खुशखबरी! यूपी के शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, शिक्षामित्र-रसोइया भी शामिल
उत्तर प्रदेश, लेटेस्ट न्यूज़

खुशखबरी! यूपी के शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, शिक्षामित्र-रसोइया भी शामिल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर लोकभवन, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में 81 शिक्षकों को सम्मानित किया और बड़ा उपहार दिया। उन्होंने घोषणा की कि अब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इस कदम से प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर उच्च स्तरीय समिति काम कर रही है। सीएम ने सोशल मीडिया पर शिक्षक दिवस और ओणम की शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को दी कैशलेस चिकित्सा सुविधा लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेशभर के शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 81 शिक्षकों को सम्मानित किया और कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की घोषणा की। नौ लाख परिवारों को लाभ नई योजना के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया भी शामिल होंगे। इस पहल से करीब नौ लाख परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। मानदेय बढ़ाने पर भी काम सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मानदेय वृद्धि पर निर्णय लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी पोस्ट कर शिक्षक दिवस की बधाई दी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में डॉ. राधाकृष्णन के योगदान को अनुकरणीय बताया। साथ ही ओणम पर्व पर भी उन्होंने प्रदेशवासियों और किसानों को शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक और सामाजिक महत्व राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए राहत भरा है, बल्कि इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। सामाजिक स्तर पर यह घोषणा शिक्षकों की भूमिका और महत्व को रेखांकित करती है।

सांसद जगदंबिका पाल ने किया 61.90 करोड़ की सड़क परियोजना का शिलान्यास
सिद्धार्थनगर

सांसद जगदंबिका पाल ने किया 61.90 करोड़ की सड़क परियोजना का शिलान्यास

सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेवा चौराहे पर गुरुवार को सांसद जगदंबिका पाल ने बस्ती-भड़रिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास किया। यह सड़क एसएच-26 के किमी 376 से 390 तक 15 किलोमीटर लंबी बनेगी, जिसकी लागत 61.90 करोड़ रुपये स्वीकृत है। लंबे समय से खराब इस मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों का दबाव रहता था। निर्माण शुरू होने से क्षेत्रवासियों में राहत है, हालांकि गिट्टी उड़ने की शिकायत सामने आई। सांसद ने क्षेत्र में नई सड़क, रेलवे स्टेशन और विकास परियोजनाओं की घोषणा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। बेवा चौराहे पर सांसद ने किया शिलान्यास सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के बेवा चौराहे पर गुरुवार को सांसद जगदंबिका पाल ने बस्ती-भड़रिया मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास किया। यह सड़क पीलीभीत-बहराइच-बस्ती मार्ग (एसएच-26) पर किमी 376 से 390 तक करीब 15 किलोमीटर लंबे हिस्से में बनेगी। परियोजना की लागत 61.90 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। सड़क की जर्जर हालत से परेशान थे लोग स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में था और ओवरलोड ट्रकों के कारण लगातार दबाव झेल रहा था। फिलहाल निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि कुछ हिस्सों पर गिट्टी उड़ने से राहगीरों को परेशानी हो रही है। लोगों ने यह आशंका भी जताई कि जब तक भारी वाहनों का आवागमन नियंत्रित नहीं होगा, सड़क लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी। सांसद ने रखी नई परियोजनाओं की रूपरेखा शिलान्यास के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि उनका संकल्प डुमरियागंज के विकास को नई पहचान देना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर भड़रिया से बढ़नी-चफा मार्ग का प्रस्ताव रखा गया है। नई सड़क 10 मीटर चौड़ी होगी और क्षेत्र के यातायात को बेहतर सुविधा देगी। उन्होंने दावा किया कि जिले में जल्द रेलवे लाइन का कार्य भी शुरू होगा और नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा विकास पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि डुमरियागंज की जनता ने उन्हें लगातार जो समर्थन दिया है, वे उस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे। बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद शिलान्यास कार्यक्रम में सचिदानंद पांडेय, राजकुमार, ‘चिंकू’ यादव, राजेश द्विवेदी, अमरनाथ सिंह, मोनी पांडेय, अशोक दास, संतोष अग्रहरि, श्यामसुंदर अग्रहरि, अभयराम पांडेय, राजेंद्र पांडेय, राजू पाल, कमलेश चौरसिया, कसीम रिज़वी, मनोज मौर्या, राम प्रकाश जायसवाल, राजकुमार चौधरी, विनय पाठक, राम आशीष पाठक, विपिन दुबे समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

