सिद्धार्थनगर में ट्रक ने रौंदी लगभग 140 भेड़ें, सांसद ने दी व्यक्तिगत ₹ 50,000 की मदद
सिद्धार्थनगर जिले के भरौली में शुक्रवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर एक भीषण हादसा हुआ, जब एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पार कर रहे लगभग 140 भेड़ों को कुचल दिया। हादसे में लगभग 90 भेड़ों की मौत हो गई और चालक फरार हो गया। ये भेड़ें स्थानीय पशुपालक चिनगुद की थीं। सूचना पर पुलिस पहुंची और ट्रक को कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया। सांसद जगदंबिका पाल रात में मौके पर पहुंचे, पीड़ित परिवार को ₹50,000 की मदद दी और प्रशासन को सहायता के निर्देश दिए।

भरौली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा हादसा, ट्रक की चपेट में आईं 140 भेड़ें, पशुपालक को भारी नुकसान
सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के भरौली में शुक्रवार की रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पार कर रही करीब 140 भेड़ों को कुचल दिया, जिससे लगभग 90 मौके पर ही मौत हो गई। ये भेड़ें स्थानीय पशुपालक चिनगुद की थीं, जिनके परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदी भेड़ें, चालक फरार लेकिन वाहन बरामद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक इतनी तेज गति में था कि चालक भेड़ों का झुंड देखकर भी वाहन नहीं रोक सका और सीधे उन्हें कुचल दिया। हादसे में पास से गुजर रहा एक मैजिक वाहन भी चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही ढेबरुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने फरार ट्रक को सोनौली सीमा के पास से पकड़ लिया। चालक की तलाश अभी जारी है।
सांसद जगदंबिका पाल रात में पहुंचे स्थल पर, दी ₹50,000 की सहायता
इस दर्दनाक हादसे की सूचना पाकर सांसद जगदंबिका पाल देर रात स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दृश्य अत्यंत व्यथित करने वाला था । सांसद ने मौके पर डॉक्टर को बुलवाया, जिन्होंने 47 घायल भेड़ों का इलाज किया। उन्होंने पीड़ित को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आजीविका पर संकट, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के समय सड़क पर कई लोग मौजूद थे। यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। पशुपालक चिनगुद ने कहा कि इस घटना से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और अब परिवार के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और गति नियंत्रण की मांग की है।


