यूपी पुलिस को मिला यक्ष ऐप, अपराध पर तकनीक से होगा कड़ा प्रहार

लखनऊ में शनिवार को हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन से उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग को नई तकनीकी ताकत मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्याधुनिक यक्ष ऐप का शुभारंभ किया। एआई और बिग डेटा पर आधारित यह प्लेटफॉर्म अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और बीट पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखता है। ऐप के जरिए माफिया, हिस्ट्रीशीटर और गैंग नेटवर्क की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी। संवेदनशील इलाकों का डेटा, रियल टाइम अलर्ट और फेस रिकग्निशन जैसे फीचर फील्ड में तैनात पुलिस को पहले से सतर्क करेंगे। सरकार का दावा है कि इससे रिस्पॉन्स टाइम घटेगा और व्यवस्था मजबूत होगी।

यूपी पुलिस को मिला यक्ष ऐप, अपराध पर तकनीक से होगा कड़ा प्रहार

लखनऊ से नई शुरुआत: पुलिसिंग को मिला डिजिटल हथियार

उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था ने शनिवार को एक बड़ा तकनीकी कदम आगे बढ़ाया। लखनऊ में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यक्ष (YAKSH) ऐप’ का औपचारिक शुभारंभ किया। एआई और बिग डेटा पर आधारित यह प्लेटफॉर्म अपराध नियंत्रण को तेज, सटीक और समन्वित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

क्या है यक्ष ऐप और क्यों है अहम

यक्ष ऐप को पुलिस के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां माफिया, हिस्ट्रीशीटर, गैंग और संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां एक क्लिक में उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इसे अपराधियों के खिलाफ “निरंतर तैयारी का डिजिटल हथियार” बताते हुए कहा कि यह पुलिस के काम करने के तरीके को नई दिशा देगा।

संवेदनशील इलाकों पर रहेगी पहले से नजर

ऐप में प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों का डेटा पहले से फीड किया गया है। ऐसे इलाके जहां पत्थरबाजी, सामूहिक हिंसा या अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका रहती है, वहां से जुड़े अलर्ट पुलिस तक तुरंत पहुंचेंगे। इससे मौके पर तैनाती और कार्रवाई पहले से संभव हो सकेगी।

AI फीचर्स से तेज और सटीक कार्रवाई

यक्ष ऐप में रियल टाइम अलर्ट, AI आधारित फेस रिकग्निशन, वॉइस सर्च, CrimeGPT और गैंग एनालिसिस जैसे फीचर्स शामिल हैं। इनकी मदद से किसी संदिग्ध की पहचान, उसके नेटवर्क और गतिविधियों का त्वरित विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे फील्ड में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।

बीट पुलिसिंग को मिलेगा नया आधार

सम्मेलन में डिजिटल बीट-बुक और यक्ष ऐप के उपयोग पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इसमें बताया गया कि कैसे यह प्लेटफॉर्म बीट कर्मियों के दैनिक काम को सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा। जमीनी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों को अब सूचनाओं के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि यक्ष ऐप से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और अपराध पर निगरानी मजबूत बनेगी। तेज सूचना और विश्लेषण के जरिए घटनास्थल तक पहुंच और कार्रवाई में देरी घटेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ेगा।

जनता के लिए क्या बदलेगा

इस तकनीकी पहल का मकसद सिर्फ पुलिसिंग को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना है। बेहतर निगरानी और तेज कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा और भरोसा मजबूत होगा कि पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

आगे क्या

सरकार का संकेत है कि आने वाले समय में यक्ष ऐप को और मॉड्यूल्स से जोड़ा जाएगा, ताकि डेटा अपडेट, ट्रेनिंग और इंटर-डिपार्टमेंट समन्वय भी इसी प्लेटफॉर्म पर हो सके। यह पहल प्रदेश में स्मार्ट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पुलिसिंग की दिशा में नई आधारशिला मानी जा रही है।

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