वार्डेन समेत सभी अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण लेने और एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
पढ़ाई और व्यवस्थाओं की भी जांच
निरीक्षण के दौरान कक्षा 6, 7 और 8 की छात्राओं से पढ़ाई की स्थिति जानी गई और उनसे हिंदी की किताब पढ़वाई गई। विद्यालय में कुल 100 छात्राओं के नामांकन के मुकाबले 72 छात्राएं उपस्थित मिलीं।
जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने, शिक्षकों की समय से उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर जोर दिया। साथ ही किचन, पेयजल व्यवस्था और सीसीटीवी सिस्टम की भी जांच की गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
पूरे निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया कि विकास कार्यों और शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और विद्यालयों में अनुशासन व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ अब स्थानीय प्रशासन की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।


