वायरल वीडियो पर पवन सिंह ने अंजलि राघव से मांगी माफी
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वायरल वीडियो पर पवन सिंह ने अंजलि राघव से मांगी माफी

भोजपुरी एक्टर पवन सिंह हाल ही में एक विवाद में घिर गए, जब लखनऊ में एक इवेंट के दौरान उन्होंने स्टेज पर हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर हाथ रखा। यह वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और पवन सिंह को जमकर ट्रोल किया गया। विवाद बढ़ने पर पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर अंजलि से माफी मांगी और कहा कि उनका कोई गलत इरादा नहीं था। अंजलि ने भी जवाब देते हुए उन्हें माफ कर दिया और कहा कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। मामला अब सुर्खियों में छाया हुआ है। पवन सिंह–अंजलि राघव विवाद पर माफीनामा, जानिए पूरा मामला भोजपुरी स्टार पवन सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में लखनऊ में हुए एक प्रमोशनल इवेंट में उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर हाथ रखते नजर आए। अंजलि इस दौरान असहज दिखीं और बाद में सोशल मीडिया पर इसे फूहड़ और अपमानजनक व्यवहार करार दिया। इस वीडियो के सामने आते ही पवन सिंह को सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा। क्या हुआ था लखनऊ इवेंट में? गाने “सइयां सेवा करे” के लॉन्च के दौरान अंजलि राघव मंच पर मौजूद थीं। जब वे दर्शकों को संबोधित कर रही थीं, तभी पवन सिंह अचानक उनकी कमर पर हाथ फेरते नजर आए। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और वीडियो वायरल होते ही पवन सिंह पर अश्लीलता और ठरकीपन के आरोप लगने लगे। पवन सिंह ने मांगी अंजलि राघव से माफी लगातार विवाद और आलोचना के बाद पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि उनका “कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मेरे व्यवहार से अंजलि जी को तकलीफ हुई हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।” यह माफीनामा सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अंजलि राघव का जवाब अंजलि ने पवन सिंह के इस माफीनामे को रीपोस्ट कर लिखा– “पवन सिंह जी ने गलती की माफी मांग ली है। वो मुझसे बड़े और सीनियर कलाकार हैं। मैंने उन्हें माफ कर दिया है और इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती।” अंजलि के इस बयान के बाद मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है।

राहुल-अखिलेश की मौजूदगी तेजस्वी यादव ने खुद को CM फेस घोषित किया
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राहुल-अखिलेश की मौजूदगी तेजस्वी यादव ने खुद को CM फेस घोषित किया

बिहार चुनाव (Bihar Election) को लेकर शनिवार को इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा आरा पहुंची, जहां आरजेडी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने खुद को गठबंधन का सीएम फेस घोषित कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार को “कॉपीकैट” और “डुप्लीकेट सीएम” करार दिया। उन्होंने भीड़ से पूछा कि “डुप्लीकेट चाहिए या ओरिजिनल सीएम?”, जिस पर जनता ने “ओरिजिनल” का नारा लगाया। राहुल गांधी के गोलमोल जवाबों के बीच तेजस्वी ने साफ किया कि बिहार में असली नेतृत्व चाहिए। उन्होंने मोदी सरकार पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया। आरा में तेजस्वी यादव ने खुद को बनाया बिहार चुनाव का CM फेस बिहार चुनाव (Bihar Election) से पहले इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा ने शनिवार को आरा में बड़ा मोड़ ले लिया। इस दौरान आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मंच से ऐलान कर दिया कि वे गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। खास बात यह रही कि मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। नीतीश कुमार सरकार पर हमला, कहा– “कॉपीकैट और डुप्लीकेट CM” तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार को “कॉपीकैट सरकार” कहा। उन्होंने भीड़ से सवाल किया कि “आपको डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल?” भीड़ ने जोरदार तरीके से “ओरिजिनल सीएम” के नारे लगाए। तेजस्वी ने दावा किया कि उनकी योजनाओं को सरकार ने अपनाया, लेकिन उनमें दूरदृष्टि और विजन की कमी है। राहुल गांधी और कांग्रेस का गोलमोल रुख हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राहुल गांधी से पूछा गया कि कांग्रेस तेजस्वी को cm face क्यों नहीं घोषित कर रही है, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। लेकिन आरा की रैली में तेजस्वी ने साफ संकेत दिया कि बिहार में विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व वे ही करेंगे। मोदी सरकार पर भी साधा निशाना तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी वादाखिलाफी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी के वादे “कागज के हवाई जहाज” जैसे हैं, जो उड़ते तो हैं लेकिन जमीन पर टिकते नहीं। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे “वोट चोरों से सावधान रहें” और अपने अधिकार की रक्षा करें। रैली में INDIA गठबंधन के बड़े नेता मौजूद आरा की रैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य इंडिया ब्लॉक नेता मंच पर मौजूद रहे। सभा के बाद तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में इसे ऐतिहासिक यात्रा बताते हुए दावा किया कि लाखों लोगों का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि “आज पूरा बिहार कह रहा है कि हमें असली CM चाहिए, डुप्लीकेट नहीं।”

