सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर चुनौती
लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। गीतांजलि का कहना है कि अभी तक उन्हें हिरासत आदेश की प्रति नहीं दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के बाद से उनका पति से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। वांगचुक को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जल्द हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची सोनम वांगचुक की पत्नी
लद्दाख में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के बाद शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। अब उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
याचिका में क्या कहा गया?
गीतांजलि आंगमो ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का कोई वैध आधार नहीं है और अब तक उन्हें हिरासत आदेश की प्रति नहीं दी गई है, जो कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि वांगचुक से संपर्क न हो पाना गंभीर चिंता का विषय है।
NSA पर सवाल
गीतांजलि ने वांगचुक पर NSA लगाने को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि वांगचुक ने कभी हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया, बल्कि झड़पों के दौरान उन्होंने उपवास तोड़कर हिंसा रोकने की अपील की थी। मृतक परिवारों ने भी कहा कि इन घटनाओं में वांगचुक की कोई गलती नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट दशहरा अवकाश के बाद 6 अक्टूबर को इस मामले पर तत्काल सुनवाई कर सकता है। वांगचुक एक रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जो लद्दाख में शिक्षा और सामाजिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं।