सिद्धार्थनगर में ड्रोन संचालकों पर कड़ा फरमान, देर करने पर होगी एफआईआर
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में ड्रोन संचालकों पर कड़ा फरमान, देर करने पर होगी एफआईआर

जनपद सिद्धार्थनगर में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ड्रोन सुरक्षा पर बैठक हुई। उत्तर प्रदेश ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति 2023 के तहत सभी ड्रोन संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे 24 घंटे के भीतर अपने थाने पर जाकर संचालन संबंधी विवरण दर्ज कराएं। थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वे सभी संचालकों की जानकारी रजिस्टर में अंकित करें। समय सीमा में जानकारी न देने पर एफआईआर दर्ज होगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस व अधिकारियों को दें। तस्वीर प्रतीकात्मक है सिद्धार्थनगर में ड्रोन सुरक्षा पर जिलाधिकारी की अहम बैठक सिद्धार्थनगर। जनपद में ड्रोन संचालन को सुरक्षित और नियंत्रित बनाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति 2023 के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। 24 घंटे में थाने पर विवरण दर्ज करना अनिवार्य बैठक में सभी ड्रोन संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने थानों पर जाकर ड्रोन संचालन से संबंधित विवरण दर्ज कराएं। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, सरकारी पहचान पत्र, पायलट पंजीकरण संख्या, ड्रोन का यूनिक आईडी, निर्माण विवरण, संचालन क्षेत्र और उद्देश्य शामिल होगा। थाना प्रभारी बनाएंगे रजिस्टर जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय ड्रोन संचालकों की सूची तैयार करें और रजिस्टर बनाकर उसमें सभी विवरण दर्ज करें। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी आसान होगी। नियम तोड़ने पर होगी एफआईआर प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई ड्रोन संचालक तय समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराता तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी ड्रोन संचालक की होगी। अफवाहों से बचें, संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रोन संबंधी अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी या उप जिलाधिकारी को अवगत कराएं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हर शिकायत की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।
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उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 20 से 40 हजार तक वेतन।

उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए UP Outsourcing Reforms के तहत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का फैसला किया है। यह कंपनी पारदर्शी और नॉन-प्रॉफिट आधार पर काम करेगी। नए नियमों के तहत कर्मचारियों को सीधे बैंक खाते में 20,000 से 40,000 रुपये तक पारिश्रमिक मिलेगा और पीएफ-ईएसआई की गारंटी रहेगी। चयन लिखित परीक्षा व साक्षात्कार से होगा। आरक्षण व सामाजिक सुरक्षा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लाखों outsourcing employees को लाभ मिलेगा और बिचौलिया संस्कृति पर रोक लगेगी। यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा सुधार उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आउटसोर्सिंग भर्तियों में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड बनाने का निर्णय लिया है। यह संस्था कम्पनीज एक्ट-2013 की धारा 8 के अंतर्गत नॉन-प्रॉफिट पब्लिक लिमिटेड कंपनी होगी। इस फैसले को प्रदेश के लाखों outsourcing employees के हित में एक बड़ा सुधार (UP Outsourcing Reforms) माना जा रहा है। अब कैसे होगी नई भर्ती व्यवस्था निगम के जरिए विभाग अब सीधे एजेंसियों का चयन नहीं करेंगे। एजेंसियां GEM पोर्टल से पारदर्शी प्रक्रिया में चुनी जाएंगी। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा। वेतन हर माह 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में आएगा। पीएफ और ईएसआई का अंशदान भी सीधे जमा होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। श्रेणीवार पारिश्रमिक का निर्धारण नई व्यवस्था में चार श्रेणियों के अनुसार न्यूनतम मानदेय तय किया गया है— श्रेणी 1: डॉक्टर, इंजीनियर, लेक्चरर जैसे पद – न्यूनतम 40,000 रुपये। श्रेणी 2: सीनियर असिस्टेंट, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, जेई आदि – न्यूनतम 25,000 रुपये। श्रेणी 3: जूनियर असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, तकनीकी स्टाफ – न्यूनतम 22,000 रुपये। श्रेणी 4: चपरासी, चौकीदार, माली, कुक, तकनीकी सहायक आदि – न्यूनतम 20,000 रुपये। सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण की गारंटी सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नई व्यवस्था में संवैधानिक आरक्षण का पूरा पालन होगा। एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार अवसर दिए जाएंगे। कर्मचारियों को प्रशिक्षण, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक मृत्यु पर 15,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता भी मिलेगी। युवाओं के लिए नया अवसर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सरकार का दावा है कि इन UP Outsourcing Reforms से रोजगार व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

