सिद्धार्थनगर में ड्रोन संचालकों पर कड़ा फरमान, देर करने पर होगी एफआईआर
जनपद सिद्धार्थनगर में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ड्रोन सुरक्षा पर बैठक हुई। उत्तर प्रदेश ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति 2023 के तहत सभी ड्रोन संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे 24 घंटे के भीतर अपने थाने पर जाकर संचालन संबंधी विवरण दर्ज कराएं। थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वे सभी संचालकों की जानकारी रजिस्टर में अंकित करें। समय सीमा में जानकारी न देने पर एफआईआर दर्ज होगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस व अधिकारियों को दें।

तस्वीर प्रतीकात्मक है
सिद्धार्थनगर में ड्रोन सुरक्षा पर जिलाधिकारी की अहम बैठक
सिद्धार्थनगर। जनपद में ड्रोन संचालन को सुरक्षित और नियंत्रित बनाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति 2023 के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई।
24 घंटे में थाने पर विवरण दर्ज करना अनिवार्य
बैठक में सभी ड्रोन संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने थानों पर जाकर ड्रोन संचालन से संबंधित विवरण दर्ज कराएं। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, सरकारी पहचान पत्र, पायलट पंजीकरण संख्या, ड्रोन का यूनिक आईडी, निर्माण विवरण, संचालन क्षेत्र और उद्देश्य शामिल होगा।
थाना प्रभारी बनाएंगे रजिस्टर
जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय ड्रोन संचालकों की सूची तैयार करें और रजिस्टर बनाकर उसमें सभी विवरण दर्ज करें। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी आसान होगी।
नियम तोड़ने पर होगी एफआईआर
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई ड्रोन संचालक तय समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराता तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी ड्रोन संचालक की होगी।
अफवाहों से बचें, संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रोन संबंधी अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी या उप जिलाधिकारी को अवगत कराएं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हर शिकायत की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


