Indigo Flight Crisis पर बड़ा कदम, सरकार ने इंडिगो की 5% उड़ानें कम कीं
सरकार ने बढ़ते इंडिगो संकट के बीच एयरलाइन पर कड़ा कदम उठाते हुए उसके दैनिक फ्लाइट शेड्यूल में 5% कटौती कर दी है। यह फैसला Indigo Flight Crisis के कारण लिया गया, क्योंकि एयरलाइन समय पर ऑपरेशन संभाल नहीं पा रही थी। इंडिगो रोजाना लगभग 2300 उड़ानें चलाती है, जिनमें से 115 उड़ानें अब कम होंगी। DGCA ने नया शेड्यूल 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक जमा करने को कहा है। संसद में मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि यात्रियों का रिफंड जारी है और इंडिगो अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। हालात न सुधरे तो कटौती 5% और बढ़ सकती है।

सरकार का सख्त कदम: Indigo Flight Crisis गहराने पर इंडिगो की 5% उड़ानें कम
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर हालिया Indigo Flight Crisis के बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी दैनिक उड़ानों में 5% कटौती का आदेश जारी कर दिया है। DGCA के अनुसार, एयरलाइन अपनी Indigo Flight संचालन क्षमता को समय पर संभाल नहीं पा रही थी, जिसके चलते लगातार उड़ानें रद्द हो रही थीं। इंडिगो रोजाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करती है, जिनमें से अब प्रतिदिन 115 उड़ानें कम होंगी।
Indigo Flight Crisis पर DGCA की कार्रवाई
DGCA ने कहा कि इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक अपना संशोधित शेड्यूल जमा करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, यह तय किया जा रहा है कि किन उड़ानों को रद्द किया जाए ताकि कनेक्टिविटी पर सीमित असर पड़े। यदि इंडिगो समयबद्धता सुनिश्चित नहीं कर पाती है, तो उसके शेड्यूल में और 5% कटौती संभव है।
नवंबर से दिसंबर के बीच Indigo Flight रद्द होने की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ीं और रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ आठ दिनों में लगभग 5,000 उड़ानें कैंसिल हुईं।
FDTL नियम और स्टाफ की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें
1 नवंबर से लागू Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियम के बाद पायलट जरूरत बढ़ गई, लेकिन इंडिगो ने पर्याप्त तैयारी नहीं की। इसके विपरीत एयरलाइन ने सर्दियों के शेड्यूल में 6% उड़ानें बढ़ा दीं। मांग और स्टाफिंग गैप के कारण Indigo Flight रद्द होने की संख्या तेज़ी से बढ़ी और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संसद में सरकार का बयान और यात्रियों को राहत
सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद में कहा कि सरकार स्थिति पर सख्ती से नज़र रख रही है। उन्होंने बताया कि इंडिगो अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है और यात्रियों का रिफंड प्रोसेस लगातार जारी है।
उनके अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
अन्य एयरलाइनों पर क्या असर पड़ा?
जहाँ इंडिगो के शेड्यूल में कटौती हुई है, वहीं DGCA ने स्पष्ट किया कि उसकी कुछ उड़ानें अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइनों को आवंटित की जाएंगी, ताकि रूट कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।
दूसरी ओर, एयर इंडिया, AI एक्सप्रेस और अकासा एयर की सर्दियों की उड़ानें गर्मियों की तुलना में घट गईं, जबकि स्पाइसजेट ने 26% से अधिक उड़ानें बढ़ा ली हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से हालात क्रमशः सामान्य होंगे और यात्रियों को राहत मिलेगी। फिलहाल Indigo Flight Crisis देश के एविएशन सेक्टर में चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।


