उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।

उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए UP Outsourcing Reforms के तहत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का फैसला किया है। यह कंपनी पारदर्शी और नॉन-प्रॉफिट आधार पर काम करेगी। नए नियमों के तहत कर्मचारियों को सीधे बैंक खाते में 20,000 से 40,000 रुपये तक पारिश्रमिक मिलेगा और पीएफ-ईएसआई की गारंटी रहेगी। चयन लिखित परीक्षा व साक्षात्कार से होगा। आरक्षण व सामाजिक सुरक्षा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लाखों outsourcing employees को लाभ मिलेगा और बिचौलिया संस्कृति पर रोक लगेगी।

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।

यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा सुधार

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आउटसोर्सिंग भर्तियों में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का निर्णय लिया है। यह संस्था कम्पनीज एक्ट-2013 की धारा 8 के अंतर्गत नॉन-प्रॉफिट पब्लिक लिमिटेड कंपनी होगी। इस फैसले को प्रदेश के लाखों outsourcing employees के हित में एक बड़ा सुधार (UP Outsourcing Reforms) माना जा रहा है।

अब कैसे होगी नई भर्ती व्यवस्था

निगम के जरिए विभाग अब सीधे एजेंसियों का चयन नहीं करेंगे। एजेंसियां GEM पोर्टल से पारदर्शी प्रक्रिया में चुनी जाएंगी। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा। वेतन हर माह 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में आएगा। पीएफ और ईएसआई का अंशदान भी सीधे जमा होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

श्रेणीवार पारिश्रमिक का निर्धारण

नई व्यवस्था में चार श्रेणियों के अनुसार न्यूनतम मानदेय तय किया गया है—

श्रेणी 1: डॉक्टर, इंजीनियर, लेक्चरर जैसे पद – न्यूनतम 40,000 रुपये।

श्रेणी 2: सीनियर असिस्टेंट, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, जेई आदि – न्यूनतम 25,000 रुपये।

श्रेणी 3: जूनियर असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, तकनीकी स्टाफ – न्यूनतम 22,000 रुपये।

श्रेणी 4: चपरासी, चौकीदार, माली, कुक, तकनीकी सहायक आदि – न्यूनतम 20,000 रुपये।

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।

सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण की गारंटी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नई व्यवस्था में संवैधानिक आरक्षण का पूरा पालन होगा। एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार अवसर दिए जाएंगे। कर्मचारियों को प्रशिक्षण, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक मृत्यु पर 15,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता भी मिलेगी।

युवाओं के लिए नया अवसर

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सरकार का दावा है कि इन UP Outsourcing Reforms से रोजगार व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

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