चौखड़ा में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन

डुमरियागंज के चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन

सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के चौखड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बनाते हुए कथा वाचन का क्रम पूरे उत्साह के साथ जारी है।

चौखड़ा में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन

कथावाचक प्रेम शरण महाराज ने सुनाईं श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं

कथा वाचक प्रेम शरण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। नंदगांव और वृंदावन की कथाओं में पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग चंचल लीलाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कंस वध से धर्म की स्थापना का संदेश

महाराज ने कंस वध की कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। इस प्रसंग को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से जयकारे लगाए।

कलियुग में नाम स्मरण का महत्व

कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही मनुष्य को भवसागर से पार कराने का सबसे सरल मार्ग है। यह संदेश आज के समय में जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला है।

मुख्य यजमान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य यजमान कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल जी सिंह, हरि सिंह, अरुण कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकता का प्रभाव

श्रीमद्भागवत कथा से चौखड़ा और आसपास के गांवों में भक्ति का माहौल बना है। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आपसी एकता को बढ़ावा मिलता है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Scroll to Top