डुमरियागंज में युवक डूबा, भाई की बहादुरी से बची जान
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज में युवक डूबा, भाई की बहादुरी से बची जान

सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित गुरुगोरक्षनाथ तलैया में शनिवार को बड़ा हादसा टल गया। मोहम्मदनगर बहराइच निवासी मनोज गौतम जलकुंभी निकालते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे, लेकिन उनके भाई राजेश गौतम ने साहस दिखाकर बचा लिया। यहां 117.7 लाख की लागत से पर्यटन विकास कार्य चल रहा है, जिसमें मजदूरों को प्रतिदिन 500–1000 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद मजदूरों के लिए सुरक्षा इंतज़ाम नहीं हैं। ईओ सचिन चौधरी ने कहा कि ठेकेदार पर कार्यवाही की जाएगी। सिद्धार्थनगर: गुरुगोरक्षनाथ तलैया हादसा टला, भाई ने बचाई युवक की जान सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुगोरक्षनाथ तलैया में शनिवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। मोहम्मदनगर, बहराइच निवासी मनोज गौतम अपने रिश्तेदारों के घर साहियापुर आए थे। इसी दौरान वह तलैया में जलकुंभी निकालते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद उनके भाई राजेश गौतम ने तुरंत पानी में कूदकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। 118 लाख की लागत से चल रहा पर्यटन विकास कार्य इस तलैया में 117.7 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लिमिटेड है। उद्देश्य है कि यहां पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनें। मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल वर्तमान में तलैया की सफाई और जलकुंभी निकालने का कार्य दर्जनों मजदूरों द्वारा किया जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 500 से 1000 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यहां ना तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं, ना रेस्क्यू बोट और ना ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधा। मजदूरों की जान हर समय खतरे में बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गी स्थानीय निवासी संगम, अतुल, अभिनव, संगीता सहित कई लोगों ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन मजदूरों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा साधन उपलब्ध कराने की मांग की। प्रशासन की सफाई और चेतावनी ईओ नगर पंचायत डुमरियागंज सचिन चौधरी ने बताया कि तलैया की सफाई का कार्य ठेकेदार को दिया गया है। यदि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

चन्द्रदीप घाट पुल हादसा: मां की मौत, बेटा व दो रिश्तेदार घायल
सिद्धार्थनगर

चन्द्रदीप घाट पुल हादसा: मां की मौत, बेटा व दो रिश्तेदार घायल

गुरुवार सुबह लगभग छह बजे भवानीगंज थाना क्षेत्र के चन्द्रदीप घाट पुल के पास एक तेज़ रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई। हादसे में जबजौआ गांव निवासी 60 वर्षीय फातमा खातून की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे सद्दाम, रिश्तेदार मोहम्मद उजैर और शादाब घायल हो गए। उजैर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे लखनऊ रेफर किया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चन्द्रदीप घाट पुल के पास भीषण सड़क हादसा भवानीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत चन्द्रदीप घाट पुल के पास गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सुबह करीब छह बजे तेज़ रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई। महिला की मौत, तीन घायल हादसे में जबजौआ गांव निवासी सद्दाम (28) अपनी मां फातमा खातून (60) को इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे। कार में रिश्तेदार मोहम्मद उजैर और शादाब भी सवार थे। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गंभीर रूप से घायल फातमा खातून को गोंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। एक की हालत नाजुक, पुलिस जांच में जुटी घायल मोहम्मद उजैर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया है। जबकि सद्दाम और शादाब को हल्की चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सूचना पर भवानीगंज थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वाहन की तकनीकी जांच की जा रही है और दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई प्रतीत होती है। हादसों पर अंकुश जरूरी स्थानीय लोगों का कहना है कि चन्द्रदीप घाट पुल के पास आए दिन तेज़ रफ्तार वाहन दुर्घटना का कारण बनते हैं। लोगों ने प्रशासन से यहां यातायात सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

