ट्रंप के 500% टैरिफ संकेत से हिला भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में तेज़ गिरावट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फ़ीसदी तक टैरिफ लगाने वाले प्रस्तावित कानून को समर्थन दे दिया है। यह घटनाक्रम बुधवार को अमेरिका में सामने आया, जिसमें व्हाइट हाउस की भूमिका निर्णायक बताई जा रही है। इस कदम का सीधा असर भारत, चीन और ब्राज़ील जैसे देशों पर पड़ सकता है।

इसी घटनाक्रम के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेज़ गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर चिंता बढ़ी है और बाजार में बिकवाली का दबाव साफ़ दिखाई दे रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ

रूस प्रतिबंध बिल को ट्रंप का समर्थन, भारत समेत कई देशों पर असर की आशंका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्तावित कानून को समर्थन दे दिया है। इस कानून के तहत रूसी तेल की खरीद या दोबारा बिक्री करने वाले देशों पर 500 फ़ीसदी तक टैरिफ लगाए जाने का प्रस्ताव है।

सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बयान

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,”आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विभिन्न मुद्दों पर हुई एक बहुत ही सार्थक बैठक के बाद, उन्होंने रूस प्रतिबंध विधेयक को हरी झंडी दे दी. इस पर मैं सीनेटर ब्लूमेंथल और कई अन्य लोगों के साथ महीनों से काम कर रहा था,उन्होंने आगे कहा,”यह बिल ऐसे समय में आ रहा है जब यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है लेकिन पुतिन सिर्फ़ बातें कर रहे हैं और निर्दोषों को मारना जारी रखे हुए हैं.”

500% टैरिफ का प्रस्ताव और अंतरराष्ट्रीय दबाव

ग्राहम के अनुसार,”यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को दंडित करने की अनुमति देगा, जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं और पुतिन की ‘वॉर मशीन’ को बढ़ावा देते हैं.”उन्होंने यह भी कहा,”यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को चीन, भारत और ब्राज़ील जैसे देशों के ख़िलाफ़ जबरदस्त दबाव बनाने की शक्ति देगा ताकि उन्हें सस्ते रूसी तेल की खरीद बंद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.”

सीनेट में व्यापक समर्थन

सीनेटर लिंडसे ग्राहम और सीनेटर ब्लूमेंथल द्वारा पेश किए गए 2025 का रूस प्रतिबंध अधिनियम को सीनेट की विदेश संबंध समिति के लगभग सभी सदस्यों का समर्थन मिला है। ग्राहम को उम्मीद है कि इस विधेयक पर अगले सप्ताह मतदान हो सकता है।

भारतीय शेयर बाजार पर तत्काल असर

इसी वैश्विक घटनाक्रम के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी दबाव देखा गया। गुरुवार को सेंसेक्स लगभग 200 अंक की गिरावट के साथ खुला और दोपहर 3:15 बजे तक करीब 750 अंक टूटकर 84,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी 260 अंक से अधिक गिरकर 25,900 के नीचे फिसल गया।

किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

तेल और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। हिंडाल्को के शेयर 3.77 फ़ीसदी, ONGC के शेयर 3.12 फ़ीसदी और जियो फाइनेंस के शेयर करीब 3 फ़ीसदी तक टूटे।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक संकेत

बाजार पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली का भी असर दिखा है। जनवरी की शुरुआत में ही विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इसके अलावा जापान के Nikkei 225, हांगकांग के Hang Seng और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी ने भी भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।

आगे क्या?

हालांकि आने वाले दिनों में भारतीय कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे आने शुरू होंगे, जिससे बाजार की दिशा में बदलाव देखा जा सकता है। फिलहाल अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ कानून और वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

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