जिलाधिकारी ने तीन वर्ष पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए दिया निर्देश
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में राजस्व वाद और वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव व ज्ञान प्रकाश सहित सभी उपजिलाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने निर्देश दिया कि तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों का प्रतिदिन सुनवाई कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। वरासत, अंश निर्धारण व बंटवारा के सभी प्रकरण समय सीमा में निपटें। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पत्थर लगवाएं। राजस्व वसूली लक्ष्य पूर्ण करें। साथ ही खाद दुकानों के निरीक्षण और आईजीआरएस प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक, राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
सिद्धार्थनगर। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में राजस्व वाद एवं वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, तथा सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों का निस्तारण अनिवार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धारा 116 व अन्य धाराओं के अंतर्गत तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्रतिदिन सुनवाई कर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तहसील में लंबित प्रकरणों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्विवाद वरासत के मामलों का भी समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
राजस्व वसूली और अतिक्रमण पर सख्ती
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य को पूर्ण करें तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पत्थर लगवाएं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सभी उपजिलाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कार्यों की समीक्षा बैठक करें।
खाद दुकानों का निरीक्षण और आईजीआरएस प्रकरणों पर ध्यान
डॉ. राजागणपति ने सभी अधिकारियों को खाद दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आईजीआरएस (जनशिकायत पोर्टल) पर आने वाले प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
प्रशासनिक दक्षता पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता ही सुशासन की पहचान है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतों का समाधान समय पर और निष्पक्ष रूप से हो।


