सिद्धार्थनगर : सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सिद्धार्थनगर में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य करने, बिना पंजीकरण या परमिट वाहनों पर कड़ी कार्रवाई तथा ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड वाहनों का चालान करने के निर्देश दिए गए। ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर साइनबोर्ड लगाने, संकेतक बोर्ड की सफाई और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्यता की बात दोहराई। बैठक में सीडीओ बलराम सिंह सहित एआरटीओ, शिक्षा विभाग और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, वाहनों की फिटनेस और यातायात नियमों पर सख्ती
सिद्धार्थनगर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर 28 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विद्यालय वाहनों की फिटनेस अनिवार्य
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों के सभी वाहनों की फिटनेस जांच कराई जाए। बिना पंजीकरण या फिटनेस वाले किसी भी वाहन को सड़क पर न चलने दिया जाए। विशेष रूप से बिना परमिट के चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड पर कड़ा रुख
एआरटीओ को निर्देश दिया गया कि ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान करें। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे वाहन सड़क दुर्घटनाओं के बड़े कारण हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ब्लैक स्पॉट और साइनबोर्ड व्यवस्था
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां साइनबोर्ड और गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, संकेतक बोर्ड की साफ-सफाई और सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना सुनिश्चित किया जाए।

सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता
बैठक में कहा गया कि एनएच और अन्य व्यस्त सड़कों के किनारे स्थित विद्यालयों में बच्चों और अभिभावकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य किया जाए।
आगे की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों और घायलों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की जाए, ताकि सुरक्षा उपायों का प्रभाव आंका जा सके।