अपराधियों पर शिकंजा, सिद्धार्थनगर पुलिस ने दिखाई सख्ती, 11 वांछित, 21 वारंटी हुए गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर

अपराधियों पर शिकंजा, सिद्धार्थनगर पुलिस ने दिखाई सख्ती, 11 वांछित, 21 वारंटी हुए गिरफ्तार

जनपद सिद्धार्थनगर पुलिस बुधवार और गुरुवार को चलाए गए विशेष अभियान में 11 वांछित और 21 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा। यह कार्रवाई एडीजी गोरखपुर जोन के आदेश और एसपी सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में की गई। एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण में जनपद के सभी थानों ने विभिन्न मुकदमों में वांछित अभियुक्तों की तलाश कर पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या की कोशिश, मारपीट, गाली-गलौज, आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं में मामले दर्ज थे। पुलिस की इस कार्यवाही से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और अपराधियों में खौफ का माहौल बना। सिद्धार्थनगर पुलिस का अभियान: 32 वांछित और वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार सिद्धार्थनगर। जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 27-28 अगस्त 2025 को चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने 11 वांछित और 21 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा। एडीजी गोरखपुर जोन के आदेश पर अभियान यह अभियान अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन के आदेश पर चलाया गया। सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन और एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण में जिलेभर के थानों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। गंभीर धाराओं में आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार अभियुक्तों पर मारपीट, गाली-गलौज, हत्या की कोशिश, आबकारी अधिनियम व आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। इनमें मिठाई लाला, फूलचंद उर्फ छांगुर, परमेश्वर, हरिवंश, प्रकाश साहनी, शहीद, कुनमुन, प्रदीप कुमार, प्रकाश लोध, संतोषी, राकेश, संतराम, रामू गौड़, रामरूप, सुरेंद्र, रामदीन, रामशरण व धमालू जैसे अभियुक्त शामिल हैं। कानून-व्यवस्था पर असर इस कार्रवाई से जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। पुलिस का दावा है कि इस तरह की नियमित कार्यवाही से अपराधियों में खौफ बना रहेगा और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।

सिद्धार्थनगर : सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर : सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिए कड़े निर्देश

सिद्धार्थनगर में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य करने, बिना पंजीकरण या परमिट वाहनों पर कड़ी कार्रवाई तथा ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड वाहनों का चालान करने के निर्देश दिए गए। ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर साइनबोर्ड लगाने, संकेतक बोर्ड की सफाई और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्यता की बात दोहराई। बैठक में सीडीओ बलराम सिंह सहित एआरटीओ, शिक्षा विभाग और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सिद्धार्थनगर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, वाहनों की फिटनेस और यातायात नियमों पर सख्ती सिद्धार्थनगर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर 28 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विद्यालय वाहनों की फिटनेस अनिवार्य बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों के सभी वाहनों की फिटनेस जांच कराई जाए। बिना पंजीकरण या फिटनेस वाले किसी भी वाहन को सड़क पर न चलने दिया जाए। विशेष रूप से बिना परमिट के चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड पर कड़ा रुख एआरटीओ को निर्देश दिया गया कि ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान करें। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे वाहन सड़क दुर्घटनाओं के बड़े कारण हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्लैक स्पॉट और साइनबोर्ड व्यवस्था अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां साइनबोर्ड और गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, संकेतक बोर्ड की साफ-सफाई और सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना सुनिश्चित किया जाए। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता बैठक में कहा गया कि एनएच और अन्य व्यस्त सड़कों के किनारे स्थित विद्यालयों में बच्चों और अभिभावकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य किया जाए। आगे की कार्रवाई जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों और घायलों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की जाए, ताकि सुरक्षा उपायों का प्रभाव आंका जा सके।