डुमरियागंज: अवध फैमिली रेस्टोरेंट में खाने से जुड़ी शिकायत पर खाद्य विभाग ने की छापेमारी
सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज: अवध फैमिली रेस्टोरेंट में खाने से जुड़ी शिकायत पर खाद्य विभाग ने की छापेमारी

सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित अवध फैमिली रेस्टोरेंट में परोसे गए खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज हुई कि भोजन में कीड़े पाए गए। शिकायत को गंभीर मानते हुए मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान काजू, अजीनोमोटो, मिर्च पाउडर और ग्रेवी का सैंपल लिया गया। कार्रवाई में सहायक आयुक्त खाद्य अधिकारी आर.एल. यादव सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने किचन की साफ-सफाई देखी और ग्राहकों से बातचीत की। नमूने जांच को भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। डुमरियागंज: अवध फैमिली रेस्टोरेंट में खाने की गुणवत्ता पर सवाल सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित अवध फैमिली रेस्टोरेंट पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत में कहा गया कि रेस्टोरेंट के खाने में कीड़े पाए गए, जिसके बाद खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। खाद्य विभाग की टीम ने की छापेमारी शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। इस दौरान काजू, अजीनोमोटो, मिर्च पाउडर और ग्रेवी का सैंपल लिया गया। कार्रवाई में सहायक आयुक्त खाद्य अधिकारी आर.एल. यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय प्रकाश, रंजन कुमार श्रीवास्तव, हीरालाल और नीरज कुमार चौधरी शामिल रहे। किचन की साफ-सफाई पर निर्देश टीम ने रेस्टोरेंट के किचन की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और ग्राहकों से भी बातचीत की। अधिकारियों ने संचालक को साफ-सफाई व खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई खाद्य विभाग ने सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी या मिलावट की पुष्टि होती है, तो संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर में 7 जोड़ों का हुआ सुलह, परिवार बिखरने से बचे
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में 7 जोड़ों का हुआ सुलह, परिवार बिखरने से बचे

सिद्धार्थनगर में परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम के तहत 1 सितंबर को महिला थाना परिसर में सुलह-संधि बैठक हुई। इसमें 10 पारिवारिक विवादों की पत्रावलियां विचारार्थ आईं। परामर्श के बाद 7 मामलों का सफल निस्तारण किया गया, जिससे संबंधित परिवार बिखरने से बच गए, जबकि 3 मामलों पर वार्ता जारी है। इस पहल में प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय और परामर्श टीम के उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला, महिला हेड कांस्टेबल सत्या त्रिपाठी, महिला आरक्षी नेहा सिंह, संगीता गौतम, प्रियंबदा सिंह और शिवानी सिंह का विशेष योगदान रहा। सिद्धार्थनगर में 7 परिवार टूटने से बचे, परिवार परामर्श केंद्र की पहल सफल सिद्धार्थनगर जिले में परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम के तहत आयोजित सत्र ने कई बिखरते परिवारों को जोड़ने का कार्य किया। यह बैठक 1 सितंबर 2025 को महिला थाना परिसर में हुई, जहां 10 पत्रावली परामर्श हेतु प्रस्तुत की गईं। 7 मामलों का निस्तारण, 3 पर वार्ता जारी परामर्श के बाद 7 मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर लिया गया। इन परिवारों में पति-पत्नी के बीच बढ़ते मतभेद को बातचीत और समझदारी से दूर किया गया। वहीं 3 पत्रावलियों पर अभी भी वार्ता जारी है। परामर्श टीम का योगदान इस प्रक्रिया में प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने नेतृत्व किया। उनके साथ उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला, महिला हेड कांस्टेबल सत्या त्रिपाठी, महिला आरक्षी नेहा सिंह, संगीता गौतम, प्रियंबदा सिंह और शिवानी सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाभान्वित परिवारों का विवरण निस्तारित मामलों में मेठवा (थाना शोहरतगढ़), डोमानरा (थाना त्रिलोकपुर), दलदला (थाना खेसरहा), परसा, मधवापुर (थाना मिश्रौलिया), लमतिहवा और गुलराजपुर (थाना चिल्हिया) के परिवार शामिल रहे। पहल का महत्व ‘नई किरण’ कार्यक्रम टूटते परिवारों को संवाद और सुलह के माध्यम से बचाने की कोशिश करता है। इस प्रयास से न केवल पति-पत्नी के रिश्तों में सुधार हुआ, बल्कि बच्चों और समाज पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

