बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा को लेकर आप नेताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन डुमरियागंज तहसील मुख्यालय, उत्तर प्रदेश में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ़ और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
नेताओं ने मंदिरों पर हमलों और जबरन पलायन का मुद्दा उठाया। केंद्र सरकार से कूटनीतिक व व्यापारिक संबंध समाप्त करने और बिजली आपूर्ति रोकने की मांग रखी गई।

डुमरियागंज में आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध हो रही हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी ने डुमरियागंज तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
प्रांतीय अध्यक्ष इमरान लतीफ़ का बयान
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ़ ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले, महिलाओं और बच्चों के साथ अमानवीय अत्याचार और भय के माहौल में जबरन पलायन की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
केंद्र सरकार की नीतियों पर उठे सवाल
इमरान लतीफ़ ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापार, बिजली आपूर्ति और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि पड़ोसी देश में हिंदू समुदाय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने इसे मानवीय मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताया।
कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों पर मांग
प्रान्त महासचिव रजत चौरसिया ने मांग की कि बांग्लादेश से सभी कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध समाप्त किए जाएं। जिला प्रभारी अनुज पाठक ने कहा कि ऐसे देश को भारत की बिजली आपूर्ति नहीं की जानी चाहिए जहां खुलेआम हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा हो।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
जिला अध्यक्ष जलाल अहमद ने कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में दिए जा रहे संरक्षण के प्रभावों पर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
प्रदर्शन में मौजूद लोग
प्रदर्शन में कृष्णगोपाल चौधरी, इमरान खान, नोमान उस्मानी, शिव कुमार, अजय यादव, डॉ आमिर क़ाज़ी, मो आलम, पप्पू शेख, बब्लू मलिक और साजिद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