इटवा में दो दुकानों से लिया गया पान मसाला और सुपारी का नमूना
सिद्धार्थनगर

इटवा में दो दुकानों से लिया गया पान मसाला और सुपारी का नमूना

इटवा तहसील सभागार में गुरुवार को बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) वी.के. पाण्डेय की अध्यक्षता में खाद्य कारोबारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। इसमें खाद्य कारोबारियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य-पेय पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की जानकारी दी गई। साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। बैठक के बाद सचल दल ने इटवा बाजार से श्याम पान मटेरियल शॉप से एक पान मसाला व मिश्रा मार्केट स्थित संजय चौरसिया की दुकान से एक स्वीटी सुपारी का नमूना लेकर खाद्य प्रयोगशाला भेजा। रिपोर्ट आने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। टीम में विभिन्न अधिकारी शामिल रहे। इटवा में खाद्य कारोबारियों को सुरक्षा व मानक अधिनियम की दी गई जानकारी बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) वी.के. पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को इटवा तहसील सभागार में खाद्य कारोबारियों की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियम समझाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया। सचल दल ने लिया पान मसाला व सुपारी का नमूना बैठक के बाद सचल दल ने बाजार निरीक्षण किया। इस दौरान इटवा बाजार स्थित श्याम पान मटेरियल शॉप से एक पान मसाला तथा मिश्रा मार्केट में संजय चौरसिया की दुकान से एक स्वीटी सुपारी का नमूना लेकर खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की टीम रही मौजूद इस अभियान में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आर.एल. यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रेश प्रसाद, जय प्रकाश, नीरज कुमार चौधरी, रंजन कुमार श्रीवास्तव एवं हीरा लाल शामिल रहे। टीम ने कारोबारियों से अपील की कि वे नियमों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं, ताकि उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

50% अमेरिकी टैरिफ से भारतीय व्यापार को झटका, रोज़गार पर खतरा
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50% अमेरिकी टैरिफ से भारतीय व्यापार को झटका, रोज़गार पर खतरा

अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त tariff on India लगाने की औपचारिक अधिसूचना जारी की है, जो 27 अगस्त 2025 से प्रभावी होगी। इससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम भारत के रूस से तेल खरीदने के जवाब में उठाया है। यह टैरिफ भारत के 86.5 अरब डॉलर निर्यात के दो-तिहाई हिस्से को प्रभावित करेगा, विशेषकर कपड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद और ऑटो पार्ट्स। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्यात में 43% तक गिरावट और रोजगार संकट की आशंका है। भारत सरकार ने इसे अनुचित बताया है और कूटनीतिक बातचीत व वैकल्पिक रणनीतियों पर विचार कर रही है। अमेरिका का नया Tariff on India अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। यह बढ़ा हुआ शुल्क 27 अगस्त 2025 को सुबह 12:01 बजे (EST) से लागू होगा। इससे पहले ही 25% reciprocal tariff लागू था, जिसके साथ मिलाकर भारतीय वस्तुओं पर कुल आयात शुल्क 50% तक पहुंच जाएगा। यह दर ब्राजील के समान और अन्य एशिया-प्रशांत देशों की तुलना में कहीं अधिक मानी जा रही है। ट्रंप प्रशासन का तर्क और प्रभाव अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध के लिए मास्को को फंडिंग कर रहा है। इसलिए यह कदम भारत पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, फार्मा, सेमीकंडक्टर्स और ऊर्जा संसाधनों को छूट दी गई है। Trump tariff से भारत के 86.5 अरब डॉलर के निर्यात में से करीब 60.2 अरब डॉलर पर असर पड़ेगा। निर्यात और रोजगार पर बड़ा झटका ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टैरिफ कपड़ा, रत्न-आभूषण, झींगा, कालीन और फर्नीचर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। भारत का अमेरिका को निर्यात 2025 के 86.5 अरब डॉलर से घटकर 2026 में 49.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, यानी 43% की कमी। इससे निर्यात पर निर्भर उद्योगों में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका कमजोर होने की आशंका है। भारत सरकार और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी फैसले को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” बताया। मंत्रालय का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस से तेल आयात भारत का संप्रभु निर्णय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद की जनसभा में कहा कि भारत किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकेगा नहीं और किसानों, मछुआरों व छोटे उद्यमियों के हितों की रक्षा की जाएगी। भारत के सामने चुनौतियां और संभावित कदम GTRI ने सुझाव दिया है कि भारत को इस संकट से निपटने के लिए कर सुधार, MSME समर्थन योजनाएं और ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम जैसे कदम उठाने चाहिए। निर्यात हब जैसे झींगा, कालीन व आभूषण केंद्रों के लिए विशेष ऋण व वेतन सहायता भी ज़रूरी मानी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह tariff on India केवल अल्पकालिक आर्थिक झटका नहीं, बल्कि दीर्घकालिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लिए चुनौती साबित हो सकता है।

delhi metro fare hike
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दिल्ली मेट्रो का सफर हुआ महंगा, 8 साल बाद बढ़े किराए

