डुमरियागंज और इटवा तहसील को बाढ़ से राहत दिलाएंगे नए बांध
सिद्धार्थनगर जिले में सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के प्रयास से छगड़िहवां-सोनबरसा व भोजपुर-शाहपुर बांध निर्माण को बड़ी सफलता मिली है। छगड़िहवां-सोनबरसा बांध में 15.100 किमी लंबाई में गैप है, जिसमें से 9.200 किमी क्षेत्र के कृषकों से सहमति हो चुकी है। शेष गांवों पर प्रक्रिया चल रही है। वहीं भोजपुर-शाहपुर बांध में 8.200 किमी गैप में से 3 किमी हिस्से पर 60% भूमि रजिस्ट्री पूर्ण हो गई है और दो माह में कार्य शुरू होगा। इन बांधों के निर्माण से इटवा व डुमरियागंज तहसील के कई गांवों को बाढ़ से राहत मिलेगी।

सिद्धार्थनगर में बांध निर्माण को मिली गति
सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अथक प्रयासों से जिले के दो महत्वपूर्ण बांध—छगड़िहवां-सोनबरसा और भोजपुर-शाहपुर—के निर्माण कार्य में तेजी आई है। दोनों परियोजनाओं की प्रगति ग्रामीणों की सहमति और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर आधारित है।
छगड़िहवां-सोनबरसा बांध परियोजना
इस बांध में कुल 15.100 किमी लंबाई में गैप मौजूद था। इसमें से 9.200 किमी हिस्से पर कृषकों की सहमति प्राप्त कर ली गई है। शेष 5.900 किमी क्षेत्र, जिसमें परसा बुजुर्ग, जिगना माफी, पकड़ी, पाली, मूसा और सकतपुर जैसे गांव शामिल हैं, वहां सहमति प्रक्रिया चल रही है। सहायक अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि आगामी मुख्य अभियंता समिति में यह परियोजना प्रस्तुत की जाएगी।
भोजपुर-शाहपुर बांध की स्थिति
भोजपुर-शाहपुर बांध में 8.200 किमी लंबे गैप में से 3.00 किमी क्षेत्र के कृषकों से 60% भूमि रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। भरवटियां मुहस्तकम और भरवटिया एहतमाली गांवों से शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सहायक अभियंता अमित कुमार मल्ल ने बताया कि अगले दो महीनों में इस हिस्से में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। अन्य गांवों—बेवमुहस्तकम, वीरपुर मुहस्तकम, मछिर्या मुहस्तकम और फत्तेपुर—में भी सहमति और रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रगति पर है।
बाढ़ से राहत की उम्मीद
दोनों बांधों के निर्माण के बाद इटवा और डुमरियागंज तहसील के कई गांवों को हर साल आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना किसानों की खेती और स्थानीय आबादी की सुरक्षा के लिए नई उपलब्धि साबित होगी।


