सिद्धार्थनगर में मूर्तियां हटीं, धरना हुआ, आश्वासन मिला– जानिए पूरे विवाद की कहानी

Via AAS EXPRESS Digital Media

सिद्धार्थनगर जिले के विकास भवन गेट के पास वर्षों से स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को प्रशासन ने मंगलवार आधी रात हटवा दिया। सुबह जानकारी होते ही श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया और विरोध शुरू हो गया। दोपहर बाद सांसद जगदंबिका पाल व नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव मौके पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। श्रद्धालुओं ने इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताया और अधिकारियों पर केस दर्ज करने की मांग उठाई। देर रात मंडलायुक्त अखिलेश सिंह मौके पर पहुंचे और सम्मानजनक स्थान पर मंदिर निर्माण कराने तथा तब तक पुरानी स्थिति बहाल करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।

सिद्धार्थनगर में मूर्तियां हटीं, धरना हुआ, आश्वासन मिला– जानिए पूरे विवाद की कहानी

विकास भवन गेट पर स्थापित प्रतिमाएं हटने से मचा बवाल

सिद्धार्थनगर जिले के विकास भवन गेट के पास वर्षों से स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को मंगलवार देर रात प्रशासन ने हटवा दिया। सुबह इसकी जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

श्रद्धालुओं का आरोप – आस्था पर आघात

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा व हनुमान जी सहित प्रतिमाएं वर्षों से पूजा-अर्चना का केंद्र थीं। परसा गांव की श्रद्धालु सुधा त्रिपाठी ने बताया कि उनके पिता ने यहां मन्नत पूरी होने पर प्रतिमा स्थापित की थी। उन्होंने प्रशासन पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

सांसद जगदंबिका पाल का धरना

बढ़ते विरोध के बीच सांसद जगदंबिका पाल और नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव भी दोपहर बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीएम और एसडीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज करने और मंदिर निर्माण की मांग उठाई। शाम तक धरनास्थल पर बड़ी भीड़ उमड़ आई।

प्रशासन की सफाई और मंडलायुक्त का आश्वासन

प्रशासन का कहना है कि स्थल पर गंदगी फैल रही थी और सम्मानजनक स्थान पर मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। देर रात मंडलायुक्त अखिलेश सिंह पहुंचे और सांसद व श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि जल्द ही विकास भवन के पास नई जगह पर मंदिर बनाया जाएगा। तब तक पुरानी स्थिति बहाल रखने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

सिद्धार्थनगर में मूर्तियां हटीं, धरना हुआ, आश्वासन मिला– जानिए पूरे विवाद की कहानी

माहौल शांत लेकिन असंतोष बरकरार

आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रतिमा हटाने की कार्रवाई से उनकी आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। फिलहाल लोग नए मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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