चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा: कृष्ण-सुदामा की मित्रता के प्रसंग ने भक्तों को किया भावुक
चौखड़ा गांव में चल रही कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील अंतर्गत चौखड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार की रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का वाचन कर रहे प्रसिद्ध कथावाचक प्रेम शरण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के चरित्र का मार्मिक वर्णन किया।

कृष्ण-सुदामा प्रसंग से मिली सच्ची मित्रता की सीख
प्रेम शरण शास्त्री ने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारिका में अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे थे। द्वारपालों द्वारा रोके जाने के बाद जब प्रभु को सुदामा के आने का पता चला, तो वे स्वयं दौड़कर द्वार पर पहुंचे और मित्र को गले लगा लिया। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्ची मित्रता में पद, वैभव और भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता।
जीवन जीने की कला और उपदेशों से किया मार्गदर्शन
कथा के अंतिम दिन कथाव्यास ने जीवन के उद्देश्य, मानव जीवन की दुर्लभता और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही सूर्यदेव, सत्राजित मणि, जामवंत युद्ध, आठ विवाह और भौमासुर से 16,100 कन्याओं की मुक्ति जैसे प्रसंगों का भी वर्णन किया।
समाज पर धार्मिक आयोजनों का सकारात्मक प्रभाव
इस तरह के आयोजनों से गांवों में आध्यात्मिक चेतना बढ़ती है और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का अवसर मिलता है। कथा के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
मुख्य यजमानों सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपाल सिंह समेत कई प्रमुख यजमानों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी ने कथा से प्रेरणा लेकर समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।


