डुमरियागंज राप्ती नदी तट पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व
डुमरियागंज में छठ महापर्व की भव्यता सोमवार को राप्ती नदी तट पर देखने को मिली। दोपहर बाद से ही व्रती महिलाएं सूप और फल लेकर गीत गाती हुई घाट की ओर रवाना हुईं। शाम चार बजे तक छठ स्थल श्रद्धालुओं से भर गया। महिलाओं ने सूर्यास्त के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। नगर पंचायत ने घाट को दुलहन की तरह सजाया था, रोशनी, गोताखोर और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था रही। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

डुमरियागंज में राप्ती नदी तट पर छठ महापर्व का भव्य आयोजन
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। लोक आस्था के महान पर्व छठ का आयोजन सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ राप्ती नदी तट पर किया गया। दोपहर बाद से ही व्रती महिलाएं सूप और फल लेकर छठ गीत गाती हुई घाट की ओर रवाना हुईं। महिलाओं के साथ परिवार के सदस्य भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
सूर्यास्त के समय दिया गया पहला अर्घ्य
शाम चार बजे तक छठ स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। महिलाओं ने वेदी पर पूजा-अर्चना करने के बाद सूर्यास्त के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि, धन-धान्य तथा जनकल्याण की कामना की। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नगर पंचायत ने राप्ती नदी के तट को दुलहन की तरह सजाया
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत डुमरियागंज ने घाट पर विशेष व्यवस्था की थी। पूरे छठ स्थल को दुलहन की तरह सजाया गया था। विशाल पांडाल, पर्याप्त रोशनी, दिशानिर्देश बोर्ड, गोताखोर और पुलिस बल की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। राप्ती पुल के पहले बड़े वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी ताकि यातायात सुचारु रहे।

जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
कार्यक्रम के दौरान डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा, एसडीएम राजेश कुमार और ईओ सचिन कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
मंगलवार सुबह उगते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए हैं। राप्ती नदी का यह घाट इन दिनों छठ की आस्था और लोक संस्कृति का प्रतीक बन गया है।


