जानिए कैसे नेपाल में दो दिन में गिरी पूरी सरकार
नेपाल में राजनीतिक संकट ने तख्तापलट का रूप ले लिया है। सोमवार को काठमांडू से शुरू हुआ शांतिपूर्ण युवा आंदोलन सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ हिंसक हो गया। पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज में 20 से अधिक लोग मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए। हालात बिगड़ने पर गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी मंगलवार को पद छोड़कर सेना हेलीकॉप्टर से निकल गए। आगजनी में पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी की मौत हो गई। स्थिति गंभीर होने पर भारत-नेपाल सीमा, खासकर महराजगंज के सोनौली बार्डर को सील कर दिया गया।

नेपाल में युवा विद्रोह, ओली सरकार गिरी
नेपाल में अचानक भड़के युवा आंदोलन ने केपी शर्मा ओली सरकार को गिरा दिया। काठमांडू से शुरू हुआ यह आंदोलन दो दिनों में ही देशभर में फैल गया।
आंदोलन की वजह: सोशल मीडिया प्रतिबंध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार
आंदोलन की शुरुआत सोमवार को काठमांडू में शांतिपूर्ण विरोध से हुई। युवाओं ने सोशल मीडिया पर पाबंदी, बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन पुलिस की फायरिंग और लाठीचार्ज से हालात बिगड़ गए। 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा घायल हो गए।
सरकार का पतन और नेताओं पर हमले
स्थिति बेकाबू होते ही गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को प्रधानमंत्री ओली ने भी पद छोड़कर सेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर शरण ली। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आगजनी से उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर भी हमले हुए।
भारत-नेपाल सीमा बंद, सुरक्षा बढ़ाई गई
विद्रोह का असर भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचा। महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर पर डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसपी सोमेंद्र मीणा ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों का आवागमन रोक दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
लोकतंत्र और नई पीढ़ी का संघर्ष
नेपाल का यह युवा विद्रोह नई पीढ़ी की ताकत का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओली सरकार के पतन से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की नई दिशा तय हो सकती है। हालांकि हालात अभी भी अस्थिर हैं और नेपाल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
रिपोर्ट : नीलू दुबे, महाराजगंज