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आठ साल बाद किराए में बढ़ोतरी का एलान किया है। 25 अगस्त 2025 (सोमवार) से नया किराया लागू हो गया है। अब यात्रियों को दूरी के अनुसार 1 रुपये से 4 रुपये तक अधिक देना होगा, जबकि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर अधिकतम 5 रुपये की वृद्धि की गई है। नई दरों के अनुसार लंबी दूरी की यात्रा पर अब 64 रुपये चुकाने होंगे, जो पहले 60 रुपये थे। दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) का कहना है कि यह “मिनिमल इन्क्रीज” है ताकि यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े। इससे लाखों यात्रियों की जेब पर असर होगा। दिल्ली मेट्रो किराया बढ़ा, आज से लागू नए रेट दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली Delhi Metro से सफर करना अब महंगा हो गया है। Delhi Metro Fare Hike का असर 25 अगस्त 2025 (सोमवार) से सभी यात्रियों पर दिखने लगा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने घोषणा की है कि अब दूरी के हिसाब से किराया 1 रुपये से 4 रुपये तक बढ़ाया गया है, जबकि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर अधिकतम 5 रुपये की वृद्धि हुई है। कितनी दूरी पर कितना किराया? डीएमआरसी ने नई दरें जारी की हैं। 0–2 किमी : ₹10 → ₹11 2–5 किमी : ₹20 → ₹21 5–12 किमी : ₹30 → ₹31 12–21 किमी : ₹40 → ₹42 21–32 किमी : ₹50 → ₹54 32 किमी से अधिक : ₹60 → ₹64 राष्ट्रीय अवकाश और रविवार को भी न्यूनतम किराया 1–3 रुपये तक बढ़ाया गया है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रा करने वालों को दूरी के अनुसार 1 से 5 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। 8 साल बाद किराए में बढ़ोतरी दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में आखिरी बार साल 2017 में किराया संशोधित हुआ था। इसके बाद यह पहली बार है जब किराए में बढ़ोतरी की गई है। डीएमआरसी का कहना है कि यह वृद्धि “न्यूनतम” है और इसे इसलिए लागू किया गया है ताकि यात्रियों पर अधिक बोझ न पड़े और मेट्रो सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से जारी रह सके। यात्रियों की प्रतिक्रिया दैनिक यात्रियों का कहना है कि भले ही यह वृद्धि सिर्फ 1–4 रुपये की हो, लेकिन रोजाना यात्रा करने वालों के मासिक खर्च पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले यात्री अब हर महीने सैकड़ों रुपये अधिक खर्च करेंगे।

ग्रेटर नोएडा निक्की केस : दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाया, पति गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा निक्की केस : दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाया, पति गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लिए 29 वर्षीय निक्की की बर्बर हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति विपिन, सास दया और अन्य परिजनों ने 35 लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर निक्की को पीटकर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसी निक्की को फोर्टिस और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। निक्की के बेटे ने बताया कि पिता ने ही मां पर लाइटर से आग लगाई। पुलिस ने पति को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। ग्रेटर नोएडा में दहेज के लिए महिला को जिंदा जलाया, पति गिरफ्तार घटना का विवरण उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लिए 29 वर्षीय विवाहिता निक्की भाटी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे हुई, जब निक्की के पति विपिन भाटी और सास दया ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। आरोप है कि निक्की के जेठ रोहित और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। दहेज की मांग और प्रताड़ना निक्की की शादी दिसंबर 2016 में विपिन भाटी से हुई थी, जबकि उसकी बड़ी बहन कंचन की शादी विपिन के बड़े भाई रोहित से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पर 35 लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज मांगने के आरोप हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्होंने एक स्कॉर्पियो गाड़ी और अन्य कीमती सामान भी दिया था, फिर भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई। बहन की गवाही और वीडियो सबूत निक्की की बहन कंचन ने बताया कि उसने घटना का वीडियो बनाया, जिसमें आरोपियों को निक्की पर हमला करते और आग लगाते हुए देखा जा सकता है। कंचन का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गई। पड़ोसियों की मदद से गंभीर रूप से झुलसी निक्की को पहले फोर्टिस अस्पताल और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। निक्की के बेटे का बयान 6 वर्षीय बेटे अविश ने दिल दहला देने वाला बयान दिया। उसने कहा कि “मेरे पापा ने मम्मा पर लिक्विड फेंका और लाइटर से आग लगाई”। इस बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने घटना की सच्चाई उजागर कर दी। पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया विवाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने निक्की के पति विपिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास दया, जेठ रोहित और ससुर सत्यवीर की तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया पर विपिन का एक पोस्ट भी वायरल है, जिसमें उसने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए लिखा कि “निक्की ने आत्महत्या की है”। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस का बयान एडीसीपी सुधीर कुमार ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं।

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