सिद्धार्थनगर में बड़ी वारदात चोरों ने परिवार को कैद कर लाखों की नकदी-जेवर उड़ाए
सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर में बड़ी वारदात चोरों ने परिवार को कैद कर लाखों की नकदी-जेवर उड़ाए

सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के दुधवनियां बुजुर्ग गांव में शनिवार रात चोरों ने दो सगे भाइयों के घर पर धावा बोला। चोरों ने चैनल गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया और निचली मंजिल पर सो रहे परिवार के सदस्यों को बाहर से बंद कर कैद कर दिया। इसके बाद दूसरी मंजिल के कमरों की अलमारियां और बॉक्स तोड़कर करीब दो लाख रुपये के आभूषण व एक लाख 22 हजार नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह ग्रामीणों की मदद से दरवाजा खोला गया तो घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके पर जांच कर शीघ्र खुलासे का आश्वासन दिया। ढेबरुआ क्षेत्र में चोरी, परिवार कैद कर लाखों की नकदी-जेवर ले उड़े चोर सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के दुधवनियां बुजुर्ग गांव में शनिवार रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। घटना में चोरों ने दो सगे भाइयों के घर में घुसकर नकदी और जेवरात चोरी कर लिए, जबकि निचली मंजिल पर सो रहे परिवार को बाहर से बंद कर दिया गया। चैनल गेट तोड़कर घर में घुसे बदमाश सूत्रों के अनुसार, चोरों ने मकान के पीछे का चैनल गेट मोड़कर प्रवेश किया। इसके बाद दूसरी मंजिल पर रखी अलमारियों व बक्सों को तोड़कर करीब दो लाख रुपये मूल्य के आभूषण और एक लाख 22 हजार रुपये नकदी चोरी कर ली। घटना के समय दोनों भाई—अजहर आलम और मजहर आलम—कमरों में सो रहे थे। सुबह खुला राज, गांव में दहशत सुबह जब भाइयों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह बाहर से बंद मिला। ग्रामीणों की मदद से दरवाजे खोले गए तो चोरी का पता चला। वारदात की जानकारी मिलते ही गांव में दहशत और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि रात में पुलिस गश्त नाकाफी है, तभी ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। पुलिस की कार्रवाई सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। थानाध्यक्ष गौरव सिंह ने बताया कि चोरी की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

प्रेम प्रसंग को लेकर पिता की हत्या करने वाला आरोपी हुआ गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर

प्रेम प्रसंग को लेकर पिता की हत्या करने वाला आरोपी हुआ गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर जनपद के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में 23 अगस्त को हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी व ₹30,000 इनामी मुकेश निषाद को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने प्रेम संबंधों को लेकर गणेश निषाद के परिवार पर चाकू व तमंचे से हमला किया था, जिसमें पिता की मौत हो गई और मां-बेटी घायल हुई थीं। घटना के बाद आरोपी फरार था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार की रात नौडिहवा जंगल तिराहे पर पुलिस ने घेराबंदी की। फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया। बरामदगी में तमंचा, कारतूस, चाकू, बाइक व नकदी मिली। सिद्धार्थनगर पुलिस ने हत्याकांड के इनामी आरोपी को मुठभेड़ में दबोचा सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में 23 अगस्त को हुए सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी मुकेश निषाद पर पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र ने ₹30,000 का इनाम घोषित किया था। घटना का पृष्ठभूमि ग्राम नागचौरी निवासी गणेश निषाद ने थाना मिश्रौलिया में तहरीर दी थी कि आरोपी मुकेश निषाद ने उसकी बहन से प्रेम संबंधों को लेकर विवाद में धारदार हथियार और कट्टे से हमला किया। इस हमले में गणेश के पिता रामकला निषाद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां और बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी 30/31 अगस्त की रात एसओजी और थाना मिश्रौलिया पुलिस की संयुक्त टीम ने नौडिहवा जंगल तिराहे पर चेकिंग की। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बरामदगी व आपराधिक इतिहास गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी से एक तमंचा 315 बोर, कारतूस, दो चाकू, चोरी की मोटरसाइकिल, नकदी व रेलवे टिकट बरामद किया। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उस पर पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम को मिला पुरस्कार इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन ने एसओजी व थाना मिश्रौलिया टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया। फिलहाल आरोपी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मरीज को परेशानी न हो, दवा जरूर मिले : डॉ. राजा गणपति आर
सिद्धार्थनगर

