डुमरियागंज में युवक डूबा, भाई की बहादुरी से बची जान
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित गुरुगोरक्षनाथ तलैया में शनिवार को बड़ा हादसा टल गया। मोहम्मदनगर बहराइच निवासी मनोज गौतम जलकुंभी निकालते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे, लेकिन उनके भाई राजेश गौतम ने साहस दिखाकर बचा लिया। यहां 117.7 लाख की लागत से पर्यटन विकास कार्य चल रहा है, जिसमें मजदूरों को प्रतिदिन 500–1000 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद मजदूरों के लिए सुरक्षा इंतज़ाम नहीं हैं। ईओ सचिन चौधरी ने कहा कि ठेकेदार पर कार्यवाही की जाएगी।

सिद्धार्थनगर: गुरुगोरक्षनाथ तलैया हादसा टला, भाई ने बचाई युवक की जान
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुगोरक्षनाथ तलैया में शनिवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। मोहम्मदनगर, बहराइच निवासी मनोज गौतम अपने रिश्तेदारों के घर साहियापुर आए थे। इसी दौरान वह तलैया में जलकुंभी निकालते समय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद उनके भाई राजेश गौतम ने तुरंत पानी में कूदकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
118 लाख की लागत से चल रहा पर्यटन विकास कार्य
इस तलैया में 117.7 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लिमिटेड है। उद्देश्य है कि यहां पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनें।
मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
वर्तमान में तलैया की सफाई और जलकुंभी निकालने का कार्य दर्जनों मजदूरों द्वारा किया जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 500 से 1000 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यहां ना तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं, ना रेस्क्यू बोट और ना ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधा। मजदूरों की जान हर समय खतरे में बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गी
स्थानीय निवासी संगम, अतुल, अभिनव, संगीता सहित कई लोगों ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन मजदूरों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा साधन उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रशासन की सफाई और चेतावनी
ईओ नगर पंचायत डुमरियागंज सचिन चौधरी ने बताया कि तलैया की सफाई का कार्य ठेकेदार को दिया गया है। यदि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।


