सिद्धार्थनगर: भवानीगंज पुलिस ने उजागर की झूठी लूट की कहानी
जनपद सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र में झूठी लूट की सूचना देने का मामला सामने आया है। राहुल यादव निवासी गौहनियाराज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि ट्यूबेल चौराहे पर तीन लोगों ने ₹1.20 लाख लूट लिए। पुलिस जांच में यह सूचना झूठी पाई गई। पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसने केवल कहासुनी के बाद विपक्षियों पर कार्रवाई कराने के लिए गलत सूचना दी थी। बाद में दोनों पक्षों में फिर विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान किया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना देने पर सख्त कार्रवाई होगी।

भवानीगंज थाना क्षेत्र में झूठी लूट की शिकायत, पुलिस जांच में खुली पोल
सिद्धार्थनगर जनपद के भवानीगंज थाना क्षेत्र में रविवार को दर्ज की गई लूट की शिकायत झूठी निकली। पुलिस ने मामले की गहन जांच कर शिकायतकर्ता की सच्चाई उजागर कर दी।
शिकायतकर्ता ने लगाया था लूट का आरोप
गौहनियाराज निवासी राहुल यादव ने 14 सितंबर को पुलिस को सूचना दी कि ग्राम चकचई और बयारा के तीन युवकों ने ट्यूबेल चौराहे पर उससे ₹1.20 लाख रुपये लूट लिए। उसने ग्राम प्रधान और चौकीदार से पैसे लेने की बात भी बताई थी।
पुलिस जांच में सामने आई हकीकत
थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों से पूछताछ की। मोबाइल ऑडियो क्लिप और पूछताछ के आधार पर मामला संदिग्ध लगा। सख्ती से पूछने पर राहुल ने स्वीकार किया कि केवल कहासुनी के बाद विपक्षियों पर कार्यवाही कराने की नीयत से उसने झूठी सूचना दी थी।
दोनों पक्षों में फिर हुआ विवाद
15 सितंबर को जब पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर जांच की तो वहां दोबारा विवाद हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में चालान किया। साथ ही, वाहन कागज न होने पर बाइक जब्त कर थाने में जमा की गई।
पुलिस की सख्त चेतावनी
भवानीगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि झूठी सूचना देना न केवल अपराध है बल्कि समाज और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ भी है। ऐसे मामलों में छह माह से दो वर्ष तक की सजा और ₹5,000 तक का जुर्माना हो सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि केवल सत्यापित सूचना ही दें ताकि संसाधनों का दुरुपयोग और भय का माहौल न बने।


