सिद्धार्थनगर में 7 जोड़ों का हुआ सुलह, परिवार बिखरने से बचे
सिद्धार्थनगर में परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम के तहत 1 सितंबर को महिला थाना परिसर में सुलह-संधि बैठक हुई। इसमें 10 पारिवारिक विवादों की पत्रावलियां विचारार्थ आईं। परामर्श के बाद 7 मामलों का सफल निस्तारण किया गया, जिससे संबंधित परिवार बिखरने से बच गए, जबकि 3 मामलों पर वार्ता जारी है। इस पहल में प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय और परामर्श टीम के उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला, महिला हेड कांस्टेबल सत्या त्रिपाठी, महिला आरक्षी नेहा सिंह, संगीता गौतम, प्रियंबदा सिंह और शिवानी सिंह का विशेष योगदान रहा।

सिद्धार्थनगर में 7 परिवार टूटने से बचे, परिवार परामर्श केंद्र की पहल सफल
सिद्धार्थनगर जिले में परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम के तहत आयोजित सत्र ने कई बिखरते परिवारों को जोड़ने का कार्य किया। यह बैठक 1 सितंबर 2025 को महिला थाना परिसर में हुई, जहां 10 पत्रावली परामर्श हेतु प्रस्तुत की गईं।
7 मामलों का निस्तारण, 3 पर वार्ता जारी
परामर्श के बाद 7 मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर लिया गया। इन परिवारों में पति-पत्नी के बीच बढ़ते मतभेद को बातचीत और समझदारी से दूर किया गया। वहीं 3 पत्रावलियों पर अभी भी वार्ता जारी है।
परामर्श टीम का योगदान
इस प्रक्रिया में प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने नेतृत्व किया। उनके साथ उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला, महिला हेड कांस्टेबल सत्या त्रिपाठी, महिला आरक्षी नेहा सिंह, संगीता गौतम, प्रियंबदा सिंह और शिवानी सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लाभान्वित परिवारों का विवरण
निस्तारित मामलों में मेठवा (थाना शोहरतगढ़), डोमानरा (थाना त्रिलोकपुर), दलदला (थाना खेसरहा), परसा, मधवापुर (थाना मिश्रौलिया), लमतिहवा और गुलराजपुर (थाना चिल्हिया) के परिवार शामिल रहे।
पहल का महत्व
‘नई किरण’ कार्यक्रम टूटते परिवारों को संवाद और सुलह के माध्यम से बचाने की कोशिश करता है। इस प्रयास से न केवल पति-पत्नी के रिश्तों में सुधार हुआ, बल्कि बच्चों और समाज पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।