मरीज को परेशानी न हो, दवा जरूर मिले : डॉ. राजा गणपति आर

सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा ब्लॉक में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने रविवार को कठमोरवा और घोसियारी बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर की जांच कर मरीजों के मोबाइल नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को मरीजों का सही इलाज सुनिश्चित करने और उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही दवाओं की सूची केंद्र पर चस्पा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, डॉ. संजय गुप्ता सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी ने जन आरोग्य मेले का किया निरीक्षण सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा ब्लॉक अंतर्गत कठमोरवा और घोसियारी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने किया। मरीजों के इलाज और रजिस्टर पर जोर निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी रजिस्टर देखा और मरीजों के मोबाइल नंबर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इलाज के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और डॉक्टर जिम्मेदारी से कार्य करें। दवाओं की उपलब्धता की जांच डॉ. गणपति आर ने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली और निर्देश दिया कि आवश्यक दवाएं हर मरीज को समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही दवाओं की सूची अस्पताल परिसर में सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा। प्रशासनिक टीम भी रही मौजूद निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, डॉ. संजय गुप्ता, फार्मासिस्ट सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।इस निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित जन आरोग्य मेले की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

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सिद्धार्थनगर

11 छोटे रकबे वाले किसानों के नाम पर 387 बोरी यूरिया वितरण घोटाला,FIR दर्ज

सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र के कलनाखोर चौराहे पर स्थित विश्वनाथ खाद भंडार के संचालक विश्वनाथ पुत्र शिवपूजन पर यूरिया वितरण में धांधली का आरोप लगा है। जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जांच में खुलासा हुआ कि भूमिहीन व छोटे रकबे वाले 11 किसानों के नाम पर 387 बोरी यूरिया फर्जी तरीके से दिखाकर वितरण कर दिया गया, जबकि किसानों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। इस खेल से किसानों में आक्रोश है। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रतीकात्मक तस्वीर खेसरहा में यूरिया वितरण घोटाला उजागर सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र में यूरिया वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कलनाखोर चौराहे पर स्थित विश्वनाथ खाद भंडार के संचालक विश्वनाथ पुत्र शिवपूजन पर भूमिहीन और छोटे किसानों के नाम पर 387 बोरी यूरिया का फर्जी वितरण करने का आरोप है। जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल ने 22 अगस्त को दुकान का निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि बेहद छोटे रकबे वाले 11 किसानों के नाम पर दर्जनों बोरी यूरिया का फर्जी वितरण दिखाया गया। जब संबंधित किसानों से पूछताछ हुई तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें कभी यूरिया मिला ही नहीं। इसके बाद कृषि अधिकारी ने खेसरहा थाने में तहरीर दी। किसानों में आक्रोश, लंबी लाइनों से बढ़ी परेशानी इस घोटाले से किसानों में भारी आक्रोश है। धान की बुआई से लेकर खेतों में यूरिया की जरूरत सबसे अधिक है, लेकिन किसान घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं पा रहे हैं। हालात यह हैं कि तीज जैसे व्रत पर भी महिलाएं सुबह से शाम तक लाइन में खड़ी रहीं, फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल सका। पुलिस जांच जारी, दोषियों पर कार्रवाई होगी खेसरहा थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर दुकानदार विश्वनाथ पुत्र शिवपूजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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