लगातार तीसरी राहत से आज़म खान की मुश्किलें हुईआसान, जल्द बाहर आ सकते हैं जेल से
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रामपुर के क्वालिटी बार पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामले में न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। यह मामला 2019 में दर्ज हुआ था, जिसमें पहले उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म नामजद थे। बाद में विवेचना में आज़म को भी आरोपी बनाया गया। इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की थी। वकील इमरानउल्लाह के अनुसार, अब लगभग सभी मुकदमों में राहत मिलने से आज़म जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं।

आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत
समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। यह जमानत रामपुर के बहुचर्चित क्वालिटी बार अवैध कब्जा मामले में दी गई है। न्यायमूर्ति समीर जैन की सिंगल बेंच ने गुरुवार को फैसला सुनाया।
2019 में दर्ज हुआ था केस
यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सईद नगर हरदोई पट्टी में स्थित क्वालिटी बार से जुड़ा है। 21 नवंबर 2019 को बार मालिक गगन अरोड़ा की शिकायत पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरुआती विवेचना में चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आज़म की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान का नाम सामने आया। बाद में पुलिस ने आज़म खान को भी आरोपी बनाया।
जमानत से पहले कई झटके
आजम खान ने पहले रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 17 मई 2025 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता इमरानउल्लाह और मोहम्मद खालिद ने उनकी पैरवी की। वहीं, सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आज़म का लंबा आपराधिक इतिहास है और उन्होंने मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया।
लगातार तीसरी राहत
आजम खान को एक हफ्ते में यह लगातार तीसरी बड़ी राहत मिली है। इससे पहले 10 सितंबर को डूंगरपुर मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, जबकि 16 सितंबर को रामपुर की अदालत ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें बरी कर दिया था।
जेल से बाहर आने की उम्मीद
अधिवक्ता इमरानउल्लाह का कहना है कि लगभग सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद अब आज़म खान के जेल से बाहर आने की संभावना बहुत बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की सियासत पर इसका असर देखने को मिल सकता है।


