डुमरियागंज में हुआ भव्य हिन्दू सम्मेलन, जातिगत भेदभाव खत्म कर संगठित होने का दिया गया संदेश

डुमरियागंज में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन, RSS क्षेत्र प्रचारक अनिल रहे मुख्य अतिथि

सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में मंगलवार को हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

डुमरियागंज में हुआ भव्य हिन्दू सम्मेलन, जातिगत भेदभाव खत्म कर संगठित होने का दिया गया संदेश

स्मृति चिन्ह भेंट कर हुआ सम्मान

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रहरि ने मुख्य अतिथि अनिल को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हुआ।

संघ शताब्दी और ऐतिहासिक अवसरों पर हो रहे आयोजन

अपने संबोधन में अनिल ने कहा कि आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने, गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में प्रांत, ब्लॉक और गांव स्तर पर लगभग एक लाख स्थानों पर ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।

सामाजिक एकता और भेदभाव खत्म करने का आह्वान

उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म विश्व कल्याण और सद्मार्ग का संदेश देता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज में जाति के आधार पर बढ़े विभाजन पर चिंता जताई और छुआछूत व विषमता समाप्त कर संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

संतों ने भी दिया हिन्दू मूल्यों का संदेश

सम्मेलन में आलोक शास्त्री महाराज और बलराम दास शास्त्री ने भी विचार रखते हुए कहा कि आचरण में हिन्दू मूल्यों को अपनाकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम का संचालन अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, अभिषेक पाल, सच्चिदानंद पांडेय, अजय पांडेय, मधुसूदन अग्रहरि, धर्मराज वर्मा, चंदू चौधरी, राम कुमार उर्फ चिंकू यादव, आनंद सिंह, राजू श्रीवास्तव, कमलेश चौरसिया, मीरा दुबे, राजेश द्विवेदी, शशि प्रकाश अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

स्थानीय स्तर पर सामाजिक संदेश का असर

हिन्दू सम्मेलन से क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजकों ने इसे समाज को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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