ईरान के 31 प्रांतों तक फैला जनआंदोलन, इंटरनेट पाबंदी से हालात और बिगड़े

ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने गुरुवार को और उग्र रूप ले लिया। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं, जबकि देशव्यापी इंटरनेट पाबंदी की खबरें सामने आईं।

स्थिति ऐसे समय गंभीर हुई है जब विरोध प्रदर्शनों के बीच अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।

ईरान विरोध प्रदर्शन

ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ प्रदर्शन तेज

ईरान में आर्थिक हालात को लेकर जनता का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। राजधानी तेहरान के अलावा मशहद और इस्फ़हान जैसे प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए, जहां कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें दर्ज की गईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक की सूचना है।

विरोध की पृष्ठभूमि और फैलाव

इन प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले महीने तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से हुई थी। व्यापारियों ने ईरानी मुद्रा रियाल की तेज गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। धीरे-धीरे यह आंदोलन बेरोज़गारी, वस्तुओं की कमी और पश्चिमी प्रतिबंधों से जुड़े व्यापक आर्थिक संकट का प्रतीक बन गया। रिपोर्टों के अनुसार अब ये प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नज़र रखी जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की तो अमेरिका कड़े कदम उठाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “किसी की भी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई तो हम छोड़ेंगे नहीं।”

खामेनेई का संबोधन

इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का देशभर में प्रसारित भाषण सामने आया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा, “ट्रंप अपने देश की चिंता करें, ईरान विदेशी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।” खामेनेई ने यह भी कहा, “ईरान विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स यानी आतंकी एजेंटों को बर्दाश्त नहीं करेगा।” उन्होंने युवाओं से एकता बनाए रखने की अपील की।

हताहत और जांच

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, पिछले 12 दिनों में 42 लोगों की मौत हुई है। यूएस स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में 34 प्रदर्शनकारियों और आठ सुरक्षाबलों के सदस्यों की मौत की बात कही गई है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं और 2,200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। हालात को लेकर जांच और आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

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