अदालत में जूता कांड पर अखिलेश यादव बोले : ‘भाजपाई सत्ता के अंतिम दौर में हैं’
देश के सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई पर अदालत में एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश की गई, जिससे वहां हंगामा मच गया। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के हाथों में जाकर तो जूता भी खुद को अपमानित महसूस करता है।” अखिलेश ने इस घटना को प्रभुत्ववादी सोच और नफरत से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज अब और अपमान नहीं सहेगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए बोले, “भाजपाई सत्ता के अंतिम दौर में हैं, क्योंकि उनकी भ्रष्ट चुनावी साज़िश बेनकाब हो चुकी है।”

अदालत में हंगामा: CJI बी.आर. गवई पर वकील ने फेंका जूता
देश की न्यायपालिका में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई पर एक वकील ने कथित तौर पर जूता फेंकने की कोशिश की। अदालत में हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अन्य वकीलों ने इस कृत्य की पुष्टि करते हुए इसे निंदनीय बताया है।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया – “जूता भी अपमानित महसूस करता है”
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के हाथों में जाकर तो जूता भी खुद को अपमानित महसूस करता है।”
अखिलेश ने इसे पीडीए समाज (पीड़ित, दुखी, अपमानित) के अपमान से जोड़ा और कहा कि प्रभुत्ववादी सोच नफरत को जन्म देती है, जो देश के सर्वोच्च न्यायिक पद से लेकर समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक फैली है।
“पीडीए अब और नहीं सहेगा” – सपा प्रमुख
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पीडीए समाज की उदारता 5000 सालों से ऐसे लोगों को माफ करती आई है, लेकिन अब यह अपमान और नहीं सहेगा। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए लिखा कि “भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता के अंतिम दौर में हैं क्योंकि उनकी भ्रष्ट चुनावी साजिश उजागर हो चुकी है।”
“90% जनता जाग चुकी है” – अखिलेश का दावा
उन्होंने कहा कि जब देश की 90% आबादी अपने हक और अधिकारों के लिए जाग चुकी है, तब 10% का गुरूर अब नहीं टिकेगा।
अखिलेश ने इसे “अपमान बनाम सम्मान” का संघर्ष बताया और विश्वास जताया कि पीडीए अपने स्वाभिमान की यह निर्णायक लड़ाई जीतकर रहेगा